तक



मुक्तक विधान

'मुक्तक चार पंक्तियाँ भार सम,मुक्तक का सिद्धांत lपंक्ति तृतीयं मुक्तता , तजि सामंत पदांत llव्यंग्य और वक्रोक्ति में , साधें शेर सदृश्य lपंक्ति तृतीयं सार है , निष्कर्षं परिदृश्य llराजकिशोर मिश्र राज प्रतापगढ़ी



जीवन में असफलता के 10 मुख्य कारण...

जीवन में असफलता के 10 मुख्य कारण... क्या आप बार-बार अपने जीवन में असफलता प्राप्त कर रहे हैं? क्या आप सोचने लगे हैं कि आपकी असफलता का मुख्य कारण आपका भाग्य है? अगर हाँ ! तो इस पोस्ट के द्वारा असफलता के 10 मुख्य कारण को पढ़ें और अपने जीवन में failure के सही कारणों को समझें। हो सकता



दौलत

दौलतजो दिया है गैरों को वोही काम आ साथ जाएगा।राजा का बेटा ताज पहन याद नहीं कर पायेगा।।डॉ. कवि कुमार निर्मल



दौलत

दौलतजो दिया है गैरों को वोही काम आ साथ जाएगा।राजा का बेटा ताज पहन याद नहीं कर पायेगा।।डॉ. कवि कुमार निर्मल



दोहा

महोदय आपको सादर प्रणाम मैंने कुछ दोहे आपको लिंक में भेंजे है आपको अच्छा लगे तो सूचित करे ...और प्रकाशित कर सके तो बड़ी कृपा होगी बहुत बहुत धन्यबाद रुपेश धनगर मथुरा 9410490520 9760986966



चाँद और सूरज

'चाँद' को लख- मन को बहुत हीं सुकून मिलता है।'सूरज' को लख कर पत्थर भी पिधल बह जाता है।।डॉ. कवि कुमार निर्मल



वक़्त पड़ने पे बिछाने के काम आता हूँ

मैं जमाने को हंसाने के काम आता हूँ .किसी का दर्द मिटाने के काम आता हूँ .मुझको अखबार पुराना समझ के फेंको न यूँ .वक़्त पड़ने पे बिछाने के काम आता हूँ .



महिला मताधिकार की जनक : कामिनी रॉय (बांग्ला : য়ামিন রায়)

जी हां, कामिनी रॉय जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन ही समर्पित कर दिया था । आज 12 अक्टूबर को उनकी 155वीं जयंती है । कामिनी पहली ऐसी महिला हैं जिन्होंने ब्रिटिश इंडिया में ऑनर्स में ग्रेजुएशन की थी । कामिनी एक एक्टिविष्ट, शिक्षाविद् होने के साथ ही एक



मुक्तक

"मुक्तक"बादल कहता सुन सखे, मैं भी हूँ मजबूर।दिया है तुमने जानकर, मुझे रोग नासूर।अपनी सुविधा के लिए, करते क्यों उत्पात-कुछ भी सड़ा गला रहें, करो प्लास्टिक दूर।।मैं अंबुद विख्यात हूँ, बरसाने को नीर।बोया जो वह काट लो, वापस करता पीर।पर्यावरण सुधार अब, हरे पेड़ मत छेद-व्यथित चाँद तारे व्यथित, व्यथितम गगन स



शरद ऋतु

🌹सिंहावलोकनी दोहा मुक्तक🌹"""""""""""""""""""""""शरद ऋतु करे आगमन, मन होए उल्लास ।जूही की खुशबू उड़े, पिया मिलन की आस।।आस किसी की मैं करूँ , जो ना आएं पास ।नित देखू राह उसकी, जाता अब विश्वास ।।🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹व्यंजना आनंद ✍



मुक्तक

मात्रिक- - 16 मात्रा भार🌷मुक्तक🌷 """"""""""""हम रुठे है वो भी रुठी। किस्मत देखों कैसे छूटी । जाने कहाँ गये प्यारे दिन, करते थे हम बातें मीठी।।ऐसे नहीं प्रेम होता है। समर्पण से क्रोध खोता है। ऐसे नहीं टीकती दोस्ती, वो दोस्त हमेशा रोता है।।🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹व्यंजना आनंद ✍



