सदाचार

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सुप्रीम कोर्ट खाप-पंचायतें तथा अंतरजातीय विवाह

(यह लेख इसीशीर्षक से पहले भी प्रकाशित हो चुका है परंतु अब संशोधन कर दिया है)दिनांक 17 जनवरी 2018 के दैनिक जागरण के मुखपृष्ठ पर समाचार है“अंतरजातीय विवाह पर खाप-पंचायतों के हमले अवैध- अंतरजातीय विवाह करने वाले वालेवयस्क पुरुष और महिला पर खाप पंचायत या संगठन द्वारा किसी भी हमले को सुप्रीमकोर्ट ने पूरी



सुप्रीम कोर्ट खाप-पंचायतें तथा अंतरजातीय विवाह

दिनांक 17 जनवरी 2018 के दैनिक जागरण के मुखपृष्ठ पर समाचार है“अंतरजातीय विवाह पर खाप-पंचायतों के हमले अवैध- अंतरजातीय विवाह करने वाले वालेवयस्क पुरुष और महिला पर खाप पंचायत या संगठन द्वारा किसी भी हमले को सुप्रीमकोर्ट ने पूरी तरह अवैध करार दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा, अगर एक वयस्क पुरुष औरमहिला शादी



अन्तरजातीय विवाह लोक परलोक के लिए हानिकारक है

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अन्तरजातीय विवाह लोक-परलोक के लिए हानिकारक है

श्रीमदभगवद्गीता, पुराणसंहिता, कौटिल्यम अर्थशास्त्र आदि ग्रन्थों तथा अनेक ऋषियों ने अन्तरजातीय विवाह को हानिकारक बताया है और ऐसा करने वाले को नरकगामी होना बताया है-संकरो नरकायैव कुलघ्ननां कुलस्य च । पतन्ति पितरो हयेषां लुप्तपिण्डोदकक्रिया ॥





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