सवाल

ये हैं वो सवाल जिन्हें Ias की परीक्षा में पूछे गए, आप कितनों का जवाब दे सकते हैं ?

आईएएस बनने का सपना तो बहुत लोग रखते हैं लेकिन कुछ लोग ही बन पाते हैं। बनने वाले भी यूं ही नहीं बन जाते हैं। उन्हें कई परिक्षाएं पास करनी पड़ती हैं तब जाकर मंजिल मिलती है। परिक्षा में आईक्यू लेबल, कॉमन सेंस, प्रजेंस अॉफ माइंड हर चीज चेक किया जाता है। आईएएस एग्जाम में ऐसे कुछ कॉमन क्वेशचन पूछे जाते है



भारत देश में क्यों अंग्रेजी बोलने वालो को पढ़ा लिखा समझने का ट्रेंड है?

मै अपना एक अनुभव बाटना चाहूंगी,एक लिखित परीक्षा में मैंने अच्छा स्थान प्राप्त किया लेकिन साक्षात्कार में सिर्फ इसलिए नहीं लिया गया क्योकि मेरी अंग्रेजी दुसरो से कम अच्छी थी मैंने सवाल किया कि हिंदी से क्या परेशानी हैं तो उत्तर ये मिला कि अंग्रेजी बोलने से एजुकेसन का



जब सवाल को मिल जाए मोक्ष

जब हंगामे में सवालों का वजूद तक ख़त्म हो जाता हो, तब जवाब कहां से मिलेगा. सवालों के चक्रव्यूह में घिरी जिंदगी, महाभारत के अभिमन्यु सरीखी हो गई है. न तो अभिमन्यु चक्रव्यूह तोड़ पाया और न ही जिंदगी को सवालों के जवाब मिलने वाले है. बात सीधी सी है सवाल होते ही जब हंगामा हो जाता है, तब जवाब से पहले सवाल



“गज़ल” लूट कर दिल सवाल मत करना॥

“गज़ल”सब्ज सपने हलाल मत करना सजन अब तो मलाल मत करना क्या खुशी है इस पल नैनों में लूट कर दिल सवाल मत करना॥आज फिर से हवा चली आयीधार अंधड़ बवाल मत करना॥प्यार चाहत चुरा न लेना तुम आँख फरके उबाल मत करना॥यदि पड़ी नजर किरकिरी कोईरगर आँखें गुलाल मत करना॥ बे फिक्र डगर मतलबी छाहेंगैर



बुराई पर सच्चाई की जीत.... विजयादशमी पर्व

रावण का पश्चाताप : हे प्रभु राम, आजके समय में भी स्त्री के अपहरण का दंड आपके भारतवर्ष में दस वर्षों से अधिक काकारावास नहीं है । मुझे अपने अपराध का कितना और कब तक दंड देते रहेंगे... आपकेभारतवासी !!! यह सत्य है कि मेरी बहन शूर्पणखा के अ



क्या दुर्भाग्य, क्या सौभाग्य ? सवाल आसान ! उत्तर बड़ा कठिन !!

जब हम लोग छोटे थे, तब परीक्षा में अक्सर विलोम (विरोधी) शब्द लिखो, परीक्षा में प्रश्न पूछा जाता था और हम खुशी-खुशी उत्तर लिख देते थे जैसे- सुख का दुख, खुशी का गम, हंसने का रोना इत्यादि-इत्यादि । किन्तु इस प्रकार के परीक्षा में पूछे जाने वाले विरोधाभाषी शब्द, कब और कैसे हमारे जीवन का अभिन्न भाग बन कर



नशा

बवाना जे जे कालोनी की नशे के खिलाफ उठिते आवाज के साथ अगर आप हे तो लाइक देकर हमारा साथ दे. अब नही रहिगा नशा कर देगे नशे को दफा नशे से मरते लोगो को बचना हे



ताकता बचपन .

अब वो नमी नहीं रही इन आँखों में शायद दिल की कराह अब,रिसती नही इनके ज़रिये या कि सूख गए छोड़पीछे अपने  नमक और खूनक्यूँ कि अब कलियों बेतहाशा रौंदी जा रही हैं क्यूंकि फूल हमारे जो कल दे इसी बगिया को खुशबू अपनी करते गुलज़ार ,वो हो रहे हैं तार तार क्यूंकि हम सिर्फ गन्दी? और बेहद नीच एक सोच के तले दफ़न हुए जा



छोटा सा सवाल

भारत हो या कोई भी देश हो हर माता पिता अपने बच्चों को असीम प्रेम करते है जिसका ऋण कोई भी नहींउतार सकता । पर असीम प्रेम करने पर बच्चों पर क्या क्या भीत सकती है शायद वो भी नहीं सोचते । मै एक ऐसा ही वाक्या बताने जा रहा हूँ । यदि आपके 2 बच्चें है और कोई विपत्ति या आपदा आती है जिसमें आप या तो अपने अपने आप





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