जय गणेश देवा आरती लिरिक्स हिंदी में

जय गणेश जय गणेशजय गणेश देवा !!जय गणेश जय गणेशजय गणेश देवा !!माता जाँकी पार्वती पिता महादेवा !!माता जाँकी पार्वती पिता महादेवा !!पूरी आरती देखने के लिए नीचे क्लिक करेंजय गणेश जय गणेश



छत्तीसगढ़ी कविता का संसार

छत्तीसगढ़ी कविता में जनवादी चेतना के स्वरडाॅ सुधीर शर्मा, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय,भिलाईनगर दुर्ग छत्तीसगढ़ जनवाद अंग्रेजी के डेमोक्रेसी शब्द का हिंदी प्रतिरूप माना जाता है। वैसे लोकतंत्र के अतिरिक्त जनतंत्र, प्रजातंत्र, जम्हुरियत, लोकशाही जैसे शब्द भी जनवाद



कोरोना से डेराने हैं।

कोरोना से डेराने हैं।अभी लेखक सभी हेराने हैं ... कही लिखते मिले तो भईया हमे बता दइयों। कोरोना मे अपने वजूद को भुलाने हैं।खोकर मीडिया के हो-हल्ला मे, सामाज को रचने वाले शब्द हेराने हैं... कवि, ब्यंग, शायर, गजल सभी बौराने हैं,खोज-खाज राजनीति के चुटकले उन्हे नही फैलाने हैं।सच कहने व लिखने से लेखक भी



प्रसवपूर्व देखभाल

प्रसवपूर्व देखभाल का उद्देश्य क्या है?गर्भावस्था के सफ़र में प्रसव से पहले माँ और बच्चे का देखभाल बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रसव से पहले माँ और बच्चे का देखभाल स्वस्थ रखने में मदद करती है। आपके चिकित्सक प्रसव से पहले गर्भावस्था के दौरान माँ और बच्चे के विकास पर पूरी निगरानी रखते हैं,और भविष्य मई होने



कोरोना वायरस - अर्चना की रचना

धर्म-जाति से परे हिंदी कविता एक भयावह महामारी पर शीर्षक -: कोरोना वायरस लिखना नहीं चाहती थी पर लिखना पड़ा कहना नहीं चाहती थी पर कहना पढ़ा आज कल जो माहौल है उसे देख ये ख़ामोशीतोडना पड़ा जब हम जैसे पढ़े लिखे ही चुप हो जायेंगे तो इस देश को कैसे बचा पाएंगे जो फंसे हुए हैं हिन्दू -मुस्लिम के आपसी मुद्दों म



दीपक

🕉️ 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🕉️दीपक यह जलता रहा रात भरज्योत्सना से भरी रात्रि जी भरदग्ध-बीजों को मीले सातवरअमरत्व मिला न आएगाजरगुँजायमान् चहुंओर शंखनाद् स्वर'कोरना' व्यध्र- इति होना है कहर नैतिकवादियों का प्रारंभ प्रहरसात्विकों की जय- सुनिश्चितअनैश्वरवादी का अंत निश्चितअजपाजप वर करें सब मिलकरहर आतंकी स्व



खबरदार पाकिस्तान

खबरदार पाकिस्तानआज एल. ओ. सी. पार ९ आतंकीहिमाकत कर फिर ढ़ेर हुए।इमरान को क्वारेन्टाइन कीजरुरत नहीं- सीमा पारसमय को नज़ाकत भूलउझील दिए।।कोरोना की अंत्येष्टि कर लेंसमझे नहीं पुलवामा-बार-बार पंगा लिए।कब्रें बनालो यार चीन केपाक पर जलेगें हमारे१० लाख दिए।।डॉ. कवि कुमार निर्मल



हसन मियाँ कुछ कीजिये

रामनाथ जी और हसन मियाँ , सदियों से साथ रह रहे हैं. एक ही धरती और एक ही देश में, बस चेहरा और जगह बदल जाया करती है. लेकिन किसी घटना को ले के दोनों के रवैये में बड़ा ही अंतर है.



शब्दनगरी से मुलाक़ात...

