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भारतीय-संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक हैं मिट्टी के दीए

आज भले ही दीपावली में चारों ओर कृत्रिम रोशनी से पूरा शहर जगमगा उठता है, लेकिन मिट्टी के दीए बिना दिवाली अधूरी है। मिट्टी के दीए बनने की यात्रा बड़ी लम्बी होती है। इसकी निर्माण प्रक्रिया उसी मिट्टी से शुरू होती है, जिससे यह सारा संसार बना है। यह मिट्टी रूप में भूमि पर विद्यमान रहती है, लेकिन एक दिन ऐस



राधाष्टमी :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*संपूर्ण सृष्टि का सार प्रेम को कहा गया है | प्रेम क्या होता है ?? प्रेम में क्या प्राप्त होता है ?? यदि इसका दर्शन करना हो तो श्री राधारानी का जीवन चरित्र अवश्य देखना चाहिए | जिनके नाम के बिना भगवान कृष्ण का नाम अधूरा माना जाता है , जिनकी पूजा किए बिना भगवान श्री कृष्ण नहीं प्राप्त हो पाते हैं , ऐस



सच मानिए ‘आप और हम’ कुछ विशेष है

ये बात तो सब मानते है की भगवान् है हर व्यक्ति की सोच, शारीरिकर मानसिक स्थिति भिन्न बनाई है| हर व्यक्ति आकार प्रकार में दुसरे व्यक्ति से भिन्न है स्वभाव व् गुणों से लेकर हर चीज़ सब में अलग-अलग है निराली है क्या अपने कभी भी शांति से बैठकर ये सोचा है की हमारे अंदर क्या चीज़ ऐसी है जो हमको दूसरों से अलग



बच्चे बदले क्यूँ न जब चाचा बदले ?

बचपन जीवन का स्वर्णिम समय होता है .न कोई फ़िक्र न कोई परवाह ,अपनी मस्ती में बचपन के दिन बीतते रहते हैं .ये समय ऐसा होता है जब मन पर न तो किसी के लिए कोई निन्दित भाव होता है और न ही बहुत ज्यादा प्यार का भाव ,किसी का जरा सा प्यार अगर बच्चे को उसके करीब ला देता है तो जर



नारी सृष्टि निर्माता के रूप में

आज के लेख की शुरुआत दुर्गा सप्तशती के इस श्लोक से करता हूँ इसमें कहा गया है...विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः, स्त्रियाः समस्ताः सकला जगत्सु।त्वयैकया पूरितमम्बयैतत्, का ते स्तुतिः स्तव्यपरापरोक्तिः॥ - दुर्गा सप्तशती अर्थात्:- हे देवी! समस्त संसार की सब विद्याएँ तुम्हीं से निकली है तथा सब स्त्रियाँ तुम



तकनीकी के अग्रदूत राजीव गांधी का शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण

हमारे भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी का कहना था कि देश के प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा का प्रसार होना चाहिए| यदि प्रत्येक नागरिक शिक्षित होगा तो एक श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण होगा| श्री गांधी हमारे देश में तकनीक लाने वाले पहले व्यक्ति थे जिन्होंने न केवल भारतीय जनता को तकनीकी से रूबरू



हिंदी - एक अंतरराष्ट्रीय भाषा

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हिन्दू मुस्लिम समन्वय के प्रतीक कबीर बाबा

आज धर्म के नाम पर एक दुसरे पर छींटाकसी करने वाले तथाकथित हिन्दू और मुसलमान जो शायद ही धर्म के वास्तविक स्वरूप की परिभाषा जानते हो ऐसे समय में उन्हें कबीर जैसे महान व्यक्तित्व के विचारों को पुन: पढना चाहिए | कबीर किसी विशेष पंथ सम्प्रदाय के नही अपितु पूरी मानव जाति के लिए



भारत का महान सम्राट अकबर नही महाराणा प्रताप थे

राजस्थान की भूमि वीर प्रसूता रही है इस भूमि पर ऐसे-ऐसे वीरों ने जन्म लिया है जिन्होंने अपने देश की रक्षा में न केवल अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया बल्कि शत्रुदल को भी अपनी वीरता का लोहा मानने पर विवश कर दिया | लेकिन दुर्भाग्य ये रहा की हमारे देश का इतिहास ऐसे मुर्ख पक्ष



मातृ दिवस पर विशेष :- ऐ मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी...

