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टीबी के उपचार में आसान घरेलू उपाय | TB Ka Gharelu Ilaz In Hindi

भारत देश में टीबी रोग एक महारोग के रुप में फैल चुका है टीबी के कारण वर्षभर में लाखों लोगों की मौत हो जाती है इसका एक प्रमुख कारण यह भी इस रोग के बारें में लोगों में जानकारी का अभाव है। टीबी मानव शरीर में माइकोइक्टीरियम ट्युबरक्लोसिस बैक



चुनाव जीतने के हथकंडे

चुनाव जीतने के हथकंडे डॉ शोभा भारद्वाज लोकसभा केचुनावो का सीजन चल रहा है पहला चरण समाप्त हो गया अब दूसरे चरण का चुनाव हो रहा है| चुनाव जीतने केतरीके अब पहले जैसे नहीं रहे चुनाव आयोग की कोशिश रही है निष्पक्ष रूप सेचुनाव कराये जा सकें ,चुनावों में धन का अपव्यय न हो योग्य व्यक्तिचुनाव लड़ने



अमद मिंटू दंगल टीवी के ये इश्क़ नहीं आसान में

प्रतिभाशाली अभिनेता अमद मिंटू ने दंगल टीवी के ये इश्क़ नहीं आसान में नज़र आएंगे अधिक जानकारी के लिए https://hindi.iwmbuzz.com/television/news/amaad-mintoo-bags-dangal-tvs-yeh-ishq-nahi-asaan/2019/04/02



खून नहीं बहने देंगे

खून नहीं बहने देंगेसेना की सूझबूझ पर गर्व है,जिसे युद्ध, क़ुरबानी, शांतिऔर निर्माण अनुभव का।धिक्कार है उन परजिन्हें अनुभव है...सिर्फ़ दंगा, हिंसा,हत्या, विध्वंस,और बदअम्नी का...।राजनीति चाहे...लाशों पर हो, सेना पर,चाहे मंदिर-मस्जिद पर हो,देश विरोधी घृणित नीति कोदेश निकाला दे देंगे।सौगंध हमें इस मिट्



शोला नहीं, अंगार करो

शोला नहीं, अंगार करोएक नहीं अब सौ-सौ बार करो,प्रतिदिन ऐसे ही पलटवार करो।सारा पाकिस्तान भस्म हो जाए,रणनीति अब कोई ठोस तैयार करो।आज मत करना श्रृंगार की बातेंनहीं करना किसी सरकार की बातेंबंद आज सारे गीत मल्हार करोरणनीति अब कोई ठोस तैयार करो।ललकार है आ जाओ अब रण मेंमिला दो दुश्मन को कण-कण मेंखुद को शोला



आखिर देश को क्या हो गया है।

‘‘पुलवामा’’ में हुई बड़ी वीभत्स आंतकी घटना में 40 सैनिकों के शहीद हो जाने की प्रतिक्रिया स्वरूप पाकिस्तान में घुस कर बालाकोट में किये गये हवाई हमलों के द्वारा ‘‘जैश-ए-मोहम्मद’’के आंतकवादी कैम्प (प्रशिक्षण शिविर) को नष्ट करने के बाद सम्पूर्ण देश ने एक जुट होकर सेना व सरकार को बधाई दी थी। कांग्रेस सहि



तीर्थ राज प्रयाग राज में महापर्व अर्द्ध कुम्भ स्नान

तीर्थ राज प्रयाग राज में महा पर्व अर्द्ध कुम्भ स्नान डॉ शोभा भारद्वाज पुराणों में वर्णित पोराणिक कथाओं के अनुसार देवताओं एवं दानवों ने मिल के समुद्र मंथन किया था तय था समुद्र मंथन से जो रत्न निकलेंगे दोनों पक्ष मिल कर बाँट लेंगे मन्दराचल पर्वत को मथनी बनाया भगवान विष्णु ने कच्छप अवतार धारण कर समुद्र



2019 के लोकसभा चुनाव केे बाद ‘‘एनडीए’’ के प्रधानमंत्री क्या नितिन गडकरी होगें?

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आरएसएस के करीबी, कॉर्पोरेट और व्यापार जगत के चहेते और केन्द्र की मोदी सरकार के नियत अवधि में अपेक्षित परिणाम देने वाले सड़क परिवहन, जहाज रानी व गंगा सफाई विभाग के मंत्री नितिन गडकरी केे पिछले कुछ समय से जो बयान आ रहे है वे निश्चित रूप से सामान्य



‘‘कुंभ’’ ‘‘महाकुंभ’’ और ‘‘अर्धकुंभ’’ में क्या कोई अंतर हैं?

प्रयागराज (इलाहबाद) में मकर संक्र्राति से ‘‘अर्धकुंभ’’ प्रारंभहुआ है। लेकिन इस अर्धकुंभ को केन्द्रीय सरकार से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार व समस्तमीडिया चाहे वह प्रिंट हो या इलेक्ट्रानिक इसे कुंभया महा!कुंभ कहकर महिमा-मंडित कर रहे हैं। इस ‘‘कुंभ’’ के जबरदस्तप्रचार-प्रसार के कारण ही मुझे भी यह शक हु



"गीतिका" भुला बैठे हमारे प्यार और इजहार के वो दिन नहीं अब याद आते है मुहब्बत प्यार के वो दिन

मापनी- 1222 1222 1222 1222, समांत- आर, पदांत- के वो दिन"गीतिका" भुला बैठे हमारे प्यार और इजहार के वो दिननहीं अब याद आते है मुहब्बत प्यार के वो दिनलिखा था खत तुम्हारे नाम का वो खो गया शायदकहीं पर शब्द बिखरे हैं कहीं मनुहार के वो दिन।।उठाती हूँ उन्हें जब भी फिसल कर दूर हो जातेबहारों को हँसा कर छुप गए



