श्री कृष्ण जन्माष्टमी

श्री कृष्ण जन्माष्टमीकल और परसों पूरा देश जन साधारण को कर्म, ज्ञान, भक्ति, आत्मा आदि की व्याख्या समझानेवाले युग प्रवर्तक परम पुरुष भगवान् श्री कृष्ण का 5246वाँजन्मदिन मनाने जा रहा है | कल स्मार्तों (गृहस्थलोग, जो श्रुतिस्मृतियों में विश्वास रखते हैं तथा पञ्चदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश, गणेश और माँ पार



ये 16 अटपटी तस्वीरें साबित करती हैं कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, देखिए

दुनिया में बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो अतरंगी काम करके लोगों की नजरों में आना पसंद करते हैं। कोई अजीब सा घर बनाता है तो कोई अजीब सी हरकतें करता है। यहां हम आपको कुछ ऐसी तस्वीरें दिखाएंगे जिन्हें देखने के बाद आपको यही लगेगा आखिर ये बनाने वाला है कहां ? ये तस्वीरें आपको हैरान करने के साथ ही आपकी हंसी



नींव :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस सृष्टि में आदिकाल से सनातन धर्म विद्यमान है | सनातन धर्म से ही निकलकर अनेकों धर्म / सम्प्रदाय एवं पंथ बनते - बिगड़ते रहे परंतु सनातन धर्म आदिकाल से आज तक अडिग है | यदि सनातन धर्म आज तक अडिग है तो इसका मूल कारण है सनातन के सिद्धांत एवं संस्कार , जिसे सनातन की नींव कहा जाता है | इस संसार में नींव



सुख - दु:ख का रहस्य :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव जीवन में शत्रु - मित्र , दिन - रात , सकारात्मकता - नकारात्मकता की तरह ही सुख एवं दुख भी आते जाते रहते हैं | यह सारे क्रियाकलाप या रिश्ते - नाते मनुष्य की सोच के ऊपर निर्भर होते हैं | यह मनुष्य स्वयं तय करता है कि वह सुखी रहना चाहता है या दुखी ? क्योंकि इसके मूल में मनुष्य की सोच ही होती है |



विचार शक्ति :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*परमपिता परमात्मा के द्वारा इस समस्त सृष्टि में चौरासी लाख योनियों का सृजन किया गया , जिसमें सर्वश्रेष्ठ बनकर मानव स्थापित हुआ | मनुष्य यदि सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ है तो उस का प्रमुख कारण है मनुष्य की बुद्धि , विवेक एवं विचार करने की शक्ति | मनुष्य यदि अपने विचार शक्ति पर समुचित नियंत्रण कर



जाने कब.............

जाने कब नज़र बदल जाए, जो आज अपने हैं वो पराए बन जाएं। आईना भी संभल कर देखना , जाने कब अपनी ही नजर लग जाये। ख्वाबो को दामन मे सहेज कर रखना , जाने कब किस्मत के सितारे बदल जाएं ।दर्द को भी निगाहों मे छिपा कर रखना , जाने कब दर्द ही दवा बन जाये। हवाओं से भी शर्त लगा लेना , जाने कब हम हवाओं से भी आगे निकल



चिरस्थायी शब्द का अर्थ

चिरस्थायी शब्द का मतलब होता है ( टिकाऊ , ऐसी स्थिति या अवस्था जो लम्बे समय तक रहती है ) . इस शब्द का प्रयोग नकारात्मक व सकारात्मक दोनों भाव में ही संभब है . उदाहरण के लिए : 1. वह अपनी चिरस्थायी बीमारी से बिल्कुल परेशान हो चुका है . 2. राम इस बात स



कीमो

आज-कल मुझे अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं,क्योंकि मेरी मां को कैंसर हुआ है और उनकी कीमोथेरेपीचल रही है,जीवन को बचाने की जद्दोजहद में लगी हूं। मैंआपको यह सब बता रही हूं,इसका ये मतलब बिल्कुलनहीं कि मैं अपना दुखड़ा रो रही हूं,बल्कि वहां जो मुझेअनुभव हुआ,उसे आपसे बा



रस्म ए उल्फ़त

चलो यूं निभाते हैं रस्म ए उल्फ़त हम दोनोंमैं हर दुआ में तुम्हारा नाम लूँहर बार तुम आमीन कह देनामेरा हर सजदा हो आगे तुम्हारेतुम हर बार मेरा काबा बन जानामेरी उँगलियों पे तुम तस्बीह की तरहइश्क़ की आयत लिख जानादोहराती रहूँ बार बार तुम्हें हीमेरे लबों का तुम कलमा बन जानाअश्मीरा 19/8/19 05:10 PM



मैं ही सही हूँ, सबसे बड़ा भ्रम

मैं ही सही हूँ, सबसे बड़ा भ्रम : I'm right, The biggest fallacyमैं ही सही हूँ ""तस्वीरें दीवारों से ही नहीं, दिल से भी उतर जाती हैं उनकी , जिन्हें अपने पर खुदा होने का गुरुर होता है। बस जाती हैं यादें दिलों में उनकी , जिन्होंने दिलों को फ़तेह किया होता है। न रहता है ता



महिला होने का महत्व : Value of being a woman

महिला होने का महत्व : Value of being a woman स्त्री महिला अर्थार्थ दादी , माँ , पत्नि , बहन , बेटी, बुआ , मासी ,............आदि ..... आदि| इनके बिना घर केवल मकान होता है, घर नहीं। इनकी कमी का अहसास तब होता है, जब वे घर में नहीं होतीं या आपके साथ किसी स्त्री का सम्बंध



