सच रो रहा

सच रो रहाशिक्षित प्रशिक्षितधरना और जेल मे।नेता अभिनेतासंसद और बुलट ट्रेन मे।एमेड बीएडतले पकोड़ा खेतवा की मेड़ मे।योगी संत महत्मासेलफ़ी लेवे गंगा की धार मे।बोले जो हककी बात वह भी जिला कारागार मे।बोले जो झूठमूठ वह बैठे सरकारी जैगुआर मे।कर ज़ोर जबरदसतीन्याय को खा जाएंगे।की अगर हककी बात तो लाठी डंडा खा जाएं



चुनावी समर

इस चुनावी समर का हथियार नया है। खत्म करना था मगर विस्तार किया है। जिन्न आरक्षण का एक दिन जाएगा निगल, फिलहाल इसने सबपे जादू झार दिया है। अब लगा सवर्ण को भी तुष्ट होना चाहिए। न्याय की सद्भावना को पुष्ट होना चाहिए। घूम फिर कर हम वहीं आते हैं बार बार, सँख्यानुसार पदों को संतु



अलीपुर बम केस

श्री अरविन्द अलीपुर बम केस में एक आरोपी थे. अपनीपुस्तक, ‘टेल्स ऑफ़ प्रिज़न लाइफ’, में उन्होंने इस मुक़दमे का एक संक्षिप्त वृत्तांतलिखा है. यह वृत्तांत लिखते समय उन्होंने ब्रिटिश कानून प्रणाली पर एक महत्वपूर्णटिपण्णी की है.उन्होंने लिखा है कि इस कानून प्रणाली का असली उद्देश्ययह नहीं है की वादी-प्रतिवादि



स्वाति बरूआ : असम की पहली और देश की तीसरी जज जिन्होंने LGBT समुदाय को……

न्यायपालिका प्रजातंत्र के चार स्तम्भों में से एक है। न्यायपालिका ही वो जगह है जहाँ हर किसी को इंसाफ मिलता है और अपने हक़ मिलते है। आज उसी न्यायपालिका में अपने हक़ की लड़ाई हमेशा लड़ती आ रहीं ट्रांसजेंडर स्वाति बरूआ न्याय की कुर्सी पर बैठ के न्याय करेंगी।बता दें कि 26 वर्षीय स्वाति अब असम की पहली और देश



‘‘उच्चतम् न्यायालय का ‘‘निर्णय’’ कितना प्रभावी ‘‘कितना औचित्यपूर्ण’’?

संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार ‘‘उच्चतम् न्यायालय’’ के समस्त निर्णय न्यायिक और बंधनकारी होते है। लेकिन इसके बावजूद हमेशा ही उच्चतम् न्यायालय के निर्णयांे के औचित्य पर बहस होती रही है और यह स्वस्थ्य व मजबूत लोकतंात्रिक न्याय व्यवस्था का एक श्रेष्ठ उदाहरण है। आरोपित नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने से



हो सके तो मुझे माफ़ करना नम्बी!

समाचार आया है -"इसरो के वैज्ञानिक को मिला 24 साल बाद न्याय"न्याय के लिये दुरूह संघर्ष नम्बी नारायण लड़ते रहे चौबीस वर्ष इसरो जासूसी-काण्ड में पचास दिन जेल में रहे पुलिसिया यातनाओं के थर्ड डिग्री टॉर्चर भी सहे सत्ता और सियासत के खेल में प



खबर मोदी दिवस सात

7:52 HRS IST गरीबों को न्याय मिले, जन जन को आगे बढ़ने का मौका मिले, मध्यम वर्ग को आगे बढ़ने में कोई समस्या न आये, यह हमारा प्रयास है : प्रधानमंत्री मोदी



खबर न्यायालय जेपी दो

11:21 HRS IST उच्चतम न्यायालय ने कहा, जेआईएल के खिलाफ दीवालियेपन की कार्रवाई पूरा करने के लिए एनसीएलटी के पास आज से 180 दिनों का सीमित समय है।



खबर बालिकागृह बिहार छह

15:15 HRS IST उच्चतम न्यायालय ने कहा, यौन शोषण के शिकार नाबालिगों का साक्षात्कार नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि इसका उनपर गंभीर मानसिक प्रभाव पड़ेगा।



