राज

...और बल्लू ने पर्चा भर दिया ।

… और बल्लू ने पर्चा भर दिया। (व्यंग)शहर में चुनावों की सरगरमियांशुरू हो गयीं थीं। पार्टियों के दफ्तरों में टिकट के लिये अभ्यर्थियों की पहले लाइनलगी जो शीघ्र ही भीड़ में बदल गयी जब नेतागण समर्थकों के साथ जुटने लगे। कहीं ले देके काम हो रहा था।कहीं लाठी डंडों से निबटारा हो रहा था। नेताओं ने ये सब काम क



इंदिरा गांधी के विषय में वो 9 बातें जिन्होंने बदला भारत का इतिहास

इंदिरा गांधी को अपने संपूर्ण जीवन में कई रूपों में जाना जाता था। 70 के दशक के दौरान भारत की लौह महिला, एकमात्र महिला प्रधानमंत्री, कांग्रेस की आत्मा। वह जवाहर लाल नेहरू की बेटी थीं और अपनी विरासत बनाने के लिए भारतीय इतिहास में सबसे अधिक स्मरणीय नामों में से एक रहीं। हालांकि ये इंदिरा गांधी के विषय म



सुबह की सैर और तम्बाकू पसंद लोग

गर्मियों में बच्चों की स्कूल की छुट्टियाँ लगते ही सुबह-सुबह की खटरगी कम होती है, तो स्वास्थ्य लाभ के लिए सुबह की सैर करना आनंददायक बन जाता है। यूँ तो गर्मियों की सुबह-सुबह की हवा और उसके कारण आ रही प्यारी-प्यारी नींद के कारण बिस्तर छोड़ने में थोड़ा कष्ट जरूर होता है, लेकिन स्वास्थ्य लाभ के लिए इसका त



मोदी एक आस से विश्वास

लोकतंत्र के महापर्व से प्रकट हुई 303 की संख्या शुभ संख्या 101 की तीन गुनी है यह असाधरण घटना इस लिए घटी क्यूंकि शस्य श्यामला पावन धरा की गोद में एक महा तपस्वी चेतना ने सकारात्मक चिंतन की डोर पकड़ कर्मठता त्याग व साह



क्या है रहस्य जो 'जय श्री राम' के नारे से इतना चिढ़ती है ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को जय श्री राम के नारे लगाने वाले लोगों पर भड़क उठीं । गाड़ी से उतर कर नारेबाजी करने वाले लोगों को धमकी दीं। सिर्फ इतना ही नहीं उक्त नारेबाजी को लेकर पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। अब सवाल यह उठत



लोकसभा में उदासीन सांसद राहुल गाँधी

लोकसभा में उदासीन सांसद राहुलगांधी डॉ शोभा भारद्वाज संसद राजनीति की सर्वोत्तमपाठशाला है पहले सांसद तैयारी से आते थे उनके भाषण सांसद एवं दर्शक मन्त्र मुग्धहो कर सुनते थे संसद की कार्यवाही ,भाषण रिसर्च स्कालर के लिए प्राथमिक सोर्स मानेजाते हैं अक्सर उन्हें संसद की लायब्रेरी में संसद में होने वाली चर्च



मोदी ने अपने नाम के आगे से चौकीदार हटाया, वजह भी बताई

लोकसभा चुनाव 2019 में धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद पीएम मोदी ने अपने नाम से चौकीदार शब्द हटा लिया है. उन्होंने खुद इस बारे में ट्वीट करके जानकारी दी. पीएम का ये ट्वीट अंग्रेजी में है. उन्होंने अपने ट्वीट में औरों को भी यही करने को कहा है. मोदी ने लिखा है-वक्त आ गया है कि चौकीदार वाली भावना को अगले



वर्दी

वर्दी विश्वास मानव मे नही उसकी वर्दी मे होता हैं। कुर्सी का कलर एक हो सकता हैं पर वर्दी का नहीं। कुछ बुद्धजीवियों ने यह तय किया की इस कुर्सी के लिए इस कलर की वर्दी जमेगी। जवान, वकील, डॉक्टर, मास्टर, जज, राजा, नेता, किसान सब की एक वर्दी को उनकी योग्यता के अनुसार बनाया लेकिन आज वह वर्दी भी मायने नहीं



Kranti Ki Mashal Kavy sangrah by kavi Hansraj Bhartiya क्रान्ति की मशाल साझा कविता संग्रह की पुस्तक समीक्षा

क्रान्ति की मशाल : क्रांतिकारी परिवर्तन की अभिव्यक्तिहंसराज भारतीय हिन्दी साहित्य में एक उभरता हुआ नाम है। उनकी रचनाये निरन्तर अनेको पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। जिनमे कुछ पत्रिकाओं के नाम इस प्रकार है - अमृत पथ, डिप्रेस्ड एक्सप्रेस, राजधर्म, समय के



मोदी पहेलियाँ

नरेंद्र दामोदर दास मोदी, वर्तमानप्रधानमंत्री, भारत से संबन्धित पहेलियाँ। <!--[if !supportLists]-->1- <!--[endif]-->पूर्ण बहुमत कीसरकार बनायी। कैसे?<!--[if !supportLists]-->2- <!--[endif]-->नोट बंदी जैसाबड़ा कदम लिया, जनता को थोड़ी बहुत असुविधा हुई फिर भी जनता ने साथ दिया। क्यों ?<!--[if !supportL



राजनीतिक पत्रकारिता

राजनैतिक पत्रकारिता पहले में यह बताना चाहता हूँ कि मैंमीडिया का सम्मान करता हूँ और इसकी अनिवार्यता, उपयोगिता और सार्थकता मेंकोई संदेह नहीं है। पत्रकारों का काम कभी बहुत कठिन लगता है और कभीबडा आसान।आजकल पत्रकारों के नाम से सिर्फ राजनीतिके क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकार ही ध्यान में आते। कह सकते है



और क्या मँगोगे ?

