सच्चे

अन्नकूट गोवर्धन पूजा , 56 तो नहीं 33 साधारण पकवानों द्वारा आयोजित सामूहिक भोज

अन्नकूटगोवर्धन पूजा का आयोजन 56 तो नहीं 33 साधारण पकवान द्वारा आयोजित सामूहिक भोजडॉ शोभा भारद्वाज हम मथुरा के निवासी अन्नकूट ,गोवर्धन पूजा के लिए बहुत समवेदन शीलहैं मैने 10 अन्नकूट विदेश में श्रद्धा भक्ति से मनाये मुस्लिम देश था लेकिनसभ



सच्चे प्रेमियों को समर्पित

तुम जिसे ठुकरा गयी, वो अब जग को रास आ रहा है,जो सुना तुमने नहीं वो धून ज़माना गा रहा है,तुमने बोला था न बरसेगी जहाँ एक बूँद भी कल,उस जमीं के नभ पे इक्छित काला बादल छा रहा है,रात के डर से अकेला तुमने छोड़ा था जिसे कल ,उसकी खातिर आज सजकर, सूर्य का रथ आ रहा है,काँच का टुकड़ा समझकर फेंक आई तुम जिसे थी,पैसो



उत्तम क्षमा, सबको क्षमा, सबसे क्षमा

उत्तम क्षमा, सबको क्षमा, सबसे क्षमाक्षमावाणी पर्व का अपना एक अलग ही महत्व होता है। क्षमा पर्व हमें सहनशीलता से रहने की प्रेरणा देता है।अपने मन में क्रोध को पैदा न होने देना और अगर हो भी जाए तो अपने विवेक से, नम्रता से उसे विफल कर देना। अपने भीतर आने वाले क्रोध के कारण को





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