Archana Ki Rachna: Preview " मैं बदनाम "

ऐसा क्या है जो तुम मुझसेकहने में डरते हो पर मेरे पीछे मेरी बातें करते हो मैं जो कह दूँ कुछ तुमसे तुम उसमें तीन से पांचगढ़ते होऔर उसे चटकारे ले करदूसरों से साँझा करते होमैं तो हूँ खुली किताबबेहद हिम्मती और बेबाक़रोज़ आईने में नज़रमिलाता हूँ अपने भीतर झाँक, फिरऐसा क्या है जो



Archana Ki Rachna: Preview "देखो फिर आई दीपावली"

देखो फिर आई दीपावली, देखो फिर आई दीपावलीअन्धकार पर प्रकाश पर्व की दीपावली नयी उमीदों नयी खुशियों की दीपावली हमारी संस्कृति और धरोहर की पहचान दीपावली जिसे बना दिया हमने "दिवाली"जो कभी थी दीपों की आवलीजब श्री राम पधारे अयोघ्या नगरीलंका पर विजय पाने के बादउनके मार्ग में अँ



रिजेक्शन

धीरज जैसे ही बाइक खड़ी कर हेलमेट उतारता है, वैसे ही बगल वाली सविता आंटी की आवाज़ आती है, "क्यों धीरज बेटा, इंटरव्यू देकर आ रहे हो? "जी आंटी" "अब तक तो कई इंटरव्यू दे चुके हो, कहीं कुछ बात नहीं बनी क्या?" ह



आपकी सफलता में सलाहकार की भूमिका

संजय कुमार सुमन sk.suman379@gmail.comदोस्तो सलाहकार ये ऐसा सब्द है, जो कि हम सब के जीवन मे लागू होता है।ऐसा कोई व्यक्ति नही जिसे अपने जीवन मे किसी की सलाह की आवश्यकता नही पड़ी हो। कभी अपने व्यापार संबंधी या फिर अपने निजी जीवन संबंधी हमे



top motivational inspirational shayari:-प्रेरणादायक बेहतरीन 17 शायरी

आज हम आपके लिए कुछ चुनिंदा जोशवर्धक और प्रेरणादायक शायरी (top motivational inspirational shayari) लेकर आए हैं जिन्हें पढ़कर आप उत्साह से भर जाएंंगे। आज के समय में जितनी निराशा फैली हुई है ऐसे में ये वाक्य टॉनिक का काम करेंगे। स्टूडेंट ये शायरियां ध्यान से पढ़ें क्यों



17 जनवरी 2019

3 सबसे शक्तिशाली प्रेरणाएँ।

हम सभी के पास ऐसा समय होता है जब हम अपनी योजनाओं से नहीं चिपके होते हैं, हम जो कर रहे हैं उसके बारे में कुछ भी महसूस नहीं कर रहे होते, और जब हम जानते हैं कि हमें बस चलने के लिए कुछ प्रेरणा प्राप्त करने की आवश्यकता है।सामान्य प्रेरक सुझाव हमेशा बहुत मददगार नहीं होते हैं।लेकिन तीन प्रेरणाएँ हैं जो मुझ



3 करोड़ का आलिशान बंगला 20 लाख की गाड़ियां , फिर भी बेचती हैं छोले - कुलचे , वजह जान रह जायेंगे दंग

कहते हैं न मेहनत इतनी ख़ामोशी से करनी चाहिए कि सफलता शोर मचा दे। जिन्हें सपने देखने का शौक होता है उन्हें रात छोटी लगती है और जिन्हें सपना पूरा करना पसंद होता है उनके लिए दिन छोटा पड़ता है। एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद दूसरा सपना देखने के हौसले को ज़िंदगी कहते हैं. कोई काम छोटा या बड़ा नहीं



सोना के बेटे की-" हीरा" बनने की कहानी

चलिये ,सोना की कहानी को आगे बढ़ाते है और जानते है कि -कैसे उनका बेटा हीरा बन चमका और अपने माँ के जीवन में शीतलता भरी रौशनी बिखेर दी। सोना की बाते सुन माँ ने उन्हें पहले चुप कराया और फिर सारी बात बताने को कहा। सोना ने बताया कि- मेरी बहन ने मेरे बेटे को अब आगे पढ़ाने से म



बच्चों व् माता-पिता के लिए स्वर्ग क्या है ??

बच्चों के लिये भगवान,संसार और स्वर्ग वो माता-पिता है जो अपने बच्चों के देख-भाल और पालन पोषण की कोई कमी नही रखते ! संसार के छोटे-बड़े,अच्छे-खराब सभी तरह के विषम परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराते है ! उनके कष्ट कम और हरने का प्रयास करते है और अनुभव से सकारात्मक संदेश दे



संत महात्माओं के हाथो संजय अमान की पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समरोह सम्पन्न

संत महात्माओं के हाथो संजय अमान की पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समरोह सम्पन्न मुंबई - पवार पब्लिशर कोलकाता द्वारा प्रकाशित , कवि ,पत्रकार , संजय अमान की लिखी तीसरी पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समारोह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सभागार में दिनाँक ३० सितम्बर को संपन्न हुआ। यह पुस्तक मुम्बई महानगर के



