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बेहतर नींद पाने के लिए अपनाएं यह उपाय

नींद लेना सिर्फ शरीर को आराम देने के लिए ही जरूरी नहीं होता, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है। आमतौर पर देखने में आता है कि लोग तनाव या काम के बोझ तले देर रात तक जागते रहते हैं और फिर उसका विपरीत असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो रात को सोते तो हैं, लेकिन फिर भी सुब



"चौपाई मुक्तक" वन-वन घूमे थे रघुराई, जब रावण ने सिया चुराई। रावण वधकर कोशल राई, जहँ मंदिर तहँ मस्जिद पाई।

"चौपाई मुक्तक"वन-वन घूमे थे रघुराई, जब रावण ने सिया चुराई।रावण वधकर कोशल राई, जहँ मंदिर तहँ मस्जिद पाई।आज न्याय माँगत रघुवीरा, सुनो लखन वन वृक्ष अधिरा-कैकेई ममता विसराई, अवध नगर हति कागा जाई।।-1अग्नि परीक्षा सिया हजारों, मड़ई वन श्रीराम सहारो।सुनो सपूतों राम सहारो, जस



सपने की हकीकत

कल रात को मैंने एक सपना देखा भीड़ भरे बाज़ार में नहीं कोई अपना देखा मैंने देखा एक घर की छत के नीचे कितनी अशांति कितना दुख और कितनी सोच मैंने देखा चेहरे पे चेहरा लगाते हैं लोग ऊपर से हँसते पर अंदर से रोते हैं लोग भूख, लाचारी, बीमारी, बेकारी यही विषय है बात का आँख खुली तो देखा यह सत्य है सपना नहीं रात



16 जनवरी 2019

एक भिक्षु के रूप में शांत: कैसे उपेक्षा आपके विवेक को बचा सकती है। 

जो लोग नहीं जानते हैं, उनके लिए उपेक्षा या "समरूपता" मूल रूप से बौद्ध धर्म में चार "उदात्त दृष्टिकोण" में से एक हैं - जिन्हें "फोर इमैसुलेबल्स", या "चार उदात्त दृष्टिकोण" कहा जाता है। करुणा, प्यार, दयालुता, और सहानुभूति से खुशी।इसमें मैं हमेशा सफल नहीं होता (मुझे गुस्सा आता है या हर किसी की तरह चिढ़



अभिनेता नसीरूद्दीन शाह अपने देश में डरे हुये हैं

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने देश में डरे हुए हैं ?डॉ शोभा भारद्वाज वह आज के भारत में अपने बच्चों को लेकर बहुत डरे हुए हैं. ''मुझे इस बात का डर लगता है कि कहीं मेरेबच्चों को भीड़ ने घेर लिया और उनसे पूछा कि तुम हिंदू हो या मुसलमान? मेरे बच्चों के पास इसका कोई जवाब नहीं होगा. क्योंकि मैंने मेरेअनुसार अ



काम में चक्कर में डिनर में न करें देरी, होंगे यह बड़े नुकसान

आज के समय में लोग जिस तरह का लाइफस्टाइल जी रहे हैं, उसका सीधा प्रभाव उनकी सेहत पर पड़ रहा है। न तो हेल्दी ईटिंग हैबिट्स लोगों में हैं और न ही भोजन करने का कोई निश्चित समय। दिन में भले ही देर से भोजन किया जाए लेकिन अगर काम के चक्कर में डिनर के समय में भी लापरवाही बरती जाए तो इसका हर्जाना आपकी हेल्थ को



इन भोजन को एक साथ खाना पड़ सकता है सेहत पर भारी

भोजन को यदि शरीर का ईंधन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। भोजन का काम सिर्फ पेट भरना ही नहीं होता, बल्कि इसके जरिए शरीर को वह सभी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, जो शरीर के सही प्रकार से कार्यसंचालन के लिए आवश्यक होते हैं। इतना ही नहीं, अगर भोजन का चयन और उसका सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान दिया जाए तो कई तर



