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शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमारविवार तेरह अक्तूबरको आश्विन मास की पूर्णिमा, जिसे शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है का मोहकपर्व है | और इसके साथ ही पन्द्रह दिनों बाद आने वाले दीपोत्सव की चहल पहल आरम्भहो जाएगी | आज अर्द्धरात्र्योत्तर 12:36 परपूर्णिमा तिथि आरम्भ होगी और कल अर्द्धरात्र्योत्तर 2:38 तकरहेगी | देश के अलग



1857 की क्रान्ति में दलित वीरांगना रणबीरी वाल्मीकि का योगदान

भारत देश के नागरिकों को अपने वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्हों2ने देश की मर्यादा की रक्षा करते हुए अपना सर्वस्व लूटा दिया। इतिहास में ऐसे कई लाल हुए हैं, जिन्होंने अपनी जान से



दलित संत बनाम हिन्दुवाद (संत रविदास जी के जन्मदिवस पर विशेष)

शायद आप सभी को "दलित संत" शब्द अजीब लगे लेकिन मुझे यह शब्द प्रयोग करने में कोई संकोच नहीं है. यहां पर यह शब्द उन संतों के लिए प्रयोग किया गया है जो की दलित समुदाय या दलित चिंतन के आदर्श है. कितनी बड़ी विडंबना है की हम उन्हें संत भी कहते हैं और भेदभाव भी करते हैं. मह्रिषी वाल्मीकि, संत रविदास और बहुत





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