मन्वन्तर क्या हैं?

मन्वन्तर एक संस्कॄत शब्द है, जिसका संधि-विच्छेद करने पर = मनु+अन्तर मिलता है। इसका अर्थ है मनु की आयु. प्रत्येक मन्वन्तर एक विशेष मनु द्वारा रचित एवं शासित होता है, जिन्हें ब्रह्मा द्वारा सॄजित किया जाता है। मनु विश्व की और सभी प्राणियों की उत्पत्ति करते हैं, जो कि उनकी आयु की अवधि तक बनती और चलती र



क्या सीखें रामायण में वर्णित शबरी प्रसंग से

त्याग, संघर्षपूर्ण जीवन, नि: स्वार्थ सेवा और निष्काम भक्तिरामायण और रामचरित मानस में भगवान श्रीराम की वनयात्रा में माता शबरी का प्रसंग सर्वाधिक भावपूर्ण है। भक्त और भगवान के मिलन की इस कथा को गाते सुनाते बड़े-बड़े पंडित और विद्वान भाव विभोर हो जाते हैं। माता शबरी का त्याग और संघर्षपूर्ण जीवन, नि: स्व



जय श्री राम

देखो ओ दीवानो तुम ये काम ना करो राम का नाम बदनाम ना करो. शायद दशकों पहले किसी गीतकार ने सच ही कहा था. जिस भगवान् राम की मर्ज़ी के बिना पत्ता तक नहीं हिल सकता तो उस भगवान् राम के मंदिर को कोई कैसे तोड़ सकता है. जो इस सम्पूर्ण सृष्टि के रचियेता है,



शादी के बाद क्यों अपनाती हैं महिलाएं पति का गौत्र ?

सनातन धर्म में ऋषियों के आधार पर आगे इनके वंशज स्थापित किए गए। जिसका हम भी हिस्सा हैं। पाणिनीकी अष्टाध्यायी में गोत्र की एक परिभाषा भी मौजूद है - ‘अपात्यम पौत्रप्रभ्रति गोत्रम्’ जिसका मतलब है कि बेटे के ब



त्रिगुणात्मक सृष्टि :---- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस सृष्टि के जनक जिन्हे ईश्वर या परब्रह्म कहा जाता है वे सृष्टि में घट रही घटनाओं का श्रेय स्वयं न लेकरके किसी न किसी को माध्यम बनाते रहते हैं | परमपिता परमात्मा ने इस सृष्टि की रचना में पंचतत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका बनायी और साथ ही इस सृष्टि में तीन गुणों (सत्व , रज एवं तम) को प्रकट किया और सकल स



कर्म और त्याग

सनातन धर्म में कर्म और धर्म दोनों की ही व्याख्या की गई है , पर तथाकथित हिन्दू इन दोनों ही शब्दों का अर्थ अपनी सुविधा के अनुकूल प्रयोग करते रहे है. सनातन धर्म की सुंदरता इसमें है कि उसमे सभी विचार समा जाते है. यही कारण है कि लोग



पूजा का सच्चा अर्थ

पूजा, उपासना जो बिना स्वार्थ के किया जाए, बिना किसी फल की इच्छा से किया जाए, जो सच्चे मन से सिर्फ ईश्वर के लिए किया जाए वो पूजा सात्विक है , सात्विक लोग करते है. जो पूजा किसी फल की प्राप्ति के लिए की जाये, अपने शरीर को कष्ट द



गुरु पूर्णिमा का महत्व

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है| भारतव र्ष में कई विद्वान गुरु हुए हैं, जिन्होंने सनातन धर्म (हिन्दू धर्म) के चारों वेदों की व्याख्या की थी| कहते है जैसे सूर्य की गर्मी से तपती भूमि को



Azaad Bharat: हिन्दुओं को बदनाम और मुसलमानों का बचाव करने की इंटरनेशनल साजिश तो नही है?

हिन्दुओं को बदनाम और मुसलमानों का बचाव करने की इंटरनेशनल साजिश तो नही है?अंनतनाग में #अमरनाथ यात्रियों पर जो हमला हुआ उसमें #सलीम शेख ने यात्रियों की जान बचा ली और #संदीप शर्मा आतंकवादी पकड़ा गया इस तरह की खबरें मीडिया में चल रही है जो सोची समझी #इंटरनेशनल #साजिश की तरफ इ



धंधेबाज दिखाने लगे शैतानियत, हिन्दू धर्मगुरु को धमकी "साईं को भगवान् मानो वरना................ - Dainik Bharat

आप भले ही साई पूजक हों या निंदक, यह आलेख अवश्य पढ़ें।शंकराचार्य जी साँईं बाबा को भगवान नहीं मानते हैं ...और इसलिए नहीं मानते, क्योंकि हमारे वेदों, पुराणों,उपनिषदों या अन्य किसी भी धर्म ग्रंथों में एक "फकीर" की पूजा का निषेध है....मने , उन्हें भगवान नहीं बनाया जा सकता है..



