मलखान

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सामाजिक व्यवस्था बनाना ही सबसे बड़ी पूजा है - मलखानसिंह

वेद पुरानो के अध्यन से सिर्फ एक बात निकलकर आती है की जितने भी इस प्रथ्वी पर देव,महापुरुष अवतरित हुए उन सभी का उद्देश्य सामाजिक व्यवस्था बनाना था ! भगवान श्रीराम जी ने एक राजा के होने के बाबजूध पिता के वचन की खातिर राजमहल का त्याग कर वनवासी हो गए क्योकि कुल का यह स



पहला प्यार भुलाया नहीं जा सकता !!

किशोर अवस्था का अंतिम दौर और युवा अवस्था की दहलीज पर कदम रखते ही मन शांत और कुछ जानने की लालसा स्कूल से कालेज की दहलीज पर कदम रखते मन में किसी अजनबी के प्रति मोहकता एक तलास उथल- पुथल जैसे मन किसी को ढूँढ रहा है जैसे किसी की तलास है ! तभी एक अजनबी की आँखों से आँखे टकराई शर्म से आंकें झुकाई कभी उसको



राष्ट्र का संचालन करने वाले के लिए हर भारतीय ,पुत्र के सामान ,निजी स्वार्थ के लिए समुदाय के बीच पक्षपात करने वाला राष्ट्रप्रेमी नहीं हो सकता

हमारे देश में हिन्दू ,मुश्लिम ,सिख ,इशाई समुदाय के लोग रहते है संविधान की मनसा के अनुशार मनुष्य -मनुष्य में कोई भेद नहीं है जाती ,वंश ,धर्म ,लिंग में भेदभाव नही हो सकतासभी के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाइये यही प्रकृति का नियम भी है ! भारत के एक राजनैतिक दल को जनता ने पूर्ण बहुमददिया हर सम





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