ईरानी ( पर्शियन ) समाज में हिंदी भाषा का महत्व ( हिंदी दिवस के उपलक्ष में )

ईरानी (पर्शियन )समाज में हिंदी भाषा का महत्व डॉशोभा भारद्वाज मुझेकई वर्ष तक परिवार सहित ईरान में रहने का अनुभव रहा है | ईरान के शाह मोहम्मद रजापहलवी ,पहलवी राजवंश के आखिरी शाह थे उन्होंने शान शौकत के साथ आर्य मिहिर की उपाधिधारण की उनके खिलाफ क्रान्ति का ऐसा म



टिक - टाॅक के बाजार मे

मुजरा करते दिख रही है लड़कियाँटिक - टाॅक के बाजार मे यू ही बदनाम है हम लड़के इस संसार मेलड़कियाँ नाचती दिख रही है टिक - टाॅक के बाजार मे फर्क क्या है उसमे और तुममे जो कोठे पर नाचती है संसार मेआज बड़े घरो के बेटियाँ नाचती हैटिक - टाॅक के बाजार मे कोई नाचती है पैसा के लिए सरेआम इस संसार मेकोई लाइक और शेयर



तु भारत की शान है

तु भारत की शान है तु भारत की मान हैतु ही भारतवासी के लिए भगवान् हैहमारा भारतीय सेना महान है।जब जब देश मे खतरा मंडरायातु उठ खड़ा हुआ क्योंकि भारत मे बस एक तु ही महान है।बस एक तु ही भारत का जान है।तु भारत की शान है।जब जब कश्मीर पर कोई अत्याचार हुआतू उसका मुँह तोड़ जबाव दिया।इन्सान के रूप मे तु



आखिर क्यों ना हो पलायन?

मेरे गांव के इस रास्ते से जो कदम शहर की ओर निकले वो लौटकर वापस नहीं आए, जो आए भी तो कुछ इस तरह आए, कि जिनको आने से ज्यादा वापस लौटने का जुनून था. वहां जहां मेहनत तो थी लेकिन बच्चों की परवरिश के लिए पर्याप्त साधन मौजूद थे. तब ऐसे में दूर स्थित इस पहाड़ी गांव में क्या रखा था जहां ना पीने को पानी, ना ब



01 अगस्त 2019

हमारे किये कर्मो के मूल्यांकन की विनाशकारी आदत।

आप अपने दिन से गुजर रहे हैं, और एक अखबार समीक्षक की तरह, लगातार प्रशंसा और आलोचना करने के लिए चीजों की तलाश में है।क्या यह सही था ? कमाल का काम किया ! Youtube पर बहुत अधिक समय बिताया? ख़राब ! जैसे आप शीशे के सामने खड़े हो, और आपका शरीर भद्दा दिख रहा है?हम जो कुछ भी करते है



जतिन गोस्वामी, अखिलेश उन्नीथन, अंकुर विकाल, सायना आनंद नेटफ्लिक्स ओरिजिनल सीरीज बेताल में | आई डब्लयू एम बज

सुपरस्टार शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट स्ट्नेटफ्लिक्स के लिए हॉरर सीरीज बेताल का निर्माण करेगी।हमने विशेष रूप से अभिनेता अहाना कुमरा, सुचित्रा पिल्लई, सिद्धार्थ मेनन, मंजरी पुपला, जितेंद्र जोशी, कृष्णा बिष्ट, और विनीत सिंह के आने वाली सीरीज में कलाकार होने के



तनाव को दूर करने के लिए एक अच्छा सुझाव

हम सभी दैनिक आधार पर तनाव से निपटते हैं - चाहे वह काम में व्यस्त और अभिभूत होने का तनाव हो, व्यक्तिगत संकटों, यातायात, रिश्तों, स्वास्थ्य, वित्त से निपटने के लिए ... तनाव हमारे जीवन का एक बड़ा हिस्सा हो सकता है।और तनाव के कुछ मजबूत प्रभाव हैं: यह हमारे रिश्तों को कम ख



