मोहन



संजीवनी 2 अगस्त 12 को स्टार प्लस पर लॉन्च होगा | आई डब्लयू एम बज

संजीवनी 2, सुरभि चांदना, मोहनीश बहल, नमित खन्ना, गुरदीप कोहली और सयंतनी घोष के साथ आगामी बड़ी मेडिकल शो अगस्त के महीने में लॉन्च होगी। सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​के बैनर अल्केमी फिल्म्स द्वारा निर्मित इस शो को इसकी लॉन्चिंग की तारीख 12 अगस्त मिली है। हां, आपने सही सुना!! एक वि



द एक्सीडेंटल प्राईम मिनिस्टर

द एक्सीडेंटल प्राईम मिनिस्टर ? डॉ शोभा भारद्वाज डॉ मनमोहन सिंह जी परबनी फिल्म एक्सीडेंटल प्राईम मिनिस्टर का टेलर रिलीज किया गया है विवाद होनास्वाभाविक है डॉ मनमोहन सिंह की छवि एक ईमानदार व्यक्ति की रही रही है उनकी ईमानदारी पर किसी को शक नहीं है लेकिन आलोचक एवं विपक्ष उनकेकाल को घोटालों का काल



"पद" मोहन मुरली फिर न बजाना

"पद"मोहन मुरली फिर नबजानाराह चलत जल गगरीछलके, पनघट चुनर भिगाना।लाज शरम की रहनहमारी, मैँ छोरी बरसाना।।गोकुल ग्वाला बालाछलिया, हरकत मन बचकाना।घूरि- घूरि नैनामलकावें, बात करत मुसुकाना।।अब नहिं फिर मधुबनको आऊँ, तुम सौ कौन बहाना।रास रचाना बिनुराधा के, और जिया पछिताना।।महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी



दिगपाल (भाग-२, अंतिम)

दिगपाल ने मेरे ज़हन में एक सवाल पैदा कर दिया, क्या दिगपाल सचमुच देशभक्त था और देश भक्ति के लिए फ़ौज़ में भर्ती हुआ था? बचपन में जब उसके फ़ौज़ में भर्ती होने की बात सुनी थी तो यही समझ आया था कि गरीबी की वज़ह और अच्छी नौकरी ना मिलने की वजह से वो फ़ौज़ मे



सारी दुनिया प्यारी पर तू है सबसे प्यारा (Saari Duniya Pyaari Par Tu Hai Sabse Pyara )- मीरा का मोहन

Saari Duniya Pyaari Par Tu Hai Sabse Pyara Lyrics of Meera Ka Mohan : Saari Duniya Pyaari Par Tu Hai Sabse Pyara is a beautiful hindi song from 1992 bollywood film Meera Ka Mohan. This song is composed by Arun Paudwal. Anuradha Paudwal and Mohammad Aziz has sung this song. Its lyrics are written by



तुम्हें दिल से चाहा था हमने (Tumhein Dil Se Chaha Tha Hamne )- मीरा का मोहन

Tumhein Dil Se Chaha Tha Hamne Lyrics of Meera Ka Mohan : Tumhein Dil Se Chaha Tha Hamne is a beautiful hindi song from 1992 bollywood film Meera Ka Mohan. This song is composed by Arun Paudwal. Anuradha Paudwal and Mohammad Aziz has sung this song. Its lyrics are written by Indeevar. मीरा का मोहन (



मीरा का मोहन (Meera Ka Mohan )

'मीरा का मोहन' 1 99 2 की हिंदी फिल्म है जिसमें अविनाश वाधवन, अश्विनी भावे, दीपक सराफ, आलोक नाथ, प्राण, राकेश बेदी, एके हंगल और अशोक सराफ प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हमारे पास मीरा का मोहन के 2 गाने हैं। अरुण पादुवाल ने अपना संगीत बना लिया है। अनुराधा पादुवाल और मोहम्मद अज़ीज़ ने इन गीतों को गाया है जब



BJP से लोकसभा राधा मोहन सिंह का जीवन परिचय

राधा मोहन सिंह (जन्म 1 सितंबर 1949) एक भारतीय राजनेता हैं, जिनका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबंध है। वर्तमान में राधा मोहन सिंह कृषि और किसान कल्याण, भारत के केंद्रीय मंत्री हैं। सिंह 2006 से 2009 तक भाजपा की बिहार राज्य इकाई के अध्यक्ष थे। राधा मोहन सिंह 9 वीं लोकसभा, 11 वीं लोकसभा, 13 वीं लोकस



जटुआ , श्री चौधरी मोहन - लोकसभा सदस्य

निर्वाचन क्षेत्र -मथुरापुर (SC) (पश्‍चिम बंगाल)दल का नाम -अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (अ.भा.तृ.कां.)ईमेल -mj[DOT]choudhury[AT]sansad[DOT]nic[DOT]inजन्म की तारीख -09/06/1938उच्चतम योग्यता -स्‍नातकोत्तरशैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता -एम.कॉम.व्यवसाय -भा.पु.से. (सेवानि‍वृत्त)स्थायी पता -ए एल-46, सॉ