18 जनवरी 2019

8 मुख्य पाठ साधारण जीवन जीने के लिए।

पिछले दर्जन सालों से, मैं (अपेक्षाकृत) सरल जीवन जी रहा हूं। कभी-कभी, मेरे जीवन की जटिलता बढ़ती है, और मैं बस जीने की अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करता हूं।एक साधारण जीवन जीना, वापस पार करने के बारे में है, ताकि आपके पास सांस लेने के लिए जगह हो। यह कम के साथ करने के बारे में है, क्योंकि आपको एहसास है



कहीं भाजपा का ‘‘कमल’’(भगवा) एजेंडा’’ कांग्रेस के ‘‘नाथ’’ ने चुरा तो नहीं लिया है?

मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में ‘‘कमल’’ को अनाथ न होने देने वाले हमारे पडोसी जिले छिंदवाडा के कमलनाथ द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली गई जिसके लिये उन्हे हार्दिक बधाईयाँ, वंदन व अभिनंदन। सम्पन्न शपथ ग्रहण समारोह में वास्तव में ऐसा लगा ही नहीं कि वह किसी कांग्रेसी मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण स



"गज़ल" अजी यह इस डगर का दायरा है सहज होता नहीं यह रास्ता है

वज़्न - 1222 1222 122 , अर्कान - मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फऊलुन बह्र - बह्रे हज़ज मुसद्दस महज़ूफ़, काफ़िया - डूबता(आ स्वर) रदीफ़- है"गज़ल"अजी यह इस डगर का दायरा है सहज होता नहीं यह रास्ता है कभी खाते कदम बल चल जमीं परहक़ीकत से हुआ जब फासला है।।उठाकर पाँव चलती है गरजबहुत जाना पिछाना फैसला ह



राहुल गांधी का ‘एप’ के माध्यम से मुख्यमंत्री चुनना! जनादेश का अपमान नहीं?

पाँच प्रदेशों में हुये विधानसभा चुनावों में तीन विधानसभाओं में कांग्रेस सरकारें बनने जा रही है। कांग्रेस पार्टी द्वारा तीन प्रदेशों में मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया की औपचारिकताओं की (औपचारिक) पूर्ती की जाकर विधायक दल द्वारा अंतिम निर्णय लेने का अधिकार परम्परा अनुसार हाई कमान अर्थात राहुल गांधी को



तुम्हें बच्चों की, याद नहीं आती है ,

वृद्ध दंपति द्वारा आत्महत्या... दुर्भाग्यपूर्ण घटना –हल्द्वानी...2018…( भाव= काल्पनिक )जैसे-जैसे आज शाम ढलने लगी, रोज़ की तरह दीपक की, लौजलने लगी,पत्नी की एकटक आँखें, डब- डबा रही थी,घर की एक-एक चीज़, आँखों में उतर-आ रही थी, दोनों नेमिलकर जाने कैसा , अभागा निर्णयले लिया,



जीवन जीना आता ही नहीं

जीवन जीना आता ही नहींहम को जीना आता ही नहीं; हम को जीना आता ही नहीं ;हम को जीना आता ही नहीं।कहीं पहुंच जाने के चक्कर में रहते हैं;जीवन यात्रा का आनंद जाना ही नहीं।और, और, और अधिक चाहते रहते हैं;नया पकड़ने केलिए, मुट्ठी ढ़ीली करना आता ही नहीं।दूसरों को जिम्मेदार ठहरता रहता है;बदलना तो स्वयं को है, पर स



जीवन जीना आता ही नहीं

जीवन जीना आता ही नहीं हम को जीना आता ही नहीं; हम को जीना आता ही नहीं ; हम को जीना आता ही नहीं। कहीं पहुंच जाने के चक्कर में रहते हैं;जीवन यात्रा का आनंद जाना ही नहीं। और, और, और अधिक चाहते रहते हैं;नया पकड़ने केलिए, मुट्ठी ढ़ीली करना आता ही नहीं। दूसरों को जिम्मेदार ठहरता रहता है;बदलना तो स्वयं को है,



क्या माननीय उच्चतम न्यायालय त्यौहारों के मुहूर्त भी निकालेगी?

माननीय उच्चतम न्यायालय के आए निर्णय ने एक बार फिर उच्चतम न्यायालय के निर्णयों पर प्रश्नवाचक चिन्ह उठा दिया है। उच्चतम न्यायालय ने अपने इस निर्णय द्वारा विभिन्न धार्मिक आयोजनों के अवसरों पर पटाखे जलाने की समयावधि, गुणवक्ता की डेसीबल व मात्रा तय की है। आखिर उच्चतम न्यायालय को आज कल हो क्या गया है? मू



अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग

अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग मन से मन की बातों को,शब्दों के जज्बातों को, सोचती जागती रातों को, अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग.......संबंधों की गहराई को, समय की दुहाई को, अपनों की अच्छाई को,अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग....... नेह से



कितनी वांछित है?

कितनी वांछित है?✒️युवा वर्ग जो हीर सर्ग है, मर्म निहित करता संसृति काअकुलाया है अलसाया है, मोह भरा है दुर्व्यसनों कापिता-पौत्र में भेद नहीं है, नैतिकता ना ही कुदरत का;ऐसी बीहड़ कलि लीला में, आग्नेय मैं बाण चलाऊँकहो मुरारे ब्रह्म बाण की, महिमा तब कितनी वांछित है?जो भविष्य को पाने चल दे, वर्तमान का भा



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