1


देखिए इस प्यार को क्या नाम दूं प्रसिद्ध एक्टर बरून सोबती की उनकी बेटी सिफत के साथ पहली तस्वीर | आई डब्लयू एम बज

बरून सोबती जो स्टार प्लस के शो इस प्यार को क्या नाम दूं में अर्णव ये किरदार से प्रसिद्ध हुए है, ने कपल के पहले बच्चे की आने की खबर मीडिया को मई में दी थीं। आई डब्लू एम बज्ज.कॉम ने सबसे पहले अापको ये खबर दी थी कि बरून सोबती और पश्मीन मनचंदा अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाल



"दोहावली" नमन शहीदों को नमन, नमन हिंद के वीर। हर हालत से निपटते, आप कुशल रणधीर।।

"दोहावली"नमन शहीदों को नमन, नमन हिंद के वीर।हर हालत से निपटते, आप कुशल रणधीर।।-1नतमस्तक यह देश है, आप दिए बलिदान।गर्व युगों से आप पर, करता भारत मान।।-2रुदन करे मेरी कलम, नयन हो रहे लाल।शब्द नहीं निःशब्द हूँ, कौन वीर का काल।।-3राजनयिक जी सभा में, करते हो संग्राम।जाओ सीमा पर लड़ो, खुश होगी आवाम।।-4वोट



चपैय्या छंद, हे माँ जग जननी, तुम्हरी अवनी, नाम रूप जगदंबा। शक्ति पीठ बावन, अतिशय पावन, नमन करूँ माँ अंबा।।

जय नव दुर्गा ^^ जय - जय माँ आदि शक्ति - छंद, शिल्प विधान, 10, 8, 12 मात्रा पर यति, प्रथम दो यति पर सम तुकांत, व प्रथम द्वितीय चरण का सम तुकांत....... ॐ जय माँ शारदा.......!शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ जगत जननी नवदुर्गा के 51 शक्तिपीठ को नमन करते हुए आप सभी को हार्दिक बधाई, ॐ जय माता दी!"चवपैय



नमन

40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले श्री राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे और संभवतः दुनिया के उन युवा राजनेताओं में से एक हैं जिन्होंने सरकार का नेतृत्व किया है। उनकी माँ श्रीमती इंदिरा गांधी 1966 में जब पहली ब



“छंद चवपैया " (मात्रिक )जय जय शिवशंकर प्रभु अभ्यांकर नमन करूँ गौरीशा।

शिल्प विधान- कुल मात्रा =३० (१० ८ १२) १० और ८ पर अतिरिक्त तुकान्त “छंद चवपैया " (मात्रिक )जय जय शिवशंकर प्रभु अभ्यांकर नमन करूँ गौरीशा। जय जय बर्फानी बाबा दानी मंशा शिव आशीषा॥प्रतिपल चित लाऊँ तोहीं ध्याऊँ मन लागे कैलाशा। ज्योतिर्लिंग



योग ही सशक्त मार्ग हैं स्वस्थ जीवन का ......

व्यस्त जीवन शैली में योग को अंग बनाईये,स्पर्धा भरे माहौल में चरम संतोष पाईये,निराशा ढकेल,सकारात्मक सोच का संचार कराता,उत्साह का सम्बर्धन कर व्यक्तित्व व सेहत बनाता,स्नान आदि से निवृत हो, ढीले वस्त्र धारण कर कीजिए योगासन,वर्ज आसन को छोड़ ,खाली पेट कीजिए सब आसन,मन्त्र योग,हठ योग,ली योग,राज योग इसके हैं



सादर नमन, शहीदी दिवस

मात्रा भार- 16+16= 32....... सादर नमन, शहीदी दिवस झूल गए फंदे पर वीरा, भाई तीनों हँसते हँसते सिंह भगत सुखदेव राजगुरु, दिए शहीदी लड़ते लड़ते धन्य मातु है देश धन्य है, मान्य धन्य चीर धन्य धनी उनके पथपर चल रे गौतम, राह दिखाए मरते मरते॥ आज शहीद दिवस यह कहता, मेरा दिन



पंडित चंद्रशेखर आज़ाद



मेरा भारत महान,



मेरा भारत महान



नमन | Arsh

नमन उनको जो गुमनाम हो गए,बांधे कफ़न मातृभूमि पर कुर्बान हो गए,आज़ादी की खूबसूरत मीनारों की,नीव की ईंट के सामान हो गए।





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x