कुंदरिया , श्री मोहनभाई कल्‍याणजीभाई - लोकसभा सदस्य

निर्वाचन क्षेत्र -राजकोट (गुजरात)दल का नाम -भारतीय जनता पार्टी ( भा.ज.पा.)ईमेल -mk[DOT]kundariya[AT]sansad[DOT]nic[DOT]in mk[DOT]kundariya[AT]yahoo[DOT]comजन्म की तारीख -06/09/1951उच्चतम योग्यता -मैट्रिकशैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता -अवर मैट्रिकव्यवसाय -कृषकस्थायी पता -शिवम प्‍लेस, दर्पण



कुंदरिया , श्री मोहनभाई कल्‍याणजीभाई - लोकसभा सदस्य

निर्वाचन क्षेत्र -राजकोट (गुजरात)दल का नाम -भारतीय जनता पार्टी ( भा.ज.पा.)ईमेल -mk[DOT]kundariya[AT]sansad[DOT]nic[DOT]in mk[DOT]kundariya[AT]yahoo[DOT]comजन्म की तारीख -06/09/1951उच्चतम योग्यता -मैट्रिकशैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता -अवर मैट्रिकव्यवसाय -कृषकस्थायी पता -शिवम प्‍लेस, दर्पण



जब सरकार ने पचास टन सोना हमसे छुपाकर रातों-रात विदेश भिजवा दिया

राजीव गांधी को पता था कि 1989 में होने वाले चुनावों में उनकी सरकार वापस नहीं आने वाली. लेकिन एक आस तो हमेशा ही बनी रहती है. इसी ‘आस’ के चलते उन्होंने या उनके वित्त मंत्रालय ने कोई कदम नहीं उठाए.ये कहानी है आस की. आस जो कांग्रेस को थी कि ‘लाइसेंस परमिट’ राज देश का विकास कर



मैं , लेखनी और ज़िन्दगी : ख्बाबों में अक्सर वह हमारे पास आती है

दिल के पास है लेकिन निगाहों से जो ओझल हैख्बाबों में अक्सर वह हमारे पास आती हैअपनों संग समय गुजरे इससे बेहतर क्या होगाकोई तन्हा रहना नहीं चाहें मजबूरी बनाती हैकिसी के हाल पर यारों,कौन कब आसूँ बहाता हैबिना मेहनत के मंजिल कब किसके हाथ आती हैक्यों हर कोई परेशां है बगल बाले की



क्या यह प्रधानमंत्री पद की गरिमा का अपमान नहीं है

क्या यह प्रधानमंत्री पद की गरिमा का अपमान नहीं है वर्तमान में चल रहे संसद के शीतकालीन सत्र में भारतीय लोकतंत्र की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा माफी की मांग पर सदन की कार्यवाही में लगातार बाधा डालने का काम कर रही है। वैसे ऐसा पहली



राजस्थानी सिनेमा और आज का दौर !

राजस्थानी सिनेमा , इस शब्द को सुनकर ही आपको ऐसा लगेगा की मैं  क्या फालतू बात कर रहा हु , कयूकि आप सभी के हिसाब से तो सिनेमा सिर्फ या तो अमिताभ बच्चन वाला है या फिर आप शकीरा के ठुमको को सिनेमा मानोगे , लेकिन हाल ही पिछले दो तीन साल में जो क्षेत्रीय सिनेमा नाम का एक शब्द उभर कर आया है उसने न केवल शाकि



ग़ज़ल (बीती उम्र कुछ इस तरह कि खुद से हम ना मिल सके)

Hindi Sahitya | Hindi Poems | Hindi Kavitaकल तलक लगता था हमको शहर ये जाना हुआइक शख्श अब दीखता नहीं तो शहर ये बीरान हैबीती उम्र कुछ इस तरह कि खुद से हम ना मिल सकेजिंदगी का ये सफ़र क्यों इस कदर अनजान हैगर कहोगें दिन को दिन तो लोग जानेगें गुनाहअब आज के इस दौर में दीखते कहा



कविता ,आलेख और मैं : बहन भाई और रक्षा बंधन

बहन भाई और रक्षा बंधनराखी का त्यौहार आ ही गया ,इस  त्यौहार को मनाने  के लिए या कहिये की मुनाफा कमाने के लिए समाज के सभी बर्गों ने कमर कस ली है। हिन्दुस्थान में राखी की परम्परा काफी पुरानी है . बदले दौर में जब सभी मूल्यों का हास हो रहा हो तो भला राखी का त्यौहार इससे अछ



मदन मोहन सक्सेना की रचनाएँ : आ गया राखी का पर्ब

आ गया राखी का पर्बराखी का त्यौहार आ ही गया ,इस  त्यौहार को मनाने  के लिए या कहिये की मुनाफा कमाने के लिए समाज के सभी बर्गों ने कमर कस ली है। हिन्दुस्थान में राखी की परम्परा काफी पुरानी है . बदले दौर में जब सभी मूल्यों का हास हो रहा हो तो भला राखी का त्यौहार इससे अछुता कैस



ग़ज़ल गंगा: ( ग़ज़ल ) हर पल याद रहती है निगाहों में बसी सूरत

( ग़ज़ल ) हर पल याद रहती है निगाहों में बसी सूरतसजा  क्या खूब मिलती है किसी   से   दिल  लगाने  की तन्हाई  की  महफ़िल  में  आदत  हो  गयी   गाने  की  हर  पल  याद  रहती  है  निगाहों  में  बसी  सूरत  तमन्ना  अपनी  रहती  है  खुद  को  भूल  जाने  की  उम्मीदों   का  काजल   



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