कविता खुशबू का झोंका

कविता खुशबू का झोंका---------------------------- कविता खुशबू का झोंका, कविता है रिमझिम सावन कविता है प्रेम की खुशबू, कविता है रण में गर्जन कविता श्वासों की गति है, कविता है दिल की धड़कन हॅंसना रोना मुस्काना, कवितामय सबका जीवन कविता प्रेयसी से मिलन है, कविता अधरों पर चुंबन कविता महकाती सबको, कविता



व्यायाम करने का सही समय |Best Time for Exercise in Hindi

आज के समय भाग-दौड़ भरी जिदंगी मेंलोगों के पास शारीरिक फिटनेस के लिए समय नहीं बच पाता है ऐसे में लोगों को बहुतसारी बीमारी घेर लेती है जिससे कि उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। हालांकि कीकुछ लोग ऐसे भी है जो अपने शरीर की फिटनेस को लेकर काफी चिंतित रहते है और उनके मनमें ये सवाल रहता है कि आखिर दिन के



कलश स्थापना मुहूर्त १०अक्टूबर

http://ptvktiwari.blogspot.com/2018/10/blog-post.html?m=1http://ptvktiwari.blogspot.com/2018/10/blog-post.html?m=1 जानिए : नवदुर्गा में कलश/ धट स्थापना सही समय पर क्यों जरूरी है।



अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग

अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग मन से मन की बातों को,शब्दों के जज्बातों को, सोचती जागती रातों को, अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग.......संबंधों की गहराई को, समय की दुहाई को, अपनों की अच्छाई को,अक्सर समझ नहीं पाते हैं लोग....... नेह से



समय बड़ा “बलवान”

इंसान की नजर में, इस दुनिया में व्यवहारिक रूप में, सबसे छोटी उम्र अवधि किसकी है ? आप कहेंगे अमीबा, वाइरस, की... ! जी नहीं, श्रीमानजी !! इस दुनिया में सबसे छोटी उम्र है सुख की । क्योंकि आनंद को मातम में बदलने में कुछ भी समय नहीं लगता है



13 सितम्बर 2018

हिंदी:वर्तमान संदर्भ में

"किसी देश की सांस्कृतिक सभ्यता तभी समृद्ध होगी जब उस देश की राजभाषा का उचित सम्मान होगा।"मात्र एक सुंदर भावपूर्ण पंक्ति से ज्यादा उपर्युक्त कथन का अभिप्राय हमने कभी समझा ही नहीं या यों कहें हिंदी की औपचारिकता पूरी करने में हम हिंदी को आत्मसात करना भूल गये।सोच रही हूँ हिंदी दिवस की बधाई किसे देनी चाह



समय होत बलवान :----- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस पृथ्वी पर आदिकाल से लेकर वर्तमान काल तक एक से बढकर एक बलवान हुए हैं जिन्होंने अपने जनबल , धनबल एवं बाहुबल का प्रदर्शन करके संसार में सर्वश्रेष्ठ बनने का प्रयास किया है | अनेकों वीर तो ऐसे हुए हैं जिन्होंने तीनों लोकों को जीतने का श्रम किया और सफल भी हुए | परंतु तीनों लोकों में सबसे बलवान एक ही ह



बदले समय में

मित्र कल से आज के बदले समय में, रूठ जायें हम तो फिर आश्चर्य क्या है.



“कुंडलिया” आगे सरका जा रहा समय बहुत ही तेज।

“कुंडलिया” आगे सरका जा रहा समय बहुत ही तेज। पीछे-पीछे भागते होकर हम निस्तेज॥ होकर हम निस्तेज कहाँ थे कहाँ पधारे। मुड़कर देखा गाँव आ गए शहर किनारे॥ कह गौतम कविराय चलो मत भागे-भागेकरो वक्त का मान न जाओ उससे आगे॥महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी



समय

समय का बोध सिर्फ उनको होता है जिनका जन्म होता है. जिसका जन्म हुआ हो उसकी मृत्यु भी निश्चित है और जन्म और मृत्यु के बीच जो है वो ही समय है. जन्म ना हो तो मृत्यु भी ना हो और समय भी ना हो. समय सिर्फ शरीर धारियों के लिए है , आत्मा के लिए नहीं. आत्मा



क्या देश के नागरिको के रहवासी भवन के प्रति सुरक्षा की गांरटी हेतु कानूनी प्रावधान बनाने का समय नहीं आ गया है?

