इसरो ने सफलतापूर्वक लॉन्च किया GSAT-29

श्रीहरिकोटाइंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने बुधवार को जीएसएलवी माक-3 रॉकेट की मदद से जीसैट-29 सैटलाइट सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से किया गया। यह सैटलाइट भू स्थिर कक्षा में स्थापित किया जाएगा। बता दें कि इस साल यह



हो सके तो मुझे माफ़ करना नम्बी!

समाचार आया है -"इसरो के वैज्ञानिक को मिला 24 साल बाद न्याय"न्याय के लिये दुरूह संघर्ष नम्बी नारायण लड़ते रहे चौबीस वर्ष इसरो जासूसी-काण्ड में पचास दिन जेल में रहे पुलिसिया यातनाओं के थर्ड डिग्री टॉर्चर भी सहे सत्ता और सियासत के खेल में प



मेरा उपन्यास अश्वत्थामा यातना का अमरत्व

मेरा उपन्यास अश्वत्थामा यातना का अमरत्व, अमेज़न पर उपलब्ध है। इस उपन्यास में अश्वत्थामा की मनोदशा का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया गया है। कृपया इसे अमेज़न पर आर्डर कर पढें। साथ ही मेरा एक और उपन्यास बाजीराव बल्लाळ एक अद्वितीय योध्या भी अमेज़न पर उपलब्ध है। धन्य



ग्रह जैसे पृथ्वी 370 प्रकाश वर्ष दूर जन्म लेती है। चिली के वैज्ञानिकों का कहना है

ग्रह जैसे पृथ्वी 370 प्रकाश वर्ष दूर जन्म लेती है। चिली के वैज्ञानिकों के रूप में कहें जैसे पृथ्वी धीरे-धीरे विकसित हुई और वह जगह बन गई जहां मनुष्य जी सकते थे, आकाशगंगा में अनगिनत ग्रह हैं जो जन्म लेते रहते हैं। जबकि वैज्ञानिक पूरी तरह से परिपक्व होने वाले ग्रहों की तलाश करते रहते हैं, लेकिन यह देखन



‘ सांख्यिकी दिवस ’ (29 जून)

भारत के महान सांख्यिकीविद और वैज्ञानिक प्रशांत चंद्र महालनोबिस की आज 125वीं जयंति (29 जून) के मौके पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है । सांख्यिकी की फील्ड में अपने योगदान के चलते प्रशांत चंद्र महालनोबिस आज भी याद किए जाते है । महालनोबिस का जन्मदिवस 29 जून सांख्य



समता के मुँह पर तमाचा (ब्राह्मण रसोईया होने का ढोंग किया..., दर्ज हुई FIR)

जाति (caste) और उसमें भी क्रमिकऊँच-नीच के वर्ण !!! एक ईश्वर की संतान होने के बावजूद, भारतीय समाज में कुछ विशेषजाति के लोग तो विशेष काम ही कर सकते है अथवा कुछ विशेष कामों पर कुछ विशेष जातिका ही हक है अथवा कुछ काम विशेष विशेष जाति के द्वारा ही किए जाने चाहिए और दूसरेनही



प्रेरक व्यक्तित्त्व... ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम...

अबुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम अथवा ए॰पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर 1931 - 27 जुलाई 2015)जिन्हें मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति केनाम से जाना जाता है, भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे । वे भारतके पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वै ज्ञान िक और



इगो : एक मनोरोग !

एक खबर पढ़ी थी - "पति ने "सॉरी" नहीं कहा तो गर्भवती ने आग लगा ली" पढ़ा और उसकी तस्वीर भी देखी और फिर एक घटना समझ कर बंद कर दिया। आज ही पता चला कि वह मेरे एक करीबी रिश्तेदार की चचेरी बहन थी। जैसा कि समाचार में लिखा गया था वाकई सत्यता वही थी। पति रेलवे में नौकरी करता था और



माँ मैं एक आनुवंशिक वैज्ञानिक हूँ

"माँ, मैं एक आनुवंशिक वैज्ञानिक हूँ। मैं अमेरिका में मानव के विकास पर काम कर रहा हूं। विकास का सिद्धांत, चार्ल्स डार्विन, आपने उसके बारे में सुना है?" वासु ने पूछा। उसकी मां उसके पास बैठी और मुस्कुराकर बोली, “मैं डार्विन के बारे में जानती हूं, वासु। मैं यह भी जानती हूं कि तुम जो सोचते हो कि उसने जो



वैज्ञानिकों ने दी हिमालयी ग्लेशियरों को लेकर एक खुशखबरी

ग्लोबल वार्मिग को चलते हिमांचल प्रदेश और उत्तराखंड़ के ग्लेशियरों पर पिघलनें का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसी बीच कश्मीर के ग्लेशियरों को लेकर एक खुश खबरी आई है। यहां पिछले कई समय से ग्लेशियरों का आकार बढा है। भारत, पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान तक फैली काराकोरम पर्वत श्रृंखला के करीब 10 ग्लेशियर



OMG! इस स्वदेशी वैज्ञानिक ने गाय के गौबर से बना डाला वातानुकूलीत मकान

हरियाणा (रोहतक) : वर्तमान में बन रहे मकान गर्मी में तपते हैं तो सर्दी में सिकुड़ने को मजबूर कर देते हैं। इसके पीछे कारण है कि मकान निर्माण में प्रयोग होने वाला लोहा, सीमेंट और पक्की ईंट ऊष्मा को अंदर आने से नहीं रोक पाते। इस समस्या से निजात पाने के लिए डॉ. शिव दर्शन मलिक ने गाय के गोबर एवं जिप्सम को



वैज्ञानिकों का दावा कि खोज लिया पाताललोक जहां पहुंचकर भगवान हनुमान ने श्रीराम-लक्ष्मण को अहिरावण के चंगुल से मुक्त कराया था

वैज्ञानिकों ने उस स्थान को खोज निकालने का दावा किया है जिसका वर्णन रामायणमें पाताललोक के रूप में है। हनुमानजी ने यहीं से भगवान राम व लक्ष्मण कोपातालपुरी के राजा अहिरावण के चंगुल से मुक्त कराया था। यह स्थान मध्य अमेरिकीमहाद्वीप में पूर्वोत्तर होंडुरास के जंगलों के नीचे दफन है। अमेरिकी वैज्ञानिकोंने ल



हिंदू धर्म की वैज्ञानिकता

हिंदू परम्पराओं से जुड़े ये वैज्ञानिक तर्क1- कान छिदवाने की परम्परा-भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है।वैज्ञानिक तर्क-दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्त‍ि बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली अच्छी होती है और कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का रक्त संचा



स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद की भारतीय वैज्ञानिक उपलब्धियाँ

आजादी के बाद जहाँ भारत ने समाज के हर क्षेत्र में तेजी से विकास किया वहीं विज्ञान के क्षेत्र में भी अनेक उपलब्धियाँ हासिल कीं। स्वतंत्र भारत की प्रथम सरकार में विज्ञान और प्राकृतिक संसाधनों का एक पृथक मंत्रालय बनाया गया। यह मंत्रालय भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने अधीन रखा था।



डॉ. विक्रम साराभाई : एक स्वप्नद्रष्टा वैज्ञानिक

डॉ. विक्रम साराभाई की ९६ वी वर्ष-गाँठ पर विशेष डॉ. विक्रम साराभाई के नाम को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से अलग नहीं किया जा सकता । यह जग प्रसिध्द है कि वह विक्रम साराभाई ही थे जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थान दिलाया । लेकिन इसके साथ-साथ उन्होंने अन्य





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x