1


हिंदुस्तान के युव हिंदी अब कहते भी शर्माते हैं

हिंदी दिवस पर विशेष___ *प्रतियोगिता हेतु* *मातृभाषा,हिन्दी* *हास्य,कविता* 🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦 देश हमारा उन्नति पर है, सब अंग्रेजी बतलाते हैं ।हिंदुस्तान के युवा हिंदी, अब कहते भी शर्माते है ।🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷कविता हो या छन्द-वन्दना,



पुरुष समुंदर है,स्त्री समर्पण..

पुरुष का प्रेम समुंदर सा होता है..गहरा, अथाह..पर वेगपूर्ण लहर के समान उतावला। हर बार तट तक आता है, स्त्री को खींचने, स्त्री शांत है मंथन करती है, पहले ख़ुद को बचाती है इस प्रेम के वेग से.. झट से साथ मे नहीं बहती। पर जब देखती है लहर को उसी वेग से बार बार आते तो समर्पित हो जाती है समुंदर में गहराई तक,



समर्पण

समर्पणमेरे समर्पण को मेरी दीवानगी ठहरा , आज तुम हँस लिए ,मगर ,यह वह आग है , जो अंधेरे को उजाले से मिला ही देगी।परमजीत कौर11 . 12 . 19





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x