घर बैठे इन फैट कटर ड्रिंक की मदद से कम करें मोटापा

महामारी की तरह फैलता मोटापा आज हर घर को अपनी चपेट में ले चुका है। आमतौर पर लोग इसे शिकस्त देने के लिए कई तरीके अपनाते हैं लेकिन अधिकतर उनके हाथ निराशा ही लगती है। ऐसे में अगर आप घर पर रहकर ही वजन कम weight loss करने की चाह रखते हैं तो एक्सरसाइज के साथ-साथ भोजन पर भी ध



"गज़ल" जिंदगी के दिन बहुत आए हँसा चलते बने थे नैन सूखे कब रहे की तुम रुला चलते बने थे

बह्र- 2122 2122 2122 2122 रदीफ़- चलते बने थे, काफ़िया- आ स्वर"गज़ल" जिंदगी के दिन बहुत आए हँसा चलते बने थेनैन सूखे कब रहे की तुम रुला चलते बने थेदिन-रात की परछाइयाँ थी घूरती घर को पलटकरदिन उगा कब रात में किस्सा सुना चलते बने थे।।मौन रहना ठीक था तो बोलने की जिद किये क्योंकाठ न था आदमी फिर क्यों बना चलते



"भोजपुरी गीत" साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरई जाओ जनि छोड़ी के बखरिया झूले तिरई....... साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरई

भोजपुरी गीत, मात्रा भार-24, मुखड़ा समान्त- ए चिरई, अंतरा समान्त- क्रमशः खटिया,जनाना, जवानी,"भोजपुरी गीत"साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरईजाओ जनि छोड़ी के बखरिया झूले तिरई....... साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरईदेख जुम्मन चाचा के अझुराइल खटियाहोत भिनसारे ऊ उठाई लिहले लठियागैया तुराइल जान हेराइ गईल बछवाखो



कहीं भाजपा का ‘‘कमल’’(भगवा) एजेंडा’’ कांग्रेस के ‘‘नाथ’’ ने चुरा तो नहीं लिया है?

मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में ‘‘कमल’’ को अनाथ न होने देने वाले हमारे पडोसी जिले छिंदवाडा के कमलनाथ द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली गई जिसके लिये उन्हे हार्दिक बधाईयाँ, वंदन व अभिनंदन। सम्पन्न शपथ ग्रहण समारोह में वास्तव में ऐसा लगा ही नहीं कि वह किसी कांग्रेसी मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण स



"मुक्तक" देखिए तो कैसे वो हालात बने हैं। क्या पटरियों पै सिर रख आघात बने हैं।

"मुक्तक" देखिए तो कैसे वो हालात बने हैं।क्या पटरियों पै सिर रख आघात बने हैं।रावण का जलाना भी नासूर बन गया-दृश्य आँखों में जख़्म जल प्रपात बने हैं।।-1देखन आए जो रावण सन्निपात बने हैं।कुलदीपक थे घर के अब रात बने हैं।त्योहारों में ये मातम सा क्यूँ हो गया-क्या रावण के मन के सौगात बने हैं।।-2महातम मिश्र,



"मुक्तक" हार-जीत के द्वंद में, लड़ते रहे अनेक। किसे मिली जयमाल यह, सबने खोया नेक।

"मुक्तक" हार-जीत के द्वंद में, लड़ते रहे अनेक।किसे मिली जयमाल यह, सबने खोया नेक।बर्छी भाला फेंक दो, विषधर हुई उड़ान-महँगे खर्च सता रहे, छोड़ो युद्ध विवेक।।-1हार-जीत किसको फली, ऊसर हुई जमीन।युग बीता विश्वास का, साथी हुआ मशीन।बटन सटन है साथ में, लगा न देना हाथ-यंत्र- यंत्र में तार है, जुड़ मत जान नगीन।।-2



baal badhane ka tarika

baal badhane ka tarika- अगर आप ऐसा सोचते है कि रातो रात कोई ऐसा जादू होजायेगा और आपके बाल घने, लंबे हो जाएंगे तो यह बिल्कुल भी संभव नहीं है, डॉक्टर्स का कहना है कि अगर आपके बाल स्वस्थ है तो 1 महीने में आधा इंच तक बाल बढ़ सकते है इसलिए आप



