शायरी



एक लड़की

लड़की हैं वोह कोई खिलौना नहीं जज़्बात हैं उसकी भी कोई मज़ाक नहीं जताने के लिए वोह कोई हक़ नहीं इंसान हैं वह कोई अमानत नहीं



तलाश

तलाश हैं उन राहों कि जो मंज़िल तक पहुंचा सकती हैंतलाश हैं उस रौशनी कि जो अँधेरे को मिटा सकती हैं तलाश हैं उस हकीकत कि जो सपनों को सच बना सकती हैं तलाश हैं उन पलों कि जो ज़िंदगी को पूरी कर सकती



शायरी

वही अक्सर ठहरे पानी में डूब जाया करते हैं,जो शनावर दरिया में बेबाक तैरा करते हैं !https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.comhttps://spirituality.ghazalsofghalib.com



शायरी "रंजन" की

वही अक्सर ठहरे पानी में डूब जाया करते हैं,जो शनावर दरिया में बेबाक तैरा करते हैं !https://ghazalsofghalib.comhttps://sahityasangeet.comhttps://spirituality.ghazalsofghalib.com



बड़ा सुनसान अन्दर हो गया है...

जवाँ आँखों का मंज़र खो गया हैहर एक अहसास खंज़र हो गया है...तमन्ना थी खिले बाग़-ए-चमन कीमग़र दिल एक बंज़र हो गया है...तृप्ति की इक बूँद पाने की ललक मेंसमूचा मन समन्दर हो गया है...न जाने कौन सा मोती लुटा है बड़ा सुनसान अन्दर हो गया है....!..............✍💔✍..…..........



इंतजार है हमें

यूं तो आपके इंतज़ार में हमने कुछ इस तरह आँसू बहाया है रातों की नींद तो छोड़िये हमने दिन का चैन भी गवाया है देखा जो हमने आपको आप हमें पहली नज़र में ही भा गए नज़रों में कुछ इस तरह उतरे की सीधे दिल में समा गए देखा है हमने ज़माने को इश्क़ में धोखा खाते



मंज़िल

ख्वाहिशों की मंज़िल बहुत मुश्किल हैं हिम्मत के रास्ते से चलना हैं रहे कुले हैं बस आज़माने की देरी हैं



शिक्षा

शिक्षा आज शिक्षा एक व्यवसाय बन चुकी हैं क्यों न इस व्यवसाय को नि:स्वार्थ समुदाय बनाया जाये



अदकारा

कभी मुहब्बत-ओ-वफ़ा इस तरफ,कभी अदावत-ओ-ज़फ़ा उस तरफ, 'रंजन' को मकीं का पता तो बता दो,कैसे कैसे किरायेदार है I https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com



शायरी

तेरे बिन भी कभी हमें जीना होगा सोचा कहाँ था, बिन धड़कन के भी दिल धड़केगा सोचा कहाँ था, हमको तेरी खबर जमाने से अब तो मिलने लगी हैं, तू इस तरह हमसे बेखबर हो जाएगा सोचा कहाँ था। ©सखी



ग़ालिब

हवस को है निशात-ए कार कया कया, न हो मरना तो जीने का मज़ा कया !!(Ghalib) ------- ہوس کو ہے نشاطِ کار کیا کیا نہ ہو مرنا تو جینے کا مزا کیا -------- havas ko hai nishaa:t-e kaar kyaa kyaa nah ho marnaa to jiine kaa mazaa kyaa.(ghalib) Translation Eagerness has different var



शायरी

कोई करता है शायरी शौक से, कोई शायरी करता है शौक में. हुए बर्बाद इश्क में हम इस कदर ,हम तो करते है शायरी शोक में. कुछ करते है सोच आला दिमाग़ से, हम तो करते है दिल की आवाज़ से.दीवानगी उनकी शायरी की इस दुनियां पे है, हमारी शायरी



ग़ज़ल

फूलों की बात कीजिए कांटे निकाल करदो शब्द भी कहें पर उनको संभाल करअपनी ही राह पर चलें ये काम है सहीक्या मिल सका किसी की पगड़ी उछाल करअपनी लकीर को यहाँ लम्बी रखो सदाओ रे मनुज हमेशा तू ये कमाल करयह ज़िन्दगी हमें कब चल देगी छोड़ करसच्चाई है यही तू थोडा खयाल करहो काम न अच्छा तो पूछे नही कोईहोता है किसका ना



नज़्म बेरोज़गार

तो और इक बार फिर मेरा सेलेक्शन हो नहीं पाया . मेरी हर एक नाकामी पे रस्सी मुस्कुराती है, ख़ुशी से ऐंठती है और नये बल उसमें पड़ते हैं . मुझे अपना गला घुटता हुआ महसूस होता है........ मैं अपनी छत से जब नीचे गली में झांकता हूँ तो ये लगता है सड़क मुझको उछलकर खींच ले जाएगी . अपने साथ



Ghazals Of Ghalib

आज हम भी जाते है देखने तमाशा सर पे क़फ़न बांध कर "रंजन" ,उनके हाथ में तेग थी और हमने भी सर झुका दिया महफ़िल में !! https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com



कीमत

आज ज़िंदगी की क़ीमत किस क़दर गिर गई है , अफ़सोस नहीं "रंजन" ,लेकिन मौत की गिरी हुई क़दर देख कर जी घबरा रहा है मेरा !!



गुले नाशिगुफ्ता

गुले- काग़ज़ी से ना यूँ बहला दिल मेरा, हम तो गुले- नाशिगुफ्ता के दीवाने है. आलमे ख़्याल ना दिखा यूँ हमको, मेरा आशियाना तो आलमे शुहूद में है. (आलिम)



ज़ुनून

जूनून ने किया किस क़दर ख़ानाख़राब इस हस्ती का "रंजन", मानिंद मजनू अब न तो दर है, न दीवार है न दरवाजा !!https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com Dear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopedia of Indian Classical Mus



Dosti Shayari in Hindi | दोस्ती पर शायरी हिंदी में | JeevanDarpan

ज़िन्दगी गुज़र जाए पर दोस्ती कम ना हों।याद हमें रखना चाहें पास हम ना हों।कयामत तक चकता रहे ये प्यारा सा सफर।दुआ करे कि कभी ये रिश्ता खतम ना हो।Best Dosti Shayariदोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करूँ,आप भूल भी जाओ तो मैं हर पल याद करूँ,खुदा ने बस इतना सिखाया हैं मुझे,कि ख



अच्छा लगता है।

मुझे नींद की तलब नहीं, पर रातों को जागना अच्छा लगता है। मुझे नहीं मालूम वो मेरी किस्मत में है या नहीं, पर उसे खुदा से माँगना अच्छा लगता है। जाने मुझे हक है या नहीं, पर उसकी परवाह करना अच्छा लगता है। उसे प्यार करना सही है या नहीं, पर इस एहसास में जीना अच्छा लगता है। कभी हम साथ होंगे या नहीं, पर य



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