छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ

छठ पूजाआज कार्तिक शुक्ल षष्ठी - छठपूजा की सभी को हार्दिक बधाई | जैसाकि सभी जानते हैं, छठ पर्व हिन्दू समुदाय के लिए मूलतः भगवानसूर्य की आराधना का पर्व है | वास्तवमें देखा जाए तो हिन्दू धर्म के देवताओं में केवल सूर्य और चन्द्रमा ही ऐसे देवताहैं जिन्हें मूर्त रूप में देखा तथा अनुभव किया जा सकता है | स



अन्नकूट गोवर्धन पूजा , 56 तो नहीं 33 साधारण पकवानों द्वारा आयोजित सामूहिक भोज

अन्नकूटगोवर्धन पूजा का आयोजन 56 तो नहीं 33 साधारण पकवान द्वारा आयोजित सामूहिक भोजडॉ शोभा भारद्वाज हम मथुरा के निवासी अन्नकूट ,गोवर्धन पूजा के लिए बहुत समवेदन शीलहैं मैने 10 अन्नकूट विदेश में श्रद्धा भक्ति से मनाये मुस्लिम देश था लेकिनसभ



केदारनाथ मंदिर में पीएम मोदी,ने पहले पूजा फिर परिक्रमा और उसके बाद बर्फ़बारी का मजा लिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दीपावली के पर्व पर उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ धाम पहुंचे और भगवान के दर्शन तथा पूजा—अर्चना की। मंदिर के कपाट बंद होने से दो दिन पूर्व मंदिर के दर्शन करने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी के साथ उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य, मुख्यम



पूजा के लिए 14 घंटे में 4 मुहूर्त, शाम 6.08 से 8.05 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ

गृहस्थ सुबह 10.49 बजे से 12.10 तक और शाम 5.36 से 7.15 बजे तक कर सकते हैं पूजाअमृत योग में शाम 7.15 से 8.54 बजे तक की जा सकती है लक्ष्मी पूजाअाज दीपावली है। 14 घंटे में आप चार मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन कर सकते हैं। लग्न के हिसाब से पूजा के लिए 6.08 बजे से 8.05 बजे तक का समय



दुर्गा पूजा पर निबंध हिंदी में

दुर्गा पूजा के महत्त्व पर निबंध हिंदी में-Essay on Durga Pooja.दुर्गा पूजा पर निबंध: हम भारत देश में रहते है यहाँ विभिन्न धर्मो के लोग आपस में भाईचारे के साथ रहते है जैसे- हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई| और अलग अलग धर्मो को मानते है| दुर्गा



गणेश चतुर्थी | Religious and Astrology

Home»»Unlabelled» गणेश चतुर्थीदिनांक 13 सितंबर को स्थापना एवं 23 सितंबर को गणेश विसर्जनदिनांक 13 सितंबर को चतुर्थी तिथि 2:58 तक एवं स्वाति नक्षत्र चंद्र तुला राशि में योग रहेगा। स्थापना समय- स्थापना दिन में ही की जाना चाहिए क्योंकि गणेश जी का जन्म मध्यान्ह समय हुआ है इसलि



दिल या दिमाग (भाग-१)

कहते है कि जब दिल और दिमाग के बीच किसी मुद्दे को लेकर जंग चल रही हो तो दिल की बात सुननी चाहिए ना कि दिमाग की. ऐसी ही सोच लोगो को भक्ति की तरफ ले जाती है जहाँ लोग दिमाग से काम लेना बंद कर देते है. भक्ति योग और कर्म योग दोनों ही रास्ते मुक्ति की



पूजा का सच्चा अर्थ

पूजा, उपासना जो बिना स्वार्थ के किया जाए, बिना किसी फल की इच्छा से किया जाए, जो सच्चे मन से सिर्फ ईश्वर के लिए किया जाए वो पूजा सात्विक है , सात्विक लोग करते है. जो पूजा किसी फल की प्राप्ति के लिए की जाये, अपने शरीर को कष्ट द



क्यों नहीं मिलता पूजा पाठ का फल ?