और क्या मँगोगे ?महावत से हाथी , तालाब से कमल, किसान से हल,मजदूर से साईकिल, आदिवासियों से तीर कमान, दार्जलिंग से चाय पत्ती, मानव से हाथ, गाँव से लालटेन, आसमान से चाँद तारे रंग चुराए प्रकृति से , यह राजनेता भी कितने अजीब हैं कहते हैं करते नहीं हर चुनाव मे एक नई मुसीबत मांग लेते हैं पूरा नहीं करते।1



व्यक्ति नहीं विचार चुनिए

जब इलेक्शन हाई लेवल का हो तो कैंडिडेट को कौन पूछता है. व्यक्ति नहीं विचार चुनिए. विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक अकेला थक जाएगा, इसलिए संगठित रूप से चुनाव लड़ने वाले एक विचारधारा के व्यक्तियों का चुनाव जरूरी है. कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा भानुमति ने कुनबा जोड़ा वाली विचारधारा का जीतना



चुनाव , मेनिफेस्टो ,और कुछ भी

चुनाव, मेनिफेस्टो और कुछ भी भारत में चुनाव उत्सव, तमाशा, जंग, उद्योग सब कुछ है। कभी ये समुद्र मंथन सा लगता है जिसके परिणामस्वरूप रत्न और विष दोनों निकलते हैं। इसमें कौन देवता हैं और कौन दानव ज्ञानी ही समझसकते हैं। हर एक पक्ष खुद को देवता और सामने वाले को दानव कहता है ।इसमें मोहनी अवतार नहीं होता। प



चुनाव, मेनिफ़ेस्टो और कुछ भी ।

चुनाव, मेनिफेस्टो और कुछ भी भारत में चुनाव उत्सव, तमाशा, जंग, उद्योग सब कुछ है। कभी ये समुद्र मंथन सा लगता है जिसके परिणामस्वरूप रत्न और विष दोनों निकलते हैं। इसमें कौन देवता हैं और कौन दानव ज्ञानी ही समझसकते हैं। हर एक पक्ष खुद को देवता और सामने वाले को दानव कहता है



बिगड़े नेताओं के ‘‘बिगडे़ बोल’’-‘‘विवादित बोल’’! फायदा-नुकसान कितना!

भारतीय राजनीति में हमेशा से ही ‘‘बयानवीर’’ मीडिया में सुर्खिया पाते रहे है। विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के कुछ नेतागण अपने बेवाक बयानों के माध्यम से सुर्खियाँ बटोरनें के उदे्श्य से ऐसे बयान देते रहते है, जिसके परिणाम स्वरूप उनकी छाप एक चर्चित चेहरे की होकर वे माने जाने



भारत का हाल इस चुनावी राजनीति के माहौल में – शुभम महेश

देश में इस समय चुनाव का माहौल चल रहा है। राजनीतिक पार्टीओ के समर्थक चुनाव प्रचार में लगे है और हम मतलब जनता अपने-अपने कामो में व्यस्त है। इस व्यस्त जनता को अपने देश में क्या चल रहा है इस से कोई मतलब नहीं है और जिन्हे लगता है की देश को वाकई में बदलाव की जरुरत है उनकी कोई सुनता नहीं है। तो इस पूरी बात



सिंहासन मूक बना बैठा है - शुभम महेश द्वारा लिखी गई | Shubham Mahesh

1लगता है सिंहासन मूक बना बैठा हैपहले वो जिसको मौनी कहता थाअब वो खुद मौन बना बैठा है2लगता है जनता अब तो कृद्ध दिखाई देती हैतुम्हारी इस चुप्पी में सवा अरब की चीख सुनाई देती हैलगत



लोकसभा चुनाव: बिग बॉस 11 की प्रतियोगी सपना चौधरी कांग्रेस में शामिल हुईं, हेमा मालिनी को टक्कर दे सकती हैं

बिग बॉस 11 की प्रतियोगी सपना चौधरी कांग्रेस में शामिल2019 के लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और हर बीतते दिन के साथ राजनीतिक गर्मी बढ़ती जा रही है।खेल और मनोरंजन की दुनिया की लोकप्रिय हस्तियों ने भी राजनीतिक खेल में उतर चुके हैं। क्रिकेटर गौतम गंभीर के बीजेपी में शामिल होने के बाद, अब बिग बॉस 11 की



चुनावी नारे

विकिपेडिया के अनुसार “नारा, राजनीतिक, आर्थिक र्और अन्य संदर्भों में, किसी विचार याउद्देश्य को बारंबार अभिव्यक्त करने के लिए प्रयुक्त एक आदर्श वाक्य या सूक्ति है।”भारत के स्वतत्रता सग्राम में नारों ने जनमानस मेंजान फूकने का काम किया था। उस समय के कुछ नारे थे –इंकलाब जि



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