कई राते

कई राते ठंडी बढ़ रही थी पूरा घर रज़ाई मे लिपटा हुआ था घर, आँगन,चौपाल, बरोठ, रज़ाई मे बस सासों का चलनाव घुड़का ही सुनाई देता। नीले आसमान मे आधा चाँद अपनी सफ़ेद रोशनी के साथ घर के बाहरसे गुजरती सड़क को निहार रहा था। सड़क शांत थी दिन की तरह घोड़े के टापूओं की आवाजनहीं थी बैलो की चौरासी नहीं बज रहे थे। मोटर के



पाटील, श्री ए.टी. नाना - लोकसभा सदस्य

निर्वाचन क्षेत्र -जलगांव (महाराष्‍ट्र)दल का नाम -भारतीय जनता पार्टी ( भा.ज.पा.)ईमेल -atnana[DOT]patil[AT]sansad[DOT]nic[DOT]inजन्म की तारीख -09/09/1961उच्चतम योग्यता -स्‍नातकोत्तरशैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता -एम.कॉम.व्यवसाय -कृषकस्थायी पता -रोहि‍त हाउस, प्‍लाट नम्‍बर 4, न्‍यू हाऊसिंग सोस



गुनगुनाना चाहता हूँ

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