धर्म गुरु श्री राज कृष्ण शर्मा जी +91 9216111690 गुरु जी प्रतिदिन सुबह 7:15 बजे You Tube Channel, INC MEDIA ASSOCIATES ( https://www.youtube.com/channel/UCyAq... ) पर लाइव रहेंगे नमस्कार दर्शकों, आज के इस वीडियो में बताय



भारतीय रीति-रिवाजों की वैज्ञानिकता

प्राचीन समय सेही भारत परंपराओं,रीति-रिवाजों औरसंस्कृति का देशरहा है। वास्तवमें भारत धर्म,मानव सभ्यता केविकास और नैसर्गिगसम्पदा को संरक्षणदेने का आधारस्तंभ है। हमारीसंस्कृति में जितनेभी अनुष्ठान औररीति-रिवाज हैं,उन सभी काआधार कहीं नकहीं वैज्ञानिक सिद्धांतोंपर आधारित हैं।धर्म को सूक्ष्मतासे जानने कायद



Sheetala Ashtami शीतलाष्टमी शीतला अष्टमी शीतला सप्तमी Vedic Astrologer

Sheetala Ashtamiआज चैत्र कृष्ण अष्टमी को उत्तर भारत में शीतला माता की पूजा की जा रही है | कुछ स्थानों पर यह पूजा कल की गई थी | वैसे शीतला देवी की पूजा अलग अलग स्थानों पर अलग अलग समय की जाती है | कहीं माघ शुक्ल षष्ठी को इसका आयोजन होता है तो कहीं वैशाख कृष्ण अष्टमी को तो क



झिनकू के चचा और दुर्गापूजा (लघुकथा)

"झिनकू के चचा और दुर्गापूजा" जी हाँ सर, मुझे आज भी याद है 1978 की वह शाम जब मैंने माँ दुर्गा जी का दर्शन कलकत्ता के आलीशान पंडाल में किया था और आप मेरे बगल में खड़े थे। मुझे बंगाली नहीं आती थी और मैं मन में कुछ प्रश्न भाव लिए हुए किसी हिंदीभाषी को तलाश कर रहा था कि इतने म



आज से मंदिरों में गूंजेगा..या देवी सर्वभूतेषु...और बजेंगे घंट-घड़ियाल

देवी आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र गुरुवार से आंरभ हो रहा है। इसी के साथ मां भगवती के आगमन के साथ मंदिरों और घरों में कलश स्थापना और पूजा -अर्चना शुरू हो जाएगी। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा के लिए जिलेभर के सभी मंदिर सजाए जा चुके हैं।  नवरात्र के पहले दिन से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालु



सामाजिक व्यवस्था बनाना ही सबसे बड़ी पूजा है - मलखानसिंह

वेद पुरानो के अध्यन से सिर्फ एक बात निकलकर आती है की जितने भी इस प्रथ्वी पर देव,महापुरुष अवतरित हुए उन सभी का उद्देश्य सामाजिक व्यवस्था बनाना था ! भगवान श्रीराम जी ने एक राजा के होने के बाबजूध पिता के वचन की खातिर राजमहल का त्याग कर वनवासी हो गए क्योकि कुल का यह स



खुले दरवाजे पर दस्तक

<!--[if gte mso 9]><xml> <o:OfficeDocumentSettings> <o:RelyOnVML></o:RelyOnVML> <o:AllowPNG></o:AllowPNG> </o:OfficeDocumentSettings></xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMove



***नारी भी नारायणी भी***

***नारी भी नारायणी भी*** मंगल मृदुल मुस्कानवाली मेरी मैया,दाहक प्रचंड चण्डिका स्वरूपिणी भी है।करूणामयी है, तापनाशिनी है मैया,रिपुदल का दलन करे दुष्टमर्दिनी भी है।ममतामयी वरदायिनी है महामाया,क्रोधित स्वरूप स्वयं भस्मकारिणी भी है।गुण, ज्ञान, बुद्धिदायिनी है मेरी मैया,कष्ट,



श्राद्ध किसके लिए

आजकल एक बार फिर पितृपक्ष चल रहा है। अब प्रश्न यह उठता है कि आखिर श्राद्ध किसका करना चाहिए? मरे हुए परिवारी जनों का अथवा जीवित माता-पिता का? यह एक गम्भीर चिन्तन का विषय है। मुझे श्राद्ध का अर्थ यही समीचीन लगता है कि अपने जीवित माता



Vishwakarma Puja Ki Jankari, SMS Hindi Me ~ WikiHi

Hi Friends, Vishwakarma Puja In Hindi Ki Ye Post Aapko Vishwakarma Puja Ke Bare Me Vistarit Jankari Degi. Sirf Itna Hi Nahi Aap Vishwakarma Puja Sms, Wihsing, Messages In HindiBhi Padh Sakte Hain.To Aaiye Jante Hian Vishwakarma Puja Ke Bare Me Hindi Me Detail Me.Bahgwan V



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x