22 मार्च 2019

थकावट, अकेलापन और तनाव से निपटने के लिए एक सरल विधि।

“मुझे पता चला कि जब मैंने अपने विचारों पर विश्वास किया था, तो मुझे पीड़ा हुई, लेकिन जब मैंने उन पर विश्वास नहीं किया, तो मुझे पीड़ा नहीं हुई, और यह कि यह हर इंसान के लिए सच है। स्वतंत्रता उतनी ही सरल है। मुझे अपने भीतर एक खुशी मिली जो कभी गायब नहीं हुई, एक पल के लिए भी नहीं। वह आनंद सभी में है, हमेश



05 फरवरी 2019

जीवन की खीज से निपटने के लिए एक मंत्र।

जब में ये लिख रहा हु, मेरी एक बहस हुई है, दिन की सुरुवात में, नींद की कठिनाइय, जीवन में बदलाव, एक कार्यभार जो बहुत अधिक है।जैसा कि आप कल्पना कर सकते हैं, इस सब को तनावपूर्ण, कष्टप्रद, कठिन और बस आम तौर पर चूसने जैसा देखने का एक तरीका है। मैं इसे इस तरह से बिल्कुल नहीं देखता, लेकिन उस मानसिकता में उत



क्या यूनिफार्म सिविल कोड की जरुरत है

हाल के माननीय सुप्रीम कोर्ट का तीन तलाक कोअसैम्बधानिक करार देने से ,फिर से यूनिफार्म सिविल कोड की मांग समाज मे उठाने लगी है | यूनिफार्म सिविल कोडक्या है ?यहनियमो का वह सेट है जो भारत मे विभिन्न पर्सनल लॉ को समाप्त कर एक ही पर्सनल लॉबनाएगा जो सभी धर्मो पर लागु होगा | हलाकि इस सम्बन्ध मे अभी तक सरकार



23 जनवरी 2019

शांति का जीवन।

हममें से अधिकांश लोग अपने जीवन में शांति और सुगमता चाहते हैं - जीवन तनावपूर्ण, अराजक, भारी, विचलित करने वाला, थकावट भरा हो सकता है।हम उस सब से दूर होना चाहते हैं, पागलपन से बाहर निकलें, और अधिक से अधिक शांति की जगह पर पहुंचें।मैं साझा करने जा रहा हूं कि कैसे एक सरल विधि में शांति का जीवन पाएं। एक मि



इस लेख को पढ़ते ही आप नहीं रह जाएंगे सामान्य व्यक्ति

अगर हम किताबें पढ़ना शुरू करें तो पाएंगे कि इस दुनिया में जो कुछ भी नया हो रहा है वो नया नहीं है। तमाम नए विचारों को सदियों पहले से ही सोचा जा रहा है और उस पर काम भी किया जा रहा है।गौरतलब है कि हम अपने सभी विचारों को अपना मानते हैं और नया भी पाते हैं उसके बाद भी हम सा



तीन तलाक़ बिल पर गरमाई सियासत, राहुल ने दी प्रधममंत्री मोदी को चुनौती कहा नहीं होने दूंगा…..

चेयरमैन को चिट्ठी भी लिखी है। राज्यसभा में बहुमत में विपक्ष अब एकजुट होता दिख रहा है, बिल के पेश होने से पहले ही करीब 12 राजनीतिक दलों ने सभापति वेंकैया नायडू को चिट्ठी लिख इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की थी। इन 12 पार्टियों में कांग्रेस, एनसीपी, टीडीपी, TMC, सीपीआई, सीपीएम और आम आदमी पार्