शब्दनगरी में ये मेरी पहली पोस्ट है. फेसबुक छोड़ कर यहाँ आना महज अपने भीतर कि उदासी, बेचैनी या निराशा से निजात पाने का जरिया भी हो सकता है पर फेसबुक से कुछ दिन के लिए डिटॉक्स होना जरुरी लगा.लेकिन क्या करू ब्लॉग लिखने की आदत जो ठहरी ये किसी नशे से काम थोडी है ..जैसे एक मैखाने के बंद होने पर हम नया मै



करोना

करो ना कुछ, रोको करोना को, ताली बजा ली थाली बजा ली,अब तो दिया बाती भी जला ली, पर रुका ना कोप इसका है, बात ना बढ़ जाए कही आगे, कुछ करो ना, रोको करोना को. बाते करने से जंगे जीती नहीं जाती, तीर और तलवार से लड़ना पड़ता है. (आलिम)



कोरोना के खिलाफ आज जलेगा दीया दिखेगी एकजुटता

🔘युगान्धर टाइम्स न्यूज नई दिल्ली। कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में आज यानी पांच अप्रैल को देश एक बार फिर एकजुट दिखेगा। इस महामारी के अंधकार को चुनौती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर देश के 130 करोड़ लोग रात नौ बजे नौ मिनट के लिए दीया जलाएंगे। यह दीप जलाना इस



ये लोग, खुद भी मरेंगे, हमको भी मारेंगे

आज 22 मार्च 2020 को, 'जनता कर्फ्यू' का आवाहन हुआ है, और देश ने तय किया की हम अपनी बालकनी या दरवाजों पे ख



कोरोना वायरस

सकारात्मक संदेश



मियाँ मिठ्ठू

मियाँ मिठ्ठू दान वो होता है जो गुप्त दिया जाए, काम वो होता है जो खुद बोले, तारीफ़ वो होती है जो दूसरे करे. बता कर चंदा दिया जाता है, काम करने का शोर मचाना प्रचार होता है, खुद की तारीफ करने वाला मियाँ मिठ्ठू होता है. दान ब



इकोनॉमी

जब इकोनॉमी हो आउट ऑफ़ कन्ट्रोल,ताली बजाकर बोल, थाली बजाकर बोल, दिया जलाकर बोल आल इस बेस्ट.



कोरोना की समस्या

आज जब देश के हालात खराब हो गये कि लोगों को लोगों से ही खतरा है, ऐसी परिस्तिथि मे सभी लोगों को एक जुट होके इस कोरोना कि समस्या का हल निकालना चाहिए , घर पे रहो , कुछ दिन, या जहाँ हो वहीं ठेहर जाओ..



ब्रह्म ज्ञान

लिखा ओंकार ने कभीबैठकर इक दिन सच में मानव तूँ इक दिन हैरान होगारुकेंगी बसें विमान ट्राम और रेलें बंद पलों मेंसारा सामान होगालिखा ओंकार ने कभी बैठकर इक दिन सच में मानव तूँइक दिन हैरान होगापक्षी चहकेंगे सुखी साँस होगा प्रदूषण रहित तबसारा संसार होगापाताल धरती पानी आकाश पर काबज कैद घर में इक दिनइंसान हो



मेरा दिल एक अलमारी

कभी खुला किसी के सामने,तो कभी बंद हो गयामेरा दिल एक अलमारी सा हो गयाहज़ारों तरह की किताबें छुपी हैं मेरे दिल मेकभी हंसी मज़ाक ,तो कभी तन्हाईकभी रहस्यमय परिस्थितियों मे कोई बात समझ ना आईकभी खुला किसी के सामने तो कभी बंद हो गयामेरा दिल एक



अन्तिम नवरात्र और कन्या पूजन

नवमनवरात्र – देवी के सिद्धिदात्री तथा अन्नपूर्णा रूपों की उपासनाकल चैत्र शुक्लनवमी तिथि है – चैत्र शुक्ल नवरात्र का नवम तथा अन्तिम नवरात्र – देवी केसिद्धिदात्री रूप की उपासना – दुर्गा विसर्जन | यों तो देवी के समस्त रूप हीसिद्धिदायक हैं – यदि पूर्ण भक्ति भाव और निष्ठा पूर्वक उपासना की जाए | किन्तु जै



धर्म का मर्म- असग़र वज़ाहत

मरकज़ की घटना पर जनाब असग़र वज़ाहत साहेब के विचारधर्म का मर्म- असग़र वज़ाहतदिल्ली में निजामुद्दीन इलाके के मरकज़ में जो घटना घटी उसने बहुत से सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहली बात यह की बिना प्रशासन को विश्वास में लिए इतने लोगों का जमा करना और वह भी इस माहौल में जमा करना कितना उचित है और कितना नहीं । दूसरी



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