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माँ दुर्गा की उपासना के लिए पूजन सामग्री

माँ दुर्गा की उपासना केलिए पूजन सामग्री साम्वत्सरिक नवरात्र चल रहे हैंऔर समूचा हिन्दू समाज माँ भगवती के नौ रूपों की पूजा अर्चना में बड़े उत्साह,श्रद्धा और आस्था के साथ लीन है | इस अवसर पर कुछ मित्रों के आग्रह पर माँ दुर्गाकी उपासना में जिन वस्तुओं का मुख्य रूप से प्रयोग होता है उनके विषय में लिखनाआरम



माँ दुर्गा की उपासना के लिए पूजन सामग्री - नारियल

माँ दुर्गा की उपासना केलिए पूजन सामग्री - नारियल साम्वत्सरिक नवरात्र चल रहे हैंऔर समूचा हिन्दू समाज माँ भगवती के नौ रूपों की पूजा अर्चना में बड़े उत्साह,श्रद्धा और आस्था के साथ लीन है | इस अवसर पर कुछ मित्रों के आग्रह पर माँ दुर्गाकी उपासना में जिन वस्तुओं का मुख्य रूप से प्रयोग होता है उनके विषय मे



माँ दुर्गा की उपासना के लिए पूजन सामग्री

माँ दुर्गा की उपासना के लिए पूजन सामग्रीसाम्वत्सरिकनवरात्र आरम्भ हो चुके हैं | इस अवसर पर नौ दिनों तक माँ भगवती के नौ रूपों कीपूजा अर्चना की जाती है | कुछ मित्रों ने आग्रह किया था कि माँ दुर्गा की उपासनामें जिन वस्तुओं का मुख्य रूप से प्रयोग होता है उनके विषय में कुछ लिखें | तो, सबसे पहले तो बतानाचा



माँ दुर्गा के पूजन की विधि

माँ दुर्गा के पूजन की विधिआजचैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ ही नवसंवत्सर का आरम्भ हुआ है और माँ भगवती की उपासनाका पर्व नवरात्र आरम्भ हो चुके हैं | सभी को हिन्दू नव वर्ष तथा साम्वत्सरिकनवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएँ...कुछमित्रों का आग्रह है कि नवरात्रों में माँ भगवती की उपासना की विधि तथा उसमेंप्रयुक्त



पर्शियन समाज को नौरोज की शुभकामनाएं

पर्शियन समाज को नौरोज की शुभकामनायेंडॉ शोभा भारद्वाज पर्शियन संस्कृति में नव वर्ष (नौरोज) सोलर हिजरी कलंडर के अनुसार बहार (बसंत) का पहला दिन है .21 मार्च को नौरोज ईरान ,टर्की ,सीरिया इराक ,एवं खुर्द समाज में धूमधाम से मनाया जाता है ,पर्व में होली का उल्लास चैत्र मास के नवरात्रों ,बैसाखी एवं ईस्टर



जोगीरा सारा रा रा रा

चाहें महँगा हो जाये पेट्रोल डेढ़ सौ पार।अच्छे दिन की कमी नही है, बढ़िया यह सरकार-जोगीरा सारा रा रा रा।।राजनीति में करते नेता, रुपयों से हैं खेल।महँगाई में बढ़ता देखो, आज नमक और तेल-जोगीरा सारा रा रा रा।।झूठे वादे करके नेता, लड़ते खूब चुनाव।भोली-भाली जनता के दिल, पर करते हैं घाव-जोगीरा सारा रा



‘कौमी एकता’ उर्फ़ "राष्ट्रीय एकता"

एकतामें बड़ी शक्ति होती हैं । वह परिवार, समाज, देशबहुत ज्यादा तरक्की करता हैं जहाँ एकता होती हैं. एकता हमें एक दूसरे का मान-सम्मानकरना सिखाती हैं । एकता हमें बुराइयों के खिलाफ़ लड़ने की ताकत देती हैं । एकता हीमानव जाति की पहचान हैं ।‘कौमी एकता’ मुख्यतः राष्ट्रीय एकता की



अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित हुए कवि अभिनव मिश्र 'अदम्य'

अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित हुए अभिनव मिश्र अदम्यशाहजहांपुर जिले के एक छोटे से गांव हरिबल्लभपुर के निवासी कवि अभिनव मिश्र अदम्य ने विश्व हिन्दी दिवस पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभागता की जिसमें उन्हें "अंतरराष्ट्रीय सृजनकार सम्मान 2020" से सम्मानित किया गया। अदम्य जी बहुत खुश



रहा, न कैद में,

रहा, न कैद में।सुवा कैद में रहकर उड़ान भरने की कोशिश करता है।कबूतर ऊँची उड़ान भरकर कैद में खुद चला आता है।उड़ना दोनो चाहते है इस दुनीयाँ में, आदत जो है उड़ने की। एक बंधन तोड़ना सिखाता है दूसरा बंधन में जुड़ना सिखाता है। वही मुर्गा सभी को जगाने की कोशिश किया जिसकी वजह से उसे हलाल होना पड़ा। कुत्ता वफ़ादार हो



बेटी की पुकार

सगुण छन्द122 122 122 121कहे गर्भ से आज बेटी पुकार।नही इस तरह कोख में मातु मार।यही चाहती माँ तुम्हीं से जवाब।बनी बेटियाँ क्यों जगत में खराब।रहीं देश में बेटियाँ भी सुजान।सदा आप समझो सुता-सुत समान।करो माँ न कच्ची कली पे प्रहार।नही इस तरह कोख में मातु म



नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ

सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त रहें, कोरोना जैसी किसी भी महामारी सब मुक्तहों... सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े…भारतीय जीवन दर्शन की इसी उदात्त भावना के साथ पूर्ण हर्ष और उल्लास से वर्ष 2020 को विदा करते हुए आइये स्वागत करें वर्ष 2021 का… सभी को नववर्ष की हर्ष भरी



आचरण

*आदिकाल में जब मनुष्य इस धरा धाम पर आया तो ईश्वर की दया एवं सनातन धर्म की छाया में उसने आचरण को महत्व देते हुए अपने जीवन को दिव्य बनाने का प्रयास किया | हमारे पूर्वजों एवं महापुरुषों ने मनुष्य के आचरण को ही महत्व दिया था क्योंकि जब मनुष्य आचरण युक्त होता है , जब उसके भीतर सदाचरण होते हैं तो उसमें स



सरदार पटेल

विधा- दोहाविषय-लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल दृढ़ संकल्पो से सदा, खेला जिसने खेल।उस युगद्रष्टा को कहे, जग सरदार पटेल ।निज कर्मों से ही किया, सपनों को साकार।रियासतों से ही दिया, नव भारत आकार।आन्दोलन नेतृत्व कर, हित में रहा किसान।बहनों ने सरदार कह, किया सदा सम्मान।चारित्रिक दृढ़ से पड़ा, लौह पुरुष था ना



नवम नवरात्र

नवमनवरात्र – देवी के सिद्धिदात्री तथा अन्नपूर्णा रूपों की उपासनारविवार 25 अक्तूबर को आश्विन शुक्लनवमी तिथि है – नवम तथा अन्तिम नवरात्र – देवी के सिद्धिदात्री रूप की उपासना –दुर्गा विसर्जन | नवमी तिथि का आरम्भ शनिवार को हो जाएगा लेकिन सूर्योदय से लगभगचौंतीस मिनट के बाद



भगवती के महागौरी रूप की उपासना

अष्टमनवरात्र – देवी के महागौरी रूप की उपासना के लिए कुछ मन्त्र या श्री: स्वयं सुकृतीनाम् भवनेषु अलक्ष्मी:, पापात्मनां कृतधियांहृदयेषु बुद्धि: |श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा, तां त्वां नताः स्म परिपालय देविविश्वम् ||शनिवार 24 अक्तूबर - आश्विन शुक्लअष्टमी - देवी के अष्टम रूप महागौरी की उपासना का दि



भगवती के कालरात्रि रूप की उपासना

सप्तम नवरात्र – देवी केकालरात्रि रूप की उपासनात्रैलोक्यमेतदखिलं रिपुनाशनेन त्रातंसमरमूर्धनि तेSपि हत्वा ।नीता दिवं रिपुगणाभयमप्यपास्तमस्माकमुन्मदसुरारि भवन्न्मस्ते ।।कल आश्विन शुक्ल सप्तमी – सप्तमनवरात्र – माँ भगवती के सप्तम रूप कालरात्रि की उपासना का दिन | सबका अन्त करनेवाले काल की भी रात्रि अर्थात



नवरात्र में कन्या पूजन की प्रासंगिकता

नवरात्रों में कन्या पूजन की प्रासंगिकता आजसभी ने माँ भगवती के छठे रूप – स्कन्दमाता – की उपासना की | शारदीय नवरात्र हों याचैत्र नवरात्र – माँ भगवती को उनके नौ रूपों के साथ आमन्त्रित करके उन्हें स्थापितकिया जाता है और फिर अन्तिम इन कन्या अथवा कुमारी पूजन के साथ उन्हें विदा कियाजाता है | कन्या पूजन किय



पञ्चम नवरात्र - देवी के स्कन्दमाता रूप की उपासना

पञ्चम नवरात्र – देवी के स्कन्दमाता रूप की उपासना केलिए मन्त्रसौम्या सौम्यतराशेष सौम्येभ्यस्त्वति सुन्दरी,परापराणां परमा त्वमेव परमेश्वरी |कल आश्विन शुक्ल पञ्चमी – पञ्चमनवरात्र – देवी के पञ्चम रूप की उपासना - स्कन्दमाता रूप की उपासना - देवी कापञ्चम स्वरूप स्कन्दमाता के रूप में जाना जाता है और नवरात्र



चतुर्थ नवरात्र - देवी के कूष्माण्डा रूप की उपासना

चतुर्थ नवरात्र – देवी के कूष्माण्डा रूप की उपासनाया देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यैनमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः |कलचतुर्थ नवरात्र है - चतुर्थी तिथि – माँ भगवती के कूष्माण्डा रूप की उपासना का दिन| इस दिन कूष्माण्डा देवी की पूजा अर्चना की जाती है | देवी कूष्माण्डा - सृष्टिकी आदिस्वरूपा



तृतीय नवरात्र - भगवती के चन्द्रघंटा रूप की उपासना

तृतीय नवरात्र - देवी के चंद्रघंटा रूप की उपासनादेव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या,निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या |तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्यानताः स्म विदधातु शुभानि सा नः ||कल आश्विन शुक्ल तृतीया है – तीसरा नवरात्र - देवी केचन्द्रघंटा रूप की उपासना का दिन | चन्द्रःघंटायां यस्याः सा चन्द्रघंटा



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