रोजगार

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इंसान लुट

ना वैक्सीन, ना विकेंसी बेरोजगार तो पहले भी कम न थे। एक के पीछे लगने वाली लाइन हर जगह ही है। कोरोनावायरस ने लाइन को कुछ इस तरह खत्म किया कि अब हर चीज आनलाइन हो गई। पैसा, पढ़ाई, कला, कलाकार, काम, ख्वाब, रिश्ते, बात, मुलाकात। जो बेहतर मार्क्स लेकर आ रहे हैं, यह सरकारी तंत्र में कायदे कागज कानून वाली ज



कोरोना संकट के वक्त हिलती आर्थिक स्थिती चिंताजनक।

मैं आर्थिक मामलों की विशेषज्ञ नहीं हूं केवलवर्तमान स्थिती पर अपना मत रख रही हूं। कोरोना ने कुछ दिनों लोगों को काफी डरायालेकिन ये डर कुछ ही दिन लोगों के मन में रहा, अब लोग सावधानी बरत रहे है लेकिनउन्हें संक्रमित होने से ज्यादा डर अपनी आजीविका खत्म होने का सता है। कई कं



सरकारी तसल्ली - दिनेश डॉक्टर

दिनेश शर्मा की सुबह सुबह की राम राम सब दोस्तो , बुजुर्गों बच्चों को । जो लोग वक़्त बेवक़्त हर रोज़ यहाँ वहाँ पूरे देश में जब चाहे मनमर्जी से लॉक डाउन लगाने और बढ़ाने की प्रस्तावना देते हैं वो सब सरकारी अमले के लोग है जिनकी पूरी पूरी तनख्वाहें हर महीने की एक तारीख को उनके खाते में पहुंच जाती है । जिन लोग



"पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक"(पीपीआई डी) के कार्यकर्ताओं की टीम,पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आर के विद्यार्थी के नेतृत्व में ग्राम सभा भीटा ब्लॉक

कल दिनांक 29 जून को "पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक"(पीपीआई डी) के कार्यकर्ताओं की टीम,पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आर के विद्यार्थी के नेतृत्व में ग्राम सभा भीटा ब्लॉक जसरा जिला प्रयागराज मे जनसंपर्क किया! जनसंपर्क के दौरान यह बात निकल कर के आई कि गांव के मनरेगा के मजदूरों को उनकी मेहनत का आधा पै



सत्य की पीड़ा (कोरोना)

हर तपका सत्यता से मुँह चुराए है।सत्यता पीड़ा जो देती है कहने में।सत्य की पीड़ा कभी बयां नही होती।आखिरकार सत्य तो सत्य है फिर मुखौटा क्यो?कोरोना का संसार मे सारांश है जो सत्य है।को- कोई रो- रोज़गारना- नही।<!--/data/user/0/com.samsung.android.app.notes/files/clipdata/clipdata_200514_121216_102.sdoc-->



अपनी दिशा से भटक रहा युवा

आज भारत देश में करोड़ो की सख्यां में युवा बेरोजगार है और दिशा विहीन हो कर भटक रहा है 1 इसके पीछे मै कई कारन मन रहा हूँ 1 अगर में उत्तर भारत की बात करूं जहां से मैं सम्बन्ध रखता हु तो मुझे ये ज्ञात होता है की दो और तीन कारन ही मुख्यत:



छठी फेल की शानदार अंग्रेजी सुनकर कलेक्टर बोले- तुम्हें बीपीएल कार्ड की क्या जरूरत, लड़के ने कहा- संवाद के लिए योग्यता की जरूरत नहीं है

स्वरोजगार योजना में लोन का आवेदन करने से पहले गरीबी रेखा के नीचे का कार्ड बनवाने आए छठी फेल युवक की अंग्रेजी सुन कलेक्टर हैरान रह गए। उन्होंने कहा- तुम इतने अच्छे, स्मार्ट हो और अंग्रेजी भी बाेल लेते हो, तुम छठी फेल नहीं हो सकते। झूठ बोले रहे हो, तुम्हारा बीपीएल कार्ड नही



रेलवे के साथ मिलकर 10 लाख रुपये कमाने का शानदार मौका

रेलवे के साथ मिलकर 10 लाख रुपये कमाने का शानदार मौका-हिंदी या अंग्रेजी में लेख लिखकर सुझाव देने होंगेउम्रसीमा- 20 मार्च 2018 तक 18 साल से अधिकअधिकतम 1000 शब्द में लेखलास्ट डेट- 19 मई (शाम 6 बजे तक)अधिक जानकारी के लिए इस वेबसाइट पर क्लिक करे - https://innovate.mygov.in/jan-bhagidari/



ज़िंदगी रोटी से चलती है, गोली से नहीं

हर कैटेगरी में आरक्षण की देने की बात करने वाली सरकारों को चाहिए कि वह सभी तरह के आरक्षण समाप्त कर अनारक्षित वर्ग के लिए एक कैटेगरी बना दें. फिर जो सरकार के नुमाइंदों का विरोध करें, उनको उस कैटेगरी में डाल दें. हद है आरक्षण मांगने व देने वालों की. इतनी कैटेगरी बना दी है कि





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