"छंद मदिरा सवैया" वाद हुआ न विवाद हुआ, सखि गाल फुला फिरती अँगना। मादक नैन चुराय रहीं, दिखलावत तैं हँसती कँगना।।

छंद - " मदिरा सवैया " (वर्णिक ) *शिल्प विधान सात भगण+एक गुरु 211 211 211 211 211 211 211 2 भानस भानस भानस भानस भानस भानस भानस भा"छंद मदिरा सवैया" वाद हुआ न विवाद हुआ, सखि गाल फुला फिरती अँगना।मादक नैन चुराय रहीं, दिखलावत तैं हँसती कँगना।।नाचत गावत लाल लली, छुपि पाँव महावर का रँगना।भूलत भान बुझावत हौ



राष्ट्रवाद एक विवाद

डॉ नीलम महेंद्र कृत“राष्ट्रवाद एक विवाद” में राष्ट्रवाद की सीमाओं का विश्लेषण डॉ नीलम महेंद्र कृत राष्ट्रवाद एक विवाद निश्चित हीएक महत्वपूर्ण कृति है कम से कम पठनीय एवं विचारणीय तो अवश्य ही है। इसचिंतन पटक कृति के आवरण पर पुस्तक के शीर्षक के साथ ही उसकी मूल विषय वस्तुको स्पष्ट करने वाला वाक्य राष्ट्



क्या आप जानते हैं शशि थरूर ने की प्रधानमंत्री को लेकर अभद्र और विवादित टिप्पणी?

राजनैतिक परिद्रश्य में खासकर तब जब कांग्रेस का शासन नहीं है केंद्र में ऐसे में उसके नेता विवादित बोल बोलते रहते हैं जब तब प्रधानमंत्री को लेकर अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी भी करते रहते हैं और अभी तक ये एक सामान्य या कहना चाहिए दैनिक चर्या बन चुकी है इसमें कुछ खास लोग ही हैं जो ऐसा करते रहे हैं दिग्विज



तिरभिन्नाट पोहा-पप्पू भिया का रिजाईन

“ क्या भिया ? बोत दिन से दिख नी रिये हो । पेले रविवार भी तुम्हारा इंतेजार किया हमने नी-नी करके 2 घंटे तक राजू को पोहे नी बनान दिये के यार रुक जा अभी आ रिये होयेंगे पप्पू भिया पर तुम आये नी यार, ऐसा थोडा नी चलता है ” – रितिक ने दूर से आते हुये पप्पू भिया से कहा । “ अरे या



“न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की”? - उत्कर्ष श्रीवास्तव

न्याय का अर्थ है नीति-संगत बात अर्थात उचित अनुचित का विवेक | वात्स्यायन ने न्याय सूत्र में लिखा है- “प्रमाणैर्थपरीक्षणं न्यायः“ अर्थात प्रमाणों द्वारा अर्थ का परिक्षण ही न्याय है | भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान किय



यह हैं असली नायिकाएँ

यह हैं असली नायिकाएँ भंसाली का कहना है कि पद्मावती एक काल्पनिक पात्र है ।इतिहास की अगर बात की जाए तो राजपूताना इतिहास में चित्तौड़ की रानी पद्मिनी का नाम बहुत ही आदर और मान सम्मान के साथ लिया जाता है। भारतीय इतिहास में कुछ औरतें आज भी वीरता और सतीत्व की मिसाल हैं जैसे स



कई सच छुपाए गए तो कई अधूरे बताए गए

कई सच छुपाए गए तो कई अधूरे बताए गए अपनी आजादी की कीमत तो हमने भी चुकाई है तुम जैसे अनेक वीरों को खो के जो यह पाई है। कहने को तो हमारे देश को 15 अगस्त 1947 में आजादी मिली थी लेकिन क्या यह पूर्ण स्वतंत्रता थी? स्वराज तो हमने हासिल कर लिया था लेकिन उसे ' सुराज ' नहीं बना



नेता जी ने शायद ऐसा अन्त तो नहीं सोचा होगा

नेता जी ने शायद ऐसा अन्त तो नहीं सोचा होगा देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के सबसे शक्तिशाली राजनैतिक परिवार में कुछ समय से चल रहा राजनैतिक ड्रामा लगभग अपने क्लाइमैक्स पर पहुंच ही गया ( कुछ कुछ फेरबदल के साथ )। दरअसल यू पी के होने वाले चुनावों और मुलायम सिंह की छ



राष्ट्र गान देशभक्ती की चेतना अवश्य जगाएगा

राष्ट्र गान देशभक्ती की चेतना अवश्य जगाएगा " एक बालक को देशभक्त नागरिक बनाना आसान है बनिस्बत एक वयस्क के क्योंकि हमारे बचपन के संस्कार ही भविष्य में हमारा व्यक्तित्व बनते हैं।" सुप्रीम कोर्ट का फैसला , सिनेमा हॉल में हर शो से पहले राष्ट्र गान बजाना अनिवार्य होगा। हमार





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