मातृ दिवस पर विशेष :- ऐ मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी...http://www.safaltasutra.com/2017/05/mothers-day-special.html



विद्यार्थी परीक्षाओं से डरें नही बल्कि डटकर मुकाबला करें (लेखक :- पंकज प्रखर)

प्रिय विद्यार्थीयों जैसा की आप लोग जानते है की कुछ ही दिनों में बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने जा रही है ऐसे में आप लोगों के परीक्षा संबंधी तनाव और परेशानियों को दूर करने के लिए मै कुछ नये सकारात्मक सूत्र आपको देना चाहता हूँ, क्योकि अपने इतने वर्षों के शिक्षण काल में मैंने अनुभव किया है की छात



वेलेंटाइन डे विशेष : प्रेम पर चुनिंदा हृदयस्पर्शी हिन्दी शायरी संग्रह

जीवन में जब प्रेम दस्तक देता है तो एक जादुई छुअन, एक आंतरिक आनंद की अनुभूति से समूचा अस्तित्व सराबोर हो उठता है। प्रेममयी हृदय की धड़कनों का हर स्पंदन एक पूरी......विजिट - http://www.safaltasutra.com/2017/02/valentine-day-special-heart-touching.html



गौरवशाली राष्ट्र का गौरवशाली गणतांत्रिक इतिहास

लेखक :- पंकज प्रखर गणतन्त्र दिवस यानी की पूर्ण स्वराज्य दिवस ये केवल एक दिन याद की जाने वाली देश भक्ति नही है बल्कि अपने देश के गौरव ,गरिमा की रक्षा के लिए मर मिटने की उद्दात भावना है | राष्ट्र हित में मर मिटने वाले देश भक्तों से भारत का इतिहास भरा पड़ा है अपने राष्ट्र से प्रेम होना सहज-स्वाभाविक



विद्यार्थी को पतन की ओर ले जाती माता पिता की महत्वाकांक्षा

लेख क :- पंकज “प्रखर”कोटा (राज.) प्यारे विद्यार्थियों आपके लिए आज का लेख स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन की निम्न पंक्तियों से शुरू कर रहा हूँ ..“असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।जब तक न सफल हो, नींद चैन क



श्रेष्ट विद्यार्थी और गौरवशाली राष्ट्र (लेखक :- पंकज “प्रखर”)

विद्यार्थी जीवन मनुष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है | इस समय में बने संस्कार, सीखी हुई कलाएँ हमारा भविष्य निर्धारित करती हैं | इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि मनुष्य अपने विद्यार्थी जीवन से ही देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझे | इससे वह अपने जीवन को इस प्रकार ढाल सकेगा कि राष्ट्र के प्



विद्यार्थी जीवन में माता पिता की भूमिका (लेखक :- पंकज "प्रखर " कोटा , राज.)

विद्यार्थी जीवन में माता पिता की भूमिका लेख क :- पंकज " प्रखर " विद्यार्थियों के जीवन में सबसे बड़ी भूमिका में होते है मात पिता ये उनकी नैतिक जिम्मेदारी है की वे अपने बच्चों को नकारात्मक विचारों से बचाएं और अपने स्नेह एवं मार्गदर्शन से उनमे आत्मविश्वास का दीपक प्रज



गांधी - ईश्वरीय चेतना का एक अवतार

गांधी - ईश्वरीय चेतना का एक अवतार लेखक :- पंकज " प्रखर " शास्त्र कहते है की जब भी धरती पर अनाचार,अत्याचार,व्यभिचार,शोषण बढ़ता है तथा लोग आसुरी शक्तियों द्वारा सताये व परेशान किये जाते है, जब कभी मनुष्य अपने देवीय गुणों को छोड़ कर आसुरी प्रवृत्ति की और आकर्षित होने लगता है उस समय ईश्वर महानायक के रू





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