आत्मतत्त्व से ही समस्त चराचर की सत्ता

आत्मतत्व से ही समस्त चराचर की सत्ताप्रायःसभी दर्शनों की मान्यता है कि जितना भी चराचर जगत है, जितना भी दृश्यमान जगत है – पञ्चभूतात्मिका प्रकृति है –उस समस्त का आधार जीवात्मा – आत्मतत्त्व ही है | वही परम तत्त्व है और उसी कीप्राप्ति मानव जीवन का चरम लक्ष्य है | किन्तु यहाँ प्रश्नउत्पन्न होता है कि आत्म



गीता और देहान्तरप्राप्ति

गीता औरदेहान्तरप्राप्तिश्राद्ध पक्ष में श्रद्धा के प्रतीक श्राद्ध पर्व काआयोजन प्रायः हर हिन्दू परिवार में होता है | पितृविसर्जनीअमावस्या के साथ इसका समापन होता है और तभी से माँ दुर्गा की उपासना के साथ त्यौहारोंकी श्रृंखला आरम्भ हो जाती है – नवरात्र पर्व, विजयादशमी,शरद पूर्णिमा आदि करते करते माँ लक्



श्री पुरुषोत्तम मास महात्म्य

🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 हरे कृष्ण, 2💫पुरुषोत्तम मास में राधा कृष्ण की पूजा की जाती है जिनके पास युगल किशोर के श्री विग्रह है तो वे उनकी सेवा पूजा करें ।जिनके पास नहीं है वे फिर फोटो फ्रेम के समक्ष करें ।💫अन्य महीनों में भले ही मंगला आरती न करते हो परंतु पुरुषोत्तम मास में मंगला आरती का नियम अवश्य ले



एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि

एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि डॉ शोभा भारद्वाज वेद व्यास महाभारत कथा लिखना चाहते थे लेकिन उनके लिए एक साथ सोचना एवं लिखना कठिन था बुद्धि की तीब्रता का कलम साथ नहीं दे रही थी वह चाहते थे वह धारा प्रवाह बोलते रहें दूसरा लिपि बद्ध करता रहे उन्होंने श्री गणेश का स्मरण किया गणेश जी प्रकट हुए उन्



गीता और जैन दर्शन

पर्यूषण पर्व चल रहे हैं, और आज भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को भगवान श्री कृष्ण की परा शक्ति श्री राधा जी का जन्मदिवस राधा अष्टमी भी है – सर्वप्रथम सभी को श्री राधाअष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ...गीता गायक भगवान श्री कृष्ण... पर्यूषण पर्व के



सत्य ,धर्म ,न्याय की रक्षा केलिए कृष्णावतार

धर्म ,सत्य ,न्याय की रक्षा के लिए श्री कृष्णावतार डॉ शोभा भारद्वाज ‘नीतिज्ञ , राजनीतिज्ञ एवं कूटनीतिज्ञ श्री कृष्ण’ जब भी धरती पर पाप अनाचार बढ़ता है भगवान धरती पर अवतरित होते है कंस के कारगार में भगवान श्री कृष्ण अवतरित हुए हुए कंस के वध के बाद द्वारिकापुरी नगरी बसा



श्री कृष्ण जन्म महोत्सव

श्री कृष्ण जन्म महोत्सवमंगलवार 11 अगस्त को प्रातः नौ बजकर सात मिनट के लगभग बालव करण और वृद्धि योग मेंभाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि का आरम्भ हो रहा है जो बारह अगस्त को प्रातः ग्यारहबजकर सोलह मिनट तक रहेगी | इस प्रकार ग्यारह अगस्त को स्मार्तों की श्री कृष्णजन्माष्टमी है और बारह अगस्त को वैष्णवों की श्री क



सबके हो तुम राम

कल पाँच अगस्त को सारा विश्व के महान घटनाका साक्षी बना... और ये घटना थी श्री राम जन्म भूमि अयोध्या में राम मन्दिर भूमिपूजन... हम सभी वास्तव में बहुत सौभाग्यशाली हैं कि हमारे माननीय प्रधान मंत्री जीने सनातन महानुभावों की साक्षी में कल जो वहाँ भूमि पूजन किया हम सबको अपने अपनेनिवास से ही उस यज्ञ में सम्



जय बोलो प्रभु श्री राम की

जय बोलो प्रभु श्री राम कीजय बोलो प्रभु श्री राम कीअयोध्या नगरी दिव्य धाम कीपावन नगरी के उस महिमा कीतुलसीदास जी के गरिमा कीजो जन्म भूमि कहलाता हैत्रेतायुग से जिसका नाता हैसुनि रामराज्य मन भाता है।जय बोलो प्रभु श्री राम कीअयोध्या नगरी दिव्य धाम कीजग के पालनहारी श्री रामबिगड़ी सबके बनाते कामभ्राता भरत क



श्रीस्वामी जी की दिव्य यात्रा

।। श्रीमते रामानुजाय नमः।।श्रीरामानुजाचार्य जी की दिव्य देश यात्रा------------------------------------------------श्रीवैष्णव जन श्रीरामानुज स्वामी जी के पास जाकर कहते हैं – “स्वामी जी! आपने श्रीवैष्णव सम्प्रदाय को प्रतिष्ठित किया है और विरोधी सिद्धान्तों को हराया है। अब कृपया तीर्थ यात्रा पर चलिये औ



चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को विस्तार वाद एवं बाजार दोनों चाहिए ?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को विस्तारवाद एवं बाजार दोनों चाहिए ?डॉ शोभा भारद्वाज राष्ट्रपति जिनपिंग की गिद्ध दृष्टि विश्व के बाजार पर हैं चीन आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न देश बन चुका है चीनी सामानों से बाजार पटे हुए हैं कारण चीनी सामान सस्ता है क्योकि चीनी सरकार कारखानों को कच्चे माल पर सब्सिडरी देती ह



गुरु पूर्णिमा पर विशेष

*जय श्रीमन्नारायण**श्रीमद गुरु चरणकमलेभ्यो नमः*🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼 *श्री गुरु पूर्णिमा विशेष* *भाग षष्ठ*🌸🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼आप सभी भगवत भक्तों को पावन गुरु पूर्णिमा महापर्व की हार्दिक बधाई बहुत-बहुत शुभकामनाएं अनेकानेक अमंगल अनुशासनम आज का पावन पर्व वह पर्व है जिस दिन गुरु अपने शिष्य को शक्तिपात दीक्षा



गुरुपूर्णिमा पर विशेष

*जय श्रीमन्नारायण* *श्रीमते गोदाम्बाय नमः*🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 *गुरुपूर्णिमा विशेष* *भाग तृतीय*🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 वैष्णव के चिन्ह स्वयं व्यक्ति को देव तुल्य बना देते हैं वैष्णव दीक्षा लेने के बाद पंच संस्कार युक्त मनुष्य स्वयं एक दिव्य यंत्र अर्थात दिव्य पुरुष के रूप में इस धरा धाम को आलोकित करता है



साधुओं की हत्या

वीर भूमि पर संतों की निर्मम हत्या के हृदय विदारक कुकृत्य पर इनके परशुराम व दुर्वासा जैसे रौद्र स्वरूप का आह्वान करता हूँ ताकि इन नीच प्रवृत्तियों के दानवों का संहार हो सके !! नियति इन क्रूर पापियों को उनके कृत्यों की प्रबल यातना से भी दुष्कर दंड दे व ईश्वर जूना अखाडे के दिवंगत साधुओं को अपने श्रीचरण



08 मार्च 2020

द्वादश माधव परिक्रमा: धरती की प्राचीनतम परिक्रमा 600 वर्षों के स्थगन के बाद पुन: प्रारम्भ

प्रयाग तीर्थों के राजा हैं! सनातन धर्म के अनुसार संसार के सारे तीर्थ प्रयाग से हे हैं, न कि अन्य तीर्थों से प्रयाग! भगवान् श्री ब्रह्मा जी ने सृष्टि का आरम्भ प्रयाग कि भूमि से ही किया था! सृष्टि के क्रम में सर्व प्रथम भगवान् श्री ब्रह्मा जी ने यज्ञ की उत्पत्ति की और यज्ञ



हे राम तीस जनवरी की शाम बापू के अंतिम शब्द

“हे राम” तीसजनवरी 1948की शाम राष्ट्रपितामहात्मा गांधी के अंतिम शब्द <!--[if !supportLineBreakNewLine]--><!--[endif]-->डॉ शोभाभारद्वाज<!--[if !supportLineBreakNewLine]--><!--[endif]-->संयुक्त भारत दोटुकड़ों में बार चुका था भारत एवं पश्चिमी ,पूर्वी पाकिस्तान (1971 में पाकिस्तानसे अलग बना बंगलादेश ) अफ़स



धार्मिक विश्वास और त्याग भावना

धार्मिक विश्वास और त्याग भावना हम प्रायः दो शब्द साथ साथ सुनते हैं– संस्कृति और धर्म | संस्कृति अपने सामान्य अर्थ में एक व्यवस्था का मार्ग है, औरधर्म इस मार्ग का पथ प्रदर्शक, प्रकाश नियामक एवं समन्वयकारी सिद्धान्त है | अतःधर्म वह प्रयोग है जिसके द्वारा संस्कृति को जाना जा सकता है | भारत में आदिकाल स



अध्यात्म

अध्यात्मपरक मन:चिकित्सामनःचिकित्सक अनेक बार अपने रोगियों के साथ सम्मोहन आदि कीक्रिया करते हैं | भगवान को भी अपने एक मरीज़ अर्जुन के मन का विभ्रम दूर करकेउन्हें युद्ध के लिये प्रेरित करना था | अतः जब जब अर्जुन भ्रमित होते – उनके मनमें कोई शंका उत्पन्न होती – भगवान कोई न कोई झटका उन्हें दे देते | यही क



अध्यात्म और मनश्चिकित्सा

अध्यात्म और मनश्चिकित्साअर्जुन ने जब दोनों सेनाओं में अपने ही प्रियजनों को आमनेसामने खड़े देखा तो उनकी मृत्यु से भयाक्रान्त हो श्री कृष्ण की शरण पहुँचे “शिष्यस्तेऽहंशाधि मां त्वां प्रपन्नम् |” तब भगवान ने सर्वप्रथम एक कुशल वैद्य औरमनोवैज्ञानिक की भाँति उनके मन से मृत्यु का भय दूर किया | मृत्यु को अवश



अमिताभ की कुंडली ....



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