खबर न्यायालय आरटीआई चार

12:51 HRS IST न्यायालय ने कहा , अगर केन्द्र या राज्य सीआईसी और एसआईसी की रिक्तियां भरने के संबंध में चार सप्ताह के भीतर जवाब नहीं दे सके तो वह ‘‘ सख्त रवैया ’’ अपनाएगा।



खबर न्यायालय ताज दो

13:14 HRS IST न्यायालय ने कहा, यह आश्चर्यजनक है कि दृष्टिपत्र का मसौदा तैयार करने में ताज महल के संरक्षण के लिए जिम्मेदार एएसआई से सलाह नहीं लिया गया है।



विश्व न्याय दिवस

विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस जिसे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय या अंतर्राष्ट्



आईसीसी: 20 वीं वर्षगांठ पर न्यायालय को सुदृढ़ बनाना

(न्यूयॉर्क) - अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के सदस्य देशों को न्याय देने के लिए चुनौतियों को चुनने के मामले में अदालत के लिए अपना समर्थन बढ़ाना चाहिए, मानवाधिकार वॉच ने आज कहा। अदालत की संस्थापक संधि, रोम संविधान, 17 जुलाई, 1 99 8 को 20 साल पहले अपनाया गया था।ह्यूमन राइट्स वॉच एंड एमनेस्ट



आईसीसी: 20 वीं वर्षगांठ पर न्यायालय को सुदृढ़ बनाना

(न्यूयॉर्क) - अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के सदस्य देशों को न्याय देने के लिए चुनौतियों को चुनने के मामले में अदालत के लिए अपना समर्थन बढ़ाना चाहिए, मानवाधिकार वॉच ने आज कहा। अदालत की संस्थापक संधि, रोम संविधान, 17 जुलाई, 1 99 8 को 20 साल पहले अपनाया गया था।ह्यूमन राइट्स वॉच एंड एमनेस्ट



आईआईटी-कानपुर उम्मीदवारों के चयन पर मद्रास एचसी निर्देश प्राप्त करता है

चेन्नई, 6 जुलाई: मद्रास उच्च न्यायालय ने आईआईटी कानपुर को उन उम्मीदवारों का चयन करने का निर्देश दिया है जिन्होंने संस्थान द्वारा दिए गए मूल निर्देशों का पालन किया था, जो मई में आयोजित एक जेईई उन्नत परीक्षा के दौरान और परीक्षण के बाद जारी स्पष्टीकरण के आधार पर नहीं थे।न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने 20 म



विभीषण अब भी हैं

देश में इस वक़्त चारों तरफ एक मुद्दा गर्म है और वह है लोकतंत्र में खतरे का और खतरा कैसा? वैसा ही जैसा हमारे माननीय चार न्याधीशों ने हमें बताया है ,चलिए मान लेते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है और मानना सामान्यतः थोड़े ही है विशेष रूप से क्योंकि संविधान ने हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट को लोकतंत्र



सरकारी बंद लिफ़ाफ़ा

एक एनजीओ की याचिका परमाननीय सर्वोच्च न्यायालय नेभारत सरकार को आदेश दिया केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कल 105 क़ानून बनाने वाले आदरणी



“न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की”? - उत्कर्ष श्रीवास्तव

न्याय का अर्थ है नीति-संगत बात अर्थात उचित अनुचित का विवेक | वात्स्यायन ने न्याय सूत्र में लिखा है- “प्रमाणैर्थपरीक्षणं न्यायः“ अर्थात प्रमाणों द्वारा अर्थ का परिक्षण ही न्याय है | भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान किय



उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति

प्रश्न-हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उच्चतम न्यायालय में कितने न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की



भारत में चल रही अंग्रेजी कानून व्यवस्था By: Rajiv Dixit Ji

आज गम्भीर बातें नहीं हो रही हैं न समाज में न संसद में | जिनको देश को दिशा देनी चाहिये वो दिशाहीन हो गये हैं | दिशाहीन लोग समाज को दिशा नहीं दे पाते | मेरे जैसे आदमी को इस काम में लगना पड़ा ये मैं खुशी से नहीं लगा, देश की परिस्थितियाँ, देश के हालात, बढ़ते हुए अंतर्राष्ट्री



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