सविता

सविता अपने बचपन की सारी खुशीयों को अपने माँबाप के साथ नही बाँट पाई। गाँव को समझ नही पाई, चाँद तारों की छाव में उनकीठंडक को भाँप नही पाई, चन्द सवाल ही पूछ पाती कि चंदा मामा कितनीदूर है? गोरी कलाइयों में बंधे दूधिया तागे कमजोर पड़ गए थे| पैरो में पड़ी पाज़ेब की खनक छनक से अपने नानी नाना के दिल को मोहने ल



2018 : भारत की ये 21 उब्लब्धियां जानकर होगा अपने भारतीय होने पर गर्व

साल 2018 अब चंद दिनों का मेहमान है लोग बेसब्री से 2019 का इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन 2018 में पीछे मुड़कर देखें तो भारत ने इस साल कई ऐसी उपलब्धियाँ हासिल की जिससे हर भारतीय का सर गर्व से ऊँचा हो गया। नोटबंदी और GST लागू होने के बावज़ूद भारत की इकॉनमी विश्व की सबसे तेज़ गति से बढ़ती इकॉनमी है। इसके साथ ही



"गीतिका" साथ मन का मिला दिल रिझाएँ चलो वक्त का वक्त है पल निभाएँ चलो

मापनी--212 212 212 212, समान्त— बसाएँ (आएँ स्वर) पदांत --- चलो "गीतिका" साथ मन का मिला दिल रिझाएँ चलोवक्त का वक्त है पल निभाएँ चलोक्या पता आप को आदमी कब मिलेलो मिला आन दिन खिलखिलाएँ चलो।।जा रहे आज चौकठ औ घर छोड़ क्योंखोल खिड़की परत गुनगुनाएँ चलो।।शख्स वो मुड़ रहा देखता द्वार कोगाँव छूटा कहाँ पुर बसाएँ



"गीत" लहराती फसलें खेतों की, झूमें गाँव किसान बरगद पीपल खलिहानों में, गाते साँझ बिहान......लहराती फसलें .....

आधार छंद - सरसी (अर्द्ध सम मात्रिक) शिल्प विधान सरसी छंद- चौपाई + दोहे का सम चरण मिलकर बनता है। मात्रिक भार- 16, 11 = 27 चौपाई के आरम्भ में द्विकल+त्रिकल +त्रिकल वर्जित है। अंत में गुरु /वाचिक अनिवार्य। दोहे के सम चरणान्त में 21 अनिवार्य है"गीत" लहराती फसलें खेतों की, झूमें गाँव किसानबरगद पीपल खलिहा



क्या आपको पता है गिरा हुआ पेड़ फिर कैसे खड़ा हो गया?

हमारे देश में कुछ भी अजीबोग़रीब हो जाए तो उसे चमत्कार कहकर धर्म से जोड़ देना बहुत आम बात है. ताजा मामला है उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले के रेउसा ब्लॉक का. यहां के सुरेठा गांव में ज़मीन पर पड़ा हुआ एक पीपल का पेड़ अपने आप खड़ा हो गया. धीरे-धीरे लोगों को इसके बारे में पता चला और



"दोहा"इंसानों के महल में पलती ललक अनेक।

"दोहा"इंसानों के महल में पलती ललक अनेक।खिले जहाँ इंसानियत उगता वहीँ विवेक।।जैसी मन की भावना वैसा उभरा चित्र।सुंदर छाया दे गया खिला साहसी मित्र।।अटल दिखी इंसानियत सुंदर मन व्यवहार।जीत लिया कवि ने जगत श्रद्धा सुमन अपार।।महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी



संस्कृत हिंदी और विज्ञान

संस्कृत, हिंदी और विज्ञान स्वामी विवेकानन्दके अनुसार – दुनियाभर के वैज्ञानिक अपने नूतन परीक्षणों से जो परिणाम प्राप्त कररहे हैं, उनमें से अधिकांशहमारे ग्रंथों मे समाहित हैं। हमारी परम्परायें विकसित विज्ञान का पर्याय हैं ।हमारे ग्रंथ मूलत: संस्कृत भाषा में लिखे गये हैं ।



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