किस ओर जा रहे हैं हम

सैफीना के बच्चे को जब मीडिया ने खाने-पीने से लेकर, उठने बैठने तक की बे-बुनियादी खबरों में बार-बार दिखाया तो ना जाने क्यों मुझे मरते बच्चों का चेहरा बार-बार याद आया। हां बच्चे ही तो थे, अपने थोड़ी थे, ना उस दोगली मीडिया के थे। ये बच्चे त



ये है मोहब्बतें के अभिनेता संग्राम सिंह को एक बच्ची के रूप में प्यारा सा आशीर्वाद मिला | आई डब्लयू एम बज

लोकप्रिय स्टार संग्राम सिंह, जो स्टार प्लस के शो ये है मोहब्बतें में अपने नकारात्मक चित्रण अशोक के लिए लोकप्रिय हैं, नौवें आसमान पर है।26 दिसंबर 2017 को गुरकिरन कौर से शादी करने वाले अभिनेता को एक प्यारी सी बच्ची का आशीर्वाद मिला है गुरकिरन नॉर्वे से आती है और पेशे से VAT



सायरी

बीते पल अगरबत्ती के धुएँ की तरहतस्वीर की तरह फ़िज़ा में मँडराते है और धुआँ बिखर जाने के बाद भीख़ुशबू सी महक फिजाओं में घुल जातीं हैं



नेते, श्री अशोक महादेवराव - लोकसभा सदस्य

निर्वाचन क्षेत्र -गड़चिरोली-चिमुर (ST) (महाराष्‍ट्र)दल का नाम -भारतीय जनता पार्टी ( भा.ज.पा.)ईमेल -ashok[DOT]mahadeorao[AT]sansad[DOT]nic[DOT]in ashoknetempgad[AT]gmail[DOT]comजन्म की तारीख -01/07/1968उच्चतम योग्यता -स्नातकशैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता -बी.ए. यशवंत राव चव्‍हाण ओपन विद्यापीठ से



दोहरे , श्री अशोक कुमार - लोकसभा सदस्य

निर्वाचन क्षेत्र -इटावा (SC) (उत्तर प्रदेश)दल का नाम -भारतीय जनता पार्टी ( भा.ज.पा.)ईमेल -ashokkumar[DOT]doharey[AT]sansad[DOT]nic[DOT]inजन्म की तारीख -23/09/1970उच्चतम योग्यता -स्नातकशैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता -बी.ए., के.के. महाविद्यालय, इटावा, उत्‍तर प्रदेश से शिक्षा ग्रहण कीव्यवसाय -कृषकस



चव्‍हाण , श्री अशोक शंकरराव - लोकसभा सदस्य

निर्वाचन क्षेत्र -नांदेड़ (महाराष्‍ट्र)दल का नाम -भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (भा.रा.कां.)ईमेल -asho[DOT]shankarrao[AT]sansad[DOT]nic[DOT]in ashokchavan009[AT]gmail[DOT]comजन्म की तारीख -28/10/1958उच्चतम योग्यता -प्रोफेशनल ग्रेजुएटशैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता -बी.एससी., एम.बी.ए. हजारीमल जोमा



राजू , श्री अशोक गजपति - लोकसभा सदस्य

निर्वाचन क्षेत्र -विजियानगरम (आंध्र प्रदेश)दल का नाम -तेलुगू देशम पार्टी (ते.दे.पा.)ईमेल -agajapathiraju[DOT]p[AT]sansad[DOT]nic[DOT]inhm[DOT]moca[AT]gov[DOT]inजन्म की तारीख -26/06/1951उच्चतम योग्यता -मैट्रिकशैक्षिक और व्यावसायिक योग्यता -मैट्रिक, हैदराबाद पब्‍लिक स्‍कूल, हैदराबाद, सिंधिया



अब इतना दम कहाँ!

झुक गए हैं कंधे मेरे, अपनों का बोझ उठाते,सपनों का बोझ उठाऊं, अब इतना दम कहाँ!कण कण जोड़कर घरोंदा ये बनाया मैंने,तन-तन मोड़कर इसको सजाया मैंने।रुक गया हूँ, झुक गया हूँ, बहनों का बोझ उठाते,गहनों का बोझ उठाऊँ, अब इतना दम कहाँ!परिवार की आशाओं में खुद को पिराया मैंने,बनकर छत उनकी सदा, खुद को भिगाया मैंने।अ





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