भविन भानुशाली के टिक टॉक पर 5 मिलियन फॉलोअर्स पूरे हुए | आई डब्लयू एम बज

प्रसिद्ध टिक टॉक स्टार भविन भानुशाली ने अपने फैन्स को अपने एक्टिंग और डांस से बहुत प्रभावित किया है। उन्होंने काफी कम उम्र में बहुत कुछ हासिल कर लिया है। वह काफी काफी मेहनत करते है और इसी से उन्हें सफलता और प्रसिद्धि मिली है।उनके टिक टॉक विडियोज बहुत अच्छे होते है जिसके क



ये है मोहब्बतें: करण और इशिता की रमन पर बड़ी बहस | आई डब्लयू एम बज

स्टार प्लस का प्रसिद्ध शो ये है मोहब्बतें बालाजी टेलीफिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस में काफी ड्रामा नजर आ रहा है जहा रमन भल्ला (चैतन्य चौधरी) अपने नए चेहरे के साथ घर आए है।जहा भल्ला परिवार रमन को और उनके बदले व्यवहार को स्वीकार कर लेता है, लेकिन करण (रेयांश वीर चढ़ा) इस बात से



ये रिश्ता क्या कहलाता है: कार्तिक और नायरा की कायरव को बचाने की कोशिश | आई डब्लयू एम बज

ये रिश्ता क्या कहलाता है के लोकप्रिय स्टार प्लस शो निर्देशक कुट ने अपने दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए कई नाटकीय क्षणों के साथ आगामी दृश्यों को बुना है।शो के वर्तमान ट्रैक के अनुसार, माता-पिता कार्तिक (मोहसिन खान) और नायरा (शिवांगी जोशी) अपने जीवन के सबसे कठिन समय से गुजर



ऐस ऑफ स्पेस कपल दिव्या अग्रवाल और वरुण सूद डेंगू से पीड़ित | आई डब्लयू एम बज

वरुण सूद और दिव्या अग्रवाल, जो ऐस ऑफ स्पेस से प्रसिद्ध हुए, शहर के नए प्यारे जोड़े हैंवे एक आइडियल कपल हैं, और, जोड़ी को प्रशंसकों द्वारा प्यार किया जाता है। दिव्या और वरुण स्वस्थ नहीं हैं। डेंगू से पीड़ित होने के कारण वे बीमार हो गए हैं। व



इंटरनेशनल क्रिकेट में 11 साल पूरे करने में विराट कोहली हुए इमोशनल, देखिए तस्वीरें

भारत में क्रिकेट को सबसे ज्यादा तवज्जो दिया जाता है। वैसे तो हॉकी यहां का अस्थायी नेशनल गेम है लेकिन क्रिकेट की दीवानगी हर किसी के सिर चढ़ कर बोलती है। भारतीय क्रिकेट में कपिल देव, सुनील गावस्कर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविण, विरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली



नशेमन

निर्माण नशेमन का नित करती, वह नन्हीं चिड़िया ज़िद करती। तिनके अब बहुत दूर-दूर मिलते, मोहब्बत के नक़्श-ए-क़दम नहीं मिलते।ख़ामोशियों में डूबी चिड़िया उदास नहीं, दरिया-ए-ग़म का किनारा भी पास नहीं। दिल में ख़लिश ता-उम्र सब्र का साथ लिये, गुज़रना है ख़ामोशी से हाथ में हाथ लिये। शजर



बाजार की मंदी और गिरती भारतीय अर्थव्यवस्था

क्या देश में मंदी आने वाली है? क्या भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट है ? क्या आज के माहोल में एक अच्छी नौकरी या एक नया व्यापार शुरू करना मुश्किल है? क्या विदेशी निवेशक भारत में पैसे लगाने से कतरा रहें है? क्या भारत के बड़े व्यापारी भारत में व्यापार न कर के और देशो में अपना व्यापार बढ़ाने की सोच रहे है



सत्यनारायण की कथा तो होती है पर चापेकर बंधुओं को क्यों भूल गए ? हरि कुमार को भी याद रखिए स्कन्द पुराण का हिंदी अनुवाद !

आज अगर कोई कहे कि घर में पूजा है, तो ये माना जा सकता है कि “सत्यनारायण कथा” होने वाली है। ऐसा हमेशा से नहीं था। दो सौ साल पहले के दौर में घरों में होने वाली पूजा में सत्यनारायण कथा सुनाया जाना उतना आम नहीं था। हरि विनायक ने कभी 1890 के आस-पास स्कन्द पुराण में मौजूद इस संस्कृत कहानी का जिस रूप में अन



हमेशा मुस्लिम ने किया प्रताड़ित नहीं बदल सकते स्वयं को संस्कार dna में है विचार ख़ून में -direct action plan १९४६ paksitan की नीव !

15 अगस्त 1946 में मुस्लिम लीग के द्वारा ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ की घोषणा कर दी गई. मुस्लिम लीग के इस एलान ने 16 अगस्त 1946 को कलकत्ता में भीषण दंगे का रूप ले लिया. हर तरफ खून की होली खेली जाने लगी. देखते ही देखते कलकत्ता का सांप्रदायिक दंगा बंगाल और बिहार की सीमा पर भी शुरू हो गया.इस सांप्रदायिक दंगे को



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