विगत एक हफ्ते के भीतर देश की राजधानी दिल्ली के पास एनसीआर में नवनिर्मित या निर्माणाधीन या पुरानी बिंल्डिग अचानक ढ़ह जाने की लगातार चार घटनाएँ हो गई जिस कारणं सम्पत्ति के अलावा जानमाल का भी बड़ा नुकसान हो गया। ये घटनाएं 17, 21, 22 जुलाई 2018 के बीच गाजियाबाद, शाहबेरी, मसूरी, साहिबाबाद में हुई हैं। शाहब



क्षण क्या है ??????

एक बार पलक झपकने भर का समय ..... , पल - प्रति पल घटते क्षण मे, क्षणिक पल अद्वितीय अद्भुत बेशुमार होते, स्मृति बन जेहन मे उभर आआए वो बीते पल, बचपन का गलियारा, बेसिर पैर भागते जाते थे, ऐसा लगता था , जैसे समय हमारा गुलाम हो, उधेड़बुन की दु



बदलते भारत की तस्वीर

सही मायने में हम कह सकते है कि भारत बदल रहा है . यकीं नहीं आता है न ! अगर हम हर पहलू पर गौर करें तो यह पाएंगे की हम आज काफी आगे निकल रहे हैं. आज हम शिक्षा के क्षेत्र में देखें , करिअर के क्षेत्र में देखे मानसिक या फिर आर्थिक, आज जिंदगी के हर क्षेत्र में बदलाव आ रहा



समय यात्रा: सिद्धांत और संभावनाएं

तो दोस्तों आज हम एक ऐसे Sci-Fi टॉपिक पे बात करने जा रहे है जो कि लोगो मे हमेशा एक रोचक टॉपिक की नज़र में जगह बनाये हुए होता है । अगर आप विज्ञान और Sci-Fi जैसी चीज़ों में दिलचस्पी रखते हैं तो आपने समय यात्रा यानी कि Time Travel के बारे में ज़रूर ही सुना होगा,कितनी आश्चर्यजन



समय

The stream of time does not go away, it never breaks,Whatever you do on time, the rest is easy-to-relax. . . . . (1) Time bends before, as big as he is great, not bigger than time, nothing is the same as the strongest. . . . . (2) When the time cycle grows, It gets a ki



अंक नहीं जीवन का आधार

12वीं कक्षा के समस्त विद्यार्थियों को परीक्षा मैं उत्तीर्ण होने की हृदय तल से बधाई । लेख **अंक नहीं जीवन का आधार** अक्सर देखा गया है कि 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों में परीक्षा परिणाम को लेकर बहुत भय रहता है । परीक्षा का परिणाम



किंकर्तव्यविमूढ

गूढ होता हर क्षण, समय का यह विस्तार! मिल पाता क्यूँ नहीं मन को, इक अपना अभिसार, झुंझलाहट होती दिशाहीन अपनी मति पर, किंकर्तव्यविमूढ सा फिर देखता, समय का विस्तार! हाथ गहे हाथों में, कभी करता फिर विचार! जटिल बड़ी है यह पहेली,नहीं किसी की ये सहेली! झुंझलाहट होती दिशाहीन



जी भर के जीले

क्यूँ कल पर अपने रोता है क्यूँ कल में भागा करता है कल बीता ना बदलेगा ना कल पर तेरा वश है , सुनले मिला वक़्त बस आज का है खुशियाँ बाट , जी भर के जीलेकोई रंक हुआ है राजा शहजादे भी हुए फटीचर मिट्टी की ही पूजा



तुझे कबूल इस समय

कवि: शिवदत्त श्रोत्रियपरिस्थितियाँ नही है मेरी माकूल इस समयतू ही बता कैसे करूँ तुझे कबूल इस समय ||इशारो मे बोलकर कुछ गुनहगार बन गये हैलब्जो से कुछ भी बोलना फ़िज़ूल इस समय ||परिवार मे भी जिसकी बनती थी नही कभीक्यो खुद को समझता है मक़बूल इस समय ||इंसान से इंसान की इंसानियत है लापतादिखता नही खुदा मुझे



कविता

दर्पण टूटा, टुकड़ा बिखरा-- सबने देखा. पर हृद का टुकड़ा-- कौन देखता.साक्षी देकर सौगंध लिया- जीवन भर साथ निभाने का. हर व्यथा झेल आँसू पीकर-- संग जीने का मर जाने का. पतझड़ में झरा, हरित उपवन- सबने देखा. उजड़ा हिय-उपवन- कौन देखता. तड़पन की पीड़ा सस्म



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