मौत

1


भूतों से बात करने वाले इस शख्स की रहस्यमयी तरीके से हुई थी मौत, आज जक नहीं सुलझी ये गुत्थी, क्यों ?......

ज़िंदगी से ज्यादा वो मौत का सच जानना चाहता था. मौत के बाद की सच्चाई पता लगाना चाहता था. मुर्दों को ढूंढना उसका शौक़ था. मुर्दों से बात करना उसका शग़ल. अनजान और अदृश्य लोगों की पहेली बुझाना उसका पेशा. लेकिन अब खुद उसी की मौत एक पहेली बन गई थी.ये कहानी है गौरव तिवारी की। अपनी महारत, खास मशीन और कैमरे



अफ़साना

छूटी जो गली उनकी दर्दे अफ़साना बन गया, बिछड़ना उनसे बहाना - ए - मौत बन गया. यूँ तो आना जाना लगा रहता है जिंदगी में, पर उनका इस तरह जाना गवारा ना हुआ. देख जिन्दा मुझे लगता है ये अफसाना झूठा,बिना उनके जीना मौत से कम तो ना हुआ.(आलिम)



कर्तव्य- नैतिकता के बीच जिम्मेदार कौन?

अमृतसर हादसा: पंजाब के अमृतसर में दशहरे पर बड़ा हादसा हो गया. रावण दहन के दौरान मची भगदड़ के कारण 61 लोग ट्रेन से कट गए. वे रेल की पटरी पर थे और रेल इतनी रफ्तार में आई कि वे संभल भी नहींसके. घटना में 150 से ज्यादा लोग घायल हैं. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पटरी के करीब 20



35 वर्षीय महिला को गली-गली निर्वस्त्र घुमाया गया, वो रोती-चिल्लाती और हाथ जोड़ती रही लेकिन वो खौफ देख 500 लोग सिर्फ तमाशबीन बने रहे

भोजपुर जिले के बिहिया शहर के बदनाम एरिया में सोमवार को एक युवक की रहस्यमय मौत के बाद भीड़ हिंसक बन गई। गुस्साए लोगों ने बदनाम एरिया पर हमला बोल दिया। तीन घरों में आग लगा दी। तीन गुमटियों और एक बाइक को फूंक डाला। एक घर को भी ध्वस्त करने का प्रयास किया। बदनाम एरिया की एक मह



भूख ?

भूख ? डॉ शोभा भारद्वाज भारत विकास शील देश है, राजधानी दिल्ली में चर्चा है तीन बच्चियाँ मर गयी पोस्ट मार्टम करने वाले डाक्टर ने कहा उनके पेट में अन्न का दाना भी नहीं था कुपोषण की शिकार आभा रहित बच्चियाँ सूख गयीं थी उनके शव देख कर ऐसा लगता था जैसे आठ दिन से कुछ खाया नही



कहानी - मौत की झांकी

शाम का समय था.चौराहे पर जाम लगा हुआ था. एक एम्बुलेंसलगातार सायरन दिए जा रही थी लेकिन उसे जगह देना कोई नही चाहता था. क्योंकि वहां पर भगवान राम की झांकी जा रही थी. येआयोजन शहर की एक सांकृतिक संस्था ने आयोजित किया था. कईनेतागण भी उसमे मौजूद थे. रईसों की तो गिनती ही नही क



लेख--ये तो उत्तम प्रदेश बनने की निशानी नहीं

गोरखपुर के चर्चे सियासी गलियारों में तेज़ है। तो उसी गोरखपुर के चर्चे जनमानस के जुबां पर भी है। अगस्त महीने के शुरुआती दौर में 60 बच्चों की मौत ने लोंगो को अचंभित कर दिया था। अब जब महीने के आखिर में भी 42 मौत हो गई । तो जनता के पैर के नीचे से जमीं खिसक रहीं है। इसके अलावा वह हतप्रभ, और व्याकुल हो उठी



अभिमन्यु की मौत ज़रूरी है

मन अभिमन्यु मैंने तुम्हें हर बार रोका पृष्ठ खोल महाभारत का दृश्य दिखाया पर तुमने चक्रव्यूह से पलायन नहीं किया ...तुमने हर बार कहा बन्द दरवाज़े की घुटन न हो तो कोई रास्ते नहीं खुलते ना ही बनते हैं !अभिमन्यु सी ज़िद अभिमन्यु सा हौसला और अंततः तुमने सिद्ध कर दिया अभिमन्यु किसी चक्रव्यूह में नहीं मरता वह



ग़ज़ल गंगा: ( ग़ज़ल ) हर पल याद रहती है निगाहों में बसी सूरत

( ग़ज़ल ) हर पल याद रहती है निगाहों में बसी सूरतसजा  क्या खूब मिलती है किसी   से   दिल  लगाने  की तन्हाई  की  महफ़िल  में  आदत  हो  गयी   गाने  की  हर  पल  याद  रहती  है  निगाहों  में  बसी  सूरत  तमन्ना  अपनी  रहती  है  खुद  को  भूल  जाने  की  उम्मीदों   का  काजल   



ग़ज़ल (मौत के साये में जीती चार पल की जिन्दगी)

Hindi Sahitya Kavya Sanklan provides free publishing opportunity to poets to write their poems in hindi, OR hindi kavita and hindi poems for kids Hindi Sahitya | Hindi Poems | Hindi Kavita | hindi poems for kids



मथुरा के बाद कश्मीर की वादियों में तनाव की आग

हिमालय की गोद में बसा जम्मू और कश्मीर अपनी नेचुरल ब्यूटी के लिए दुनिया भर में अपना एक ख़ास मुकाम रखता है। चारों ओर बिछी हुई बर्फ की सफेद चादर, देवदार तथा चीड़ के पेड़ों से गिरते बर्फ के टुकड़े सच में यहाँ आने वालों को नई दुनिया का आभास देते हैं। जिधर नजर दौड़ाएं, बस बर्फ ही बर्फ दिखती है और उस पर दिखते ह



मौत

मुद्दते गुजर गई अब इन्तजार किसको है इन दूरियों से इस कदर इकरार किसको है , तकल्लुफ ना कर अब इस ज़माने में रहने की क्यूकी ?जब ख़त्म जिंदगी , तो मौत से इंकार किसको है |



तेजाबी मौत या हमला : केवल फांसी ही सही दंड

अभी हाल ही में हुए दंड विधि [ संशोधन] अधिनियम ,२०१३ में तेजाब सम्बंधित मामलों के लिए धारा ३२६ -क व् धारा ३२६-ख अन्तः स्थापित की गयी हैं जिसमे धारा ३२६-क '' स्वेच्छ्या तेजाब ,इत्यादि के प्रयोग से घोर उपहति कारित करना ''को ही अपने घेरे में लेती है जिसमे कारावास ,जो दस वर्ष से कम नहीं किन्तु जो आ





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x