प्रयागराज

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सीनियर सिटिजन की 8 मार्च की वर्कशाप में सभी का आमँत्रण

डी एल एस एल्डर सपोर्ट सर्विसेज़ प्रयागराज आपको सीनियर सिटिजन की एक वर्कशाप में सम्मिलित होने का निमँत्रण देता है।डीएलएस एल्डर सपोर्ट सर्विसेज़ मेडिसिन और केयर सेवाएँ घर पर उपलब्घ कराने का एक सामाजिक उपक्रम है।आपको यह जानकर सुखद आशचर्य होगा कि सीनियर सिटिजन की आबादी के सन्दर्भ में भारत दूसरे नम्बर पर



एल्डर हीलर की ट्रेनिंग लेकर अपना मेडिकल बिल ८०% कम कीजिये, तदुपरान्त रोगियों की सेवा कीजियें

60 वर्ष से उपर का कोई भी महिला या पुरूष एल्डर हीलर बन कर सर्वप्रथम अपना और अपने परिवार के रोगों का प्रबन्धन कर सकेगा। तदुपरान्त आप अपने घर पर ही रोगियों की सेवा कर सकते हैं।एल्डर हीलर बन कर आप अपने परिवार का मेडिकल बिल 50 से 80% तक कम कर सकते हैं।एक सफल एल्डर हीलर बनने के



हार्ट अटैक से बचाव के गुर सिखाये गये वरिष्ठ नागरिकों को

रविवार, 1 मार्च को डीएलएस एल्डर सपोर्ट सर्विसेज़, प्रयागराज द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिये एक वर्कशाप का आयोजन प्रात: 9.30 पर स्थानीय नवचेतना साहित्य विस्तार पटल, बाघम्बरी रोड में किया गया। इस वर्कशाप में विषय प्रवर्तन मुख्य कार्यकारी श्री दिनेश कुमार ने किया। कार्यशाला में वरिष्ठ नागरिकों को हार्ट



अर्द्धकुम्भ प्रयागराज २०१९

अर्द्ध कुम्भ प्रयागराज 2019चौदह जनवरी से मकरसंक्रान्ति के स्नान के साथ ही प्रयागराज में अर्द्धकुम्भ मेला आरम्भ होने जा रहाहै | जो चार मार्च को सम्पन्न होगा | कुम्भ मेला हर बारह वर्ष में आता है यह तोसभी जानते हैं | कुम्भ के आयोजन में नवग्रहों में से सूर्य, चन्द्र, गुरु और शनि की भूमिका महत्वपूर्ण मान



REVIVE

प्रयागराज vs इलाहबाद अब अल्लाह+आबाद मतलब इलाहबाद का नाम “प्रयागराज“ के नाम से ही जाना जायेगा। दो नदियों के संगम स्थल को प्रयाग कहते हैं। यह स्थान नदियों का ऐसा एकलौता संगम स्थल है जहाँ पर दो नहीं बल्की तीन नदियाँ आपस मे मिलती है और इसलिए प्राचिन भारत मे इस पवित्



क्या इलाहाबाद बैंक का नाम बदलकर प्रयागराज बैंक हो गया?

राग दरबारी पढ़े हो? उसमें श्रीलाल शुक्ल अपने प्रिय शायर रामाधीन से धाकड़ शेर कहलवाते हैं.क्या करिश्मा है ये रामाधीन भीखमखेड़वी खोलने कालेज चले आटे की चक्की खुल गईवही हाल आजकल यूपी का हो रखा है. यहां प्रदेश के हालात बदलने चले थे, शहरों के नाम बदल गए. लेटेस्ट नाम इलाहाबाद क



प्रयागराज : कैसे पड़ा इस शहर का नाम प्रयागराज !

मैं तीर्थ नगरी 'प्रयागराज' हूँ ..हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन भूमि पर ब्रह्माजी ने सृष्टि का काम पूरा होने के बाद प्रथम यज्ञ किया था। इसी प्रथम यज्ञ के 'प्र' और 'याग' अर्थात यज्ञ से मिलकर प्रयाग बना और उस स्थान का नाम पड़ा 'प्रयाग'। इस पावन नगरी के अधिष्ठाता भगवान श्री विष्णु स्वयं हैं और वे





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