शर्मनाक : राम कृष्ण शिव से महान हो गया अब साईं, हद कर दी हिन्दुओ ने मूर्खता की ! - Dainik Bharat

हिन्दुओ ने मूर्खता की हद ही कर दी है कौन साईं, इसका असली नाम तक नहीं जानते पर मूर्खता में जैसे हिन्दुओ ने पीएचडी ही किया हुआ है ऐसे ही नहीं हिन्दुओ की ये स्तिथि है, की बहुसंख्यक होते हुए भी मार खाते रहते है चाँद मिया पहले तो बन गया साईं, फिर साईं बाबा हो गया पीर ही था, फि



मिल गया इन्साफ ! झूठे केस में बरी होने से संत आशाराम बापू जी के करोड़ो भक्त हुए प्रसन्न | Punjab Live News

अमन बग्गाजोधपुर: विश्व भर में हिन्दू धर्म का परचम लहराने वाले व धर्मान्तरण के कुकर्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने व लाखो लाखो लोगो की घर वापिसी करवाने वाले संत श्री आशाराम बापू जी और उनके भक्तों के लिए खुशखबरी है। क्योंकि नाबालिक छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में सजा काट रहे बाप



Azaad Bharat: पत्रकार दीपक चौरसिया की बढ़ी मुश्किलें, हजारों लोग गिरफ्तारी की कर रहे हैं मांग

पत्रकार दीपक चौरसिया की बढ़ी मुश्किलें, हजारों लोग गिरफ्तारी की कर रहे हैं मांगजून, 18, 2017-पटना न्यायालय ने दीपक चौरसिया को गैर जमानती वारंट ( Non-bailable Warrant ) भेजा है उसके बाद भी दीपक चौरसिया के न्यायालय में हाजिर नही होने पर लोगों मे भारी आक्रोश है ।नोएडा पुलिस द



मुसलमानों के द्वारा की गयी धोखेबाजी के प्रमाण। धोखेबाजी मुसलमानोँ के खुन मेँ है। | Navbharat Khabar

मुसलमानों के द्वारा की गयी धोखेबाजी के प्रमाण। धोखेबाजी मुसलमानोँ के खुन मेँ है।१- मुहम्मद गौरी ने १७ बार कुरान की कसम खाई थी कि भारत पर हमला नहींकरेगा, लेकिन हमला किया…..२ -अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तोड़ के राणा रतनसिंह को दोस्ती के बहानेबुलाया फिर क़त्ल कर दिया…..३ -औरंगजे



कश्मीर में हुए हिन्दुओ के कत्लेआम पर दोषियों सजा कब दिलवाएगा कोर्ट, कब करवाएगा जांच ! | घरेलू नुस्खे

अयोध्या में 1992 में एक मस्जिद को गिराया गयाये मस्जिद आतंकवादी बाबर के समय में बनाया गया, जो की भारत में कत्लेआम और लूट करने आया थामस्जिद के टूटने की जांच आजतक करवा रही है हमारी कोर्टबीते दिनों मस्जिद को तोड़ने की साजिश के लिए 15 हिन्दू नेताओं के खिलाफ भी जांच का आदेश दिया



बड़ी खबर : कोलकाता के मशहूर मंदिर में आरती की गयी बैन, हिन्दुओ को आरती की इज़ाज़त नहीं !!

हिन्दुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है . कोलकता में दक्षिणेश्वरी काली माता का मंदिर स्थित है . यह मंदिर बहुत ही भव्य और सुंदर है . इस मंदिर का निर्माण 1855 में हुआ था . ये एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है . इस मंदिर का पूरा काम होने में 8 साल लगे थे . जब इस मंदिर का



भारतीय नववर्ष 28 मार्च 2017 को अपने घर पर ध्वज पताका अवश्य लगाए : देवकिशन - The India Post

हमारे शास्त्रो में झंडा या पताका लगाने का विधान है! पताका यश, कीर्ति, विजय , घर में सुख समृद्धि , शान्ति एवं पराक्रम का प्रतीक है। जिस जगह पताका या झंडा फहरता है उसके वेग से नकरात्मक उर्जा दूर चली जाती है ! हिन्दू समाज में अगर सभी घरो में स्वास्तिक या



Azaad Bharat: सोशल मीडिया पर उठी फिर से जनता की आवाज...न्याय में विलंब क्यों ?

सोशल मीडिया पर उठी फिर से जनता की आवाज...न्याय में विलंब क्यों ?आज दिनभर एक ट्रेंड टॉप में चल रहा था जिसके द्वारा हजारों लोग ट्वीट कर रहे थे कि न्याय में विलंब करना भी अन्याय ही है । #न्याय_में_विलंब_क्यों इस हैशटैग को लेकर कई यूजर्स का कहना था कि POCSO कानून का दुरूपयोग



भारतीय नववर्ष 28 मार्च 2017 को अपने घर पर ध्वज पताका अवश्य लगाए : देवकिशन - The India Post

हमारे शास्त्रो में झंडा या पताका लगाने का विधान है! पताका यश, कीर्ति, विजय , घर में सुख समृद्धि , शान्ति एवं पराक्रम का प्रतीक है। जिस जगह पताका या झंडा फहरता है उसके वेग से नकरात्मक उर्जा दूर चली जाती है ! हिन्दू समाज में अगर सभी घरो में स्वास्तिक या



अन्तरजातीय विवाह लोक-परलोक के लिए हानिकारक है

श्रीमदभगवद्गीता, पुराणसंहिता, कौटिल्यम अर्थशास्त्र आदि ग्रन्थों तथा अनेक ऋषियों ने अन्तरजातीय विवाह को हानिकारक बताया है और ऐसा करने वाले को नरकगामी होना बताया है-संकरो नरकायैव कुलघ्ननां कुलस्य च । पतन्ति पितरो हयेषां लुप्तपिण्डोदकक्रिया ॥



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