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गृहस्थी का मूल पिता है ' फादर्स डे के अवसर पर '

गृहस्थी का मूल पिता है फादर्स डे के अवसर पर मनीष रामरक्खा द्वारा अपनेस्वर्गीय पापा श्री सुभाष रामरक्खा जी को भावभीनी श्रद्धांजली .कविता में वर्णितसभी गुण उनके पापा में विद्यमान थे .मूल है घर गृहस्थीका ,आकाश सा विस्तार है |रीढ़ बन कर जो खड़ा है,साथ निज परिवार है |हंस जैसी चातुरी है,ज्ञान – गुण धर्



सुविचार

मनुष्य के कथनी और करनी में अन्तर नही होना चाहिए



सच्चाई

कब तक तुम मुंह मोडोगे, आखिर सच्चाई से ; कब तक मुंह छुपाओगे ,सच्चाई जानने वालों से।झूठे ख्वाबों के ढेर पर बैठ,कब तक खुशफहमी पालेंगे;नकली खुशियों के ये ढेर,यूं ही जल्दी से बिखर जाएंगे।वास्तविकता आधार पर टिकी है,गलतफहमी ना पालों;बनावटी बातों का आधार नहीं, कोई खुशफहमी ना पालों



' लम्हा '

इतने लम्बे इंतजार के बाद पल भर के लिए खुशयां आई,पलक झपकते पल बीता और फिर किस्मत ने मेरी हंसी उडाई,किस्मत की बात करू तो किस्मत हँस पड़ती है ,हंसने की बात करू तो आखें छलक पड़ती है,बीतें लम्हों में जिंदगी बीतते है.कितनी पुरानी जिंदगी में हर पल नया पाते है,ख्यालो में जिंदगी को सिर्फ पाते है,इस तलाश में ना



बदल गया सुखदुआ समाज

किन्नर से बने सुखदुआ | SUKHDUA SAMAJहारमोनल इनबायलेंस के कारण आयी एक बीमारी की वजह से हमारा समाज हमेशा ही उन्हें कौतुहल से देखता आया है। सैंकड़ो-हजारोंं वर्षों से उपेक्षित इस समाज को किन्नर, हिजड़ा, छकका और भी न जाने किन-किन नामों से पुकारा जाता रहा लेकिन डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने 14 नवंब



कसैले पन का कसाव

(कसैलेपन का कसाव) मेड़मफोटो खीचेंगी यह लाईन अभद्रता भरी लाईन या अभद्रता की प्रतीक थी। एक चाटा भरी आवाजके साथ प्रतीक वर्दियों से घिर गया। किसी के कमर मे काली बेल्ट पैरो मे काले जूतेजिसमे चेरी की पोलिस ही चमक रही थी। किसी के कमर मे बंधी लाल बेल्ट पैरो मे लालजूता वह दरोगा या कह लो सब इंस्पेक्टर यह ला



प्यार क्या है?

प्यार दो दिलो के बीचका एक गहरा स्नेह है। जो किसी दूसरी चिजो मे ना मिले वो सुखद एहसास है। गंगा की तरह पवित्र, यमुना की तरह सुंदर और हिमालय की तरह विशाल है, जिसे तोड़ना साधारण मानव के बस की बात नही। कुदरत का दिया हुआ वोतोहफा है जिसमे खुदा



यूँही तुम मुझसे बात करती हो (Yunhi Tum Mujhse Baat Karti Ho )- सच्चा झूठा

Yunhi Tum Mujhse Baat Karti Ho Lyrics from Sachaa Jhutha is sung by Mohammad Rafi and Lata Mangeshkar and written by Indeevar. Music of Yunhi Tum Mujhse Baat Karti Ho is composed by Kalyanji and Anandji.सच्चा झूठा (Sachaa Jhutha )यूँही तुम मुझसे बात करती हो (Yunhi Tum Mujhse Baat Karti Ho ) की लिर



मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुल्हनिया (Meri Pyari Behaniya Banegi Dulhaniya )- सच्चा झूठा

Meri Pyari Behaniya Banegi Dulhaniya Lyrics from Sachaa Jhutha is sung by Kishore Kumar and written by Indeevar. Music of Meri Pyari Behaniya Banegi Dulhaniya is composed by Kalyanji and Anandji.सच्चा झूठा (Sachaa Jhutha )मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुल्हनिया (Meri Pyari Behaniya Banegi Dulhaniya ) क



सच्चा झूठा (Sachaa Jhutha )

'सच्चा झुथा' 1 9 70 की हिंदी फिल्म है जिसमें राजेश खन्ना, मुमताज, फरील मनमोहन, कमल कपूर, जगदीश राज, विनोद खन्ना, नाज, प्रयाग राज, रत्न माला, परवीन पॉल, रशीद खान, कीर्ति कुमार, विजू खोटे, संतोष कुमार , प्रमुख भूमिकाओं में बिलाल जान, राजन हक्सर और दीना पाठक। हमारे पास सच्चा झुथा के 2 गाने के गीत और 2



तुम

मेरी ख़ामोशी की आवाज़,मुस्कराहट का अंदाज़, बंद पलकों का ख्वाब, और हर ख़ुशी का राज़, हो तुम एक सपने सा है साथ तुम्हारा, एक हकीकत है प्यार तुम्हारा, होठो पे हँसी, आँखों में नमी है तुमसे हर बात की दास्तान है तुमसे, और कहुँ कैसे कितना प्यार है तुमसे



जिदंगी खूबसूरत है

जिदंगी जैसी है यारो; खूबसूरत है,है ख़ुशी की भी ग़मों की भी जरुरत है,ना चला है जोड़ जीवन में किसी भी वीर का,वक़्त के साम्राज्य में किसकी हुकूमत है ?बचपना, क्या बुढ़ापन,कैसी जवानी है,तेरी-मेरी, यार सबकी इक कहानी है,मुस्कुराहट खिल रही थी जिन लबों पे कल तलक ,आज उन आँखों में भी खामोश पानी है,था कही जिन आँखों



जीवन की सच्चाई





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