"गज़ल" छोड़कर जा रहे दिल लुभाते रहे झूठ के सामने सच छुपाते रहे

वज़्न--212 212 212 212 अर्कान-- फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन, बह्रे- मुतदारिक मुसम्मन सालिम, क़ाफ़िया— लुभाते (आते की बंदिश) रदीफ़ --- रहे"गज़ल"छोड़कर जा रहे दिल लुभाते रहेझूठ के सामने सच छुपाते रहे जान लेते हक़ीकत अगर वक्त कीसच कहुँ रूठ जाते ऋतु रिझाते रहे।।ये सहज तो न था खेलना आग सेप्यास को आब जी भर प



10 अनजान बातें, जिनसे पता चलता है कि नरेंद्र मोदी, नेहरू के सबसे बड़े फॉलोवर हैं !!

नेहरू. नरेंद्र. दो शख्स. दो शख्सियतें. एक देश के पहले प्रधानमन्त्री एक देश के (अब तक के) अंतिम. एक कांग्रेस से एक भाजपा से. दोनों के बीच अंतर ढूंढने चलें तो इतने मिलेंगे कि एक स्टोरी नहीं उस पर शायद एक सीरीज़ चल पड़े. लेकिन हमें दोनों के बीच कुछ स्ट्राइकिंग समानताएं भी



स्पेनिश पेंटर बार्तोंलोम एस्टेबान मुरिलो (जानकारी... जरा हटके. ..)

आजगूगल ने स्पेनिश पेंटर बार्तोंलोम एस्टेबान मुरिलो (Bartolomé EstebanMurillo) का ‘गूगल-डूडल’बनाकर उन्हें विशेष रूप से याद किया है । ‘गूगल’ उनकी 400 वाँ जन्मदिन मना रहा है । ‘गूगल’ ने खास अंदाज में मुरिलोको याद किया है । ‘डूडल’ में मुरिलो कीप्रतिष्ठित पेंटिंग्स में से



"गज़ल" निकला था सीप से कहीं मोती उठा लिया मैने भी आज दीप से ज्योती उठा लिया

बह्र- 221 2121 1221 212 यूँ जिंदगी की राह में मजबूर हो गए , काफ़िया- मोती, ओती स्वर, रदीफ़- उठा लिया"गज़ल" निकला था सीप से कहीं मोती उठा लियामैने भी आज दीप से ज्योती उठा लियाखोया हुआ था दिल ये किसी की तलाश मेंमहफिल थी द्वंद की तो चुनौती उठा लिया।।जलने लगी थीं बातियाँ लेकर मशाल कोमगरूर शाम जान सझौती उठा



सीने में दर्द

सूचना - जो समझने के लिये वयस्क हैं, पुराने दर्द से छुटकारा चाहते हैं, केवल उन्हीं के लिये। *सीने में दर्द*कहने वाले कहते हैं, सीने में दर्द छिपा है;पर, यह नहीं कहते, स्वयं ही भर कर रखा है, क्यों ??सीने में इतना दर्द संभाल के र



सपने ..

कुछ सपने केवल सपने ही रह जाते हैं बिना पूरे हुये, बिना हकीकत हुये और हमे वो ही अच्छे लगते हैं अधूरे सपने, बिना अपने हुये हम जी लेते हैं उसी अधूरेपन कोउसी खालीपन कोसपने की चाहत मेंजानते हुये भी ....सपने तो सपने हैंसपने कहाँ अपने हैंयथार्थ को छोड़करपरिस्थिति से मुह मोड़करहम जीते हैं सपने मेंसपने हम रोज



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