जब टिक टॉक स्टार अवनीत कौर ने अपने हॉट अंदाज से सभी का दिल जीत लिया | आई डब्लयू एम बज

जब टिक टॉक स्टार अवनीत कौर ने अपने हॉट अंदाज से सभी का दिल जीत लिया | आई डब्लयू एम बज



मुक्तक

"मुक्तक"नौनिहाल का गजब रूप चंहका मन मोरा।बहुत सलोने गात अघात देखि निज छोरा।सुंदर-सुंदर हाथ साथ गूँजें किलकारी-माँ की ममता के आँचल में उछरे पोरा।।पोरी भी है साथ निहारे वीरन अपना।बापू की आँखों ने देखा सच्चा सपना।कुदरत के खलिहान का खुला पिटारा-ठुमुक चाल बलराम कृष्ण है जग से न्यारा।।महातम मिश्र, गौतम गो



मुक्तकाव्य, वो जाग रहा है

"मुक्तकाव्य"वो जाग रहा हैहमारी सुखनिद्रा के लिएअमन चैन के लिएसीमा की चौहद्दी के लिएऔर आप! अपनी ही जुगलबंदी अलाप रहें हैंनिकलिए बाहर और देखिए सूरज अपनी जगह पर हैचाँद! अपनी रोशनी से नहला रहा हैबर्फ की चादरों पर वीर सैनिक गुनगुना रहा हैकश्मीर से कन्याकुमारी तक आवाज जा रही हैजय हिंद की हुंकार से पड़ोसी ब



सोचा न था

सोचा न था !एक रोज़ इस मोड़ से गुजरना पड़ेगा, जिंदगी को मौत से यूँ लड़ना पड़ेगा,चलते चलते लड़खड़ायेंगे पग राहो में गिरते गिरते खुद ही सम्भलना पड़ेगा !!!डी के निवातिया



कुछ जिस्मानी तकल्लुफ़ से....

<strong><!-- /* Font Definitions */@font-face {font-family:"MS 明朝"; mso-font-charset:78; mso-generic-font-family:auto; mso-font-pitch:variable; mso-font-signature:1 134676480 16 0 131072 0;}@font-face {font-family:"Cambria Math"; panose-1:2 4 5 3 5 4 6 3 2 4; mso-font-charset:0; mso-generic-font-fam



सन्धि शब्दकोष

Title Description Creator subject date Identifier पुस्तकालय पुस्तकालय वह स्थान है जहाँ विविध प्रकार के ज्ञान, सूचनाओं, स्रोतों, सेवाओं आदि का संग्रह रहता है। पुस्तकालय शब्द अंग्रेजी के ला



मुक्तक

"मुक्तक"सूक्ष्म निरीक्षण से हुए, कोटि कोटि सत्काम।जल के भीतर जीव प्रिय, नभचर थलचर आम।मित्र जीव रक्षा करें, बैरी लेते प्राण-रुधिर सभी का एक सा, अलग अलग है नाम।।लघु के लक्ष्य अभेद हैं, लिए साहसी तीर।चावल पय जब भी मिले, पके माधुरी खीर।कटहल पक मीठा हुआ, लिए नुकीले छाल-काले तिल के शक्ति को, कब समझे बेपीर



मुक्तक

"मुक्तक"गैरों ने भी रख लिया, जबसे मुँह में राम।शुद्ध आत्मा हो गई, मिला उचित अभिराम।जिह्वा रसमय हो गई, वाणी हुई सुशील-देह गेह दोनों सुखी, राघव चित आराम।।दर्शन कर अवधेश के, तरे बहुत से लोग।राम जानकी मार्ग पर, काया रहे निरोग।निर्भय होकर चल पड़ो, अंधेरी हो रात-मंजिल मिल जाती सुबह, भागे तम का रोग।।महातम म



उधार देने से मना करने पर इस लड़के ने बनाया 'उधार खाता एप'

दुनिया में हर तरह के लोग पाए जाते है जो अपनी जरूरतों के हिसाब से किसी ना किसी चीज का अविष्कार करते रहते हैं। कुछ लोग अपने मन से चीजों को बनाते हैं तो कुछ अपनी जिद में कुछ नयी चीजें बना देते हैं। कुछ इस तरह का इनवेंट एक 12वीं के छात्र ने कर दिया क्योंकि उसे पास की किराने की दुकान पर कुछ उधार देने से



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x