परम्परा

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कन्या के घर भोजन :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म की मान्यतायें एवं परम्परायें आदिकाल से दिव्य रही हैं | हमारे पूर्वजों ने जो नियम बनाए थे उसमें मानव का हित समाहित था | मानव जीवन में अनेक प्रकार की पुण्य धर्म करने का वर्णन मिलता है इन्हीं में दान को बहुत बड़ा महत्व दिया गया है | दान करके मनुष्य अपनी जाने अनजाने कर्मों से छुटकारा तो पाता



मातृ दिवस :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*जब परमात्मा ने इस सृष्टि की रचना की तो सबसे पहले नर - नारी के जोड़े को उत्पन्न किया | नर - नारी की सृष्टि करने के बाद मैथुनी सृष्टि की आधारशिला रखते हुए परमात्मा ने सृष्टि को गतिमान किया | पुरुष को पिता एवं नारी का माँ की संज्ञा दी गयी | जब प्रथम जीव उस माँ के गर्भ में आया तब उसने ईश्वर से प्रार्थन



आस्था और विश्वास का पर्व -" छठ पूजा "

" छठ पूजा " हिन्दूओं का एक मात्र ऐसा पौराणिक पर्व हैं जो ऊर्जा के देवता सूर्य और प्रकृति की देवी षष्ठी माता को समर्पित हैं। मान्यता है कि -षष्ठी माता ब्रह्माजी की मानस पुत्री हैं,प्रकृति का छठा अंश होने के कारण उन्हें षष्ठी माता कहा गया जो लोकभाषा में छठी माता के नाम



कविता : जीवन और परम्परा

कवि एक ऐसा व्यक्ति होता है जो कल्पनाओं में ही इंसान को चांद पर ले जा सकता है और वहां की ताकत ये खुद ही बता सकता है। ऐसी कई कविताओं में वे पूरे ब्राह्मांण को जमीन पर उतार सकते हैं। कविताओं में बहुत ताकत होती है और जिस कवि की कविता दिल को छू जाती है उन्हें हमें और लोगों





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