वक़्त

1


कुछ वक़्त दो खुद को

नियति को सकारात्मक लो या नकारात्मक -मर्ज़ी तुम्हारी !पर कुछ वक़्त दो खुद को तो कारण, उद्देश्य स्पष्ट होंगे …राम वनगमन नहीं होता तो भरत के मन में भी मंथरा ज़हर घोलती सारे रिश्ते दरार में जीते सम्मान की सत्य की कोई गुंजाइश नहीं होती …सीता अपहरण न होता - तो हनुमान नहीं मिलते समुद्र में रास्ता नहीं बनता वि





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x