व्यापारी

हर कोई आज व्यापारी हो गया है। सुख-दुख के तोल में ममता तोल रहा है। ग़म है सिर्फ उसका, फल है ये उसकी करनी का, उसे देखने, सोचने, समझने वाला बोल रहा है। हर कोई आज व्यापारी हो गया है। प्यार को प्रेम समझ कर, अपने घर, आंगन को लांघ, जो दहलीज पार कर गई। आज उसके दिल को नहीं कोई टटोल रहा है। हर कोई आज व्याप





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x