यकीऩ मानिए, आपके शब्द आपको महान बना देंगें

यह कोई नई बात नही है कि शब्दों में अथाह ऊर्जा होती है. गर हम गौर करें तो पाएगें कि हमारा सम्पूर्ण जीवन ही उस तरफ प्रवाहित होता है, जिस तरफ की अधिक ऊर्जा हमारे अन्दर सन्चित होती है. हाँ यह जरूर है कि वह सकारात्मक ऊर्जा भी हो सकती है और



' सशक्तिकरण,सत्ता,और औरत '

 14 साल की और 21 साल की मेरी दो बहनें आई पीएस और आई ए एस बनना चाहती हैं . सुनकर ही अच्छा लगेगा .लडकियां जब सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने को खुद की और दुनिया की कमज़ोरियों से जीतती हैं तो लगता है अच्छा .बेहतर और सुखद. खासकर राजनीति ,सत्ता और प्रशासन के गलियारे और औरतें .वहां जहाँ औरतें फिलहाल ग्र



ईमानदारी जिंदा है अभी तक

ईमानदारी जिंदा है अभी तक आदरणीय राणोजी नमस्कार!      पिछले एक महीने से मैं लगातार सोच रहा था कि, आपकोकिस प्रकार से शुक्रिया अदा करूँ, लेकिन समझ नहीं पा रहाथा। इस भागती-दौड़ती स्वार्थी और मतलबी दुनियां में आपकी ईमानदारी और सरल स्वभाव मेरे लिए एक सुखद एहसास ही नहीं बल्किआर्थिक रूप से भी लाभकारी रहा है।



समय का मोल ...

कहानी------------समय का मोल...!!अमितेश कुमार ओझाकड़ाके की ठंड में झोपड़ी के पास रिक्शे की खड़खड़ाहट से भोला की पत्नी और बेटा चौंक उठे। अनायास ही उन्हें कुछ  प्रतिकूलता का भान हुआ। क्योंकि भोला को और देर से घर पहुंचना था। लेकिन अपेक्षा से काफी पहले ही वह घर लौट आया था। जरूर कुछ गड़बड़ हुई.... भोला की



काम करो ,कुछ नाम करो

@@@@@ काम करो , कुछ नाम करो @@@@@ ********************************************************** काम करो ,कुछ नाम करो ,पर नहीं देश बदनाम करो | भय को दूर भगाओ तुम ,जमीर को जगाओ तुम | दुखियों का तुम दुःख हरो | काम करो ,कुछ नाम करो ,पर नहीं देश बदनाम करो || धन खूब कमाओ तुम ,पर पूरा कर चुकाओ तुम | ईमान से त



हम होंगे कामयाब

हम होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाबहम होंगे कामयाब एक दिन ओ हो मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास,हम होंगे कामयाब एक दिन॥हम चलेंगे साथ-साथ, डाल हाथों में हाथहम चलेंगे साथ-साथ एक दिनओ हो, मन में है विश्वास, पूरा है विश्वासहम चलेंगे साथ-साथ एक दिन॥होगी शांति चारों ओर, होगी शांति चारों ओरहोगी शांति चारों



जीवन और मन

हम अक्सर अपने मन मे अनेक विचारो को आते हुए देखते हैं। कभी नकारात्मक विचारो के रूप मे कभी सकारात्मक विचारो के रूप मे यही विचार हमारे जिंदगी को प्रभावित करते हैं। क्योंकि कहा भी गया हैं कि "जैसा मन वैसा जीवन"। इसलिए सकारात्मक सोचिए जिससे ज़िन्दगी को नई उड़ान मिले। नए नए लोगो से मिले, अच्छा संगीत सुने, क



06 मई 2015

अपने दिल की सुनें ,आप सब कुछ कर सकते हैं

दो छोटे लड़के घर से कुछ दूर खेल रहे थे। खेलने में वे इतने मस्त थे कि उन्हें पता ही नहीं चला कि वे भागते-भागते कब एक सुनसान जगह पहुँच गए। उस जगह एक पुराना कुंवा था , और उनमे से एक लड़का गलती से उस कुवें में जा गिरा। “बचाओ-बचाओ”, वो चीखने लगा। दूसरा लड़का एकदम से डर गया और मदद के लिए चिल्लाने लगा , पर उस



इतने बदसूरत है फिर भी दर्पण देख रहे है

एक बार सुकारात सुबह के समय दर्पण देख रहे थे ऐसा वह लगभग रोज करते थे  ऐसा देखकर उनका एक शिश्य पीछे से मुसकरा रहा था कि सुकारात इतने बदसूरत है फिर भी दर्पण देख रहे है  सुकारात ने उसे मुसकराते देखा तो पूँछा क्या बात है  उसने कहा कुछ नही  तब सुकारात ने कहा मै दर्पण इस लिए देखता हूँ  कि और कितने अच्छे का



बुद्धिमानों की सलाह गंभीरता से लेनी चाहिए

एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पर बहुत से हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था। वह बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी था। सब उसका आदर करते 'ताऊ' कहकर बुलाते थे। एक दिन उसने एक नन्ही-सी बेल को पेड़ के तने पर बहुत नीचे लिपटते पाया। ताऊ ने दूसरे हंसों को बुलाकर कहा,  "देखो, इस बेल को नष्ट कर दो। एक दिन यह ब



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