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जीव का बन्धन क्या है ? :- आचार्य अर्जुन तिवारी

*ईश्वर द्वारा बनाई गई चौरासी लाख योनियों में भ्रमण करता हुआ जीव अपने कर्मानुसार जब मनुष्य योनि को प्राप्त करता है तो यह जीव अनेक प्रकार के बंधनों से बंध जाता है | इसी बंधन से मुक्त हो जाने पर जीव का मोक्ष माना जाता है | जीव का बंधन क्या है ? इस पर हमारे महापुरुषों के अनेकानेक विचार प्राप्त होते हैं



गुपतार डिक्लरेशन , आर्टिकल 370 की बहाली का गठबंध

गुपतार डिक्लरेशन, आर्टिकल 370 की बहाली का गठबंधन?डॉ शोभा भारद्वाज पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती का का झुकाव सदैव पाकिस्तान की तरफ रहा है उनकी भाषा बदलती रहती है जब वह सत्ता में रहती हैउनकी भाषा अलग होती है सत्ता से हटते ही अलग तेवर दिखाती है .अब पाकिस्तान कमजोर पड़ता जा रहा है आये दिन पाकिस्तान की



जीवन मरण के बीच के समय का सदुपयोग :- आचार्य अर्जुन तिवारी

*ईश्वर द्वारा बनाई गई है सृष्टि बहुत ही रहस्य पूर्ण है | यहां पग पग पर रहस्य भरे पड़े हैं जिनको सुलझाने में मानव जीवन भी कम पड़ जाता है | जीवन एवं मरण का रहस्य अपने आप में अद्भुत रहस्य है | बड़े बड़े ज्ञानी विद्वान इस रहस्य को नहीं समझ पाते हैं और जो इस रहस्य को समझ गया वही परम ज्ञानी कहा जाता है |



प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री के निगरानी में राज्य छह रोग नियंत्रण -संदीप मिश्रा

प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री के निगरानी में राज्य छह रोग नियंत्रण विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में एक साथ 104 टीबी रोग cluster का शुभ आरंभ किया गया जिसमें प्रयागराज में तीन क्लस्टर लोगों की जांच हेतु कार्यरत है जिसमें मेजा में एक अखरी शाहपुर जांच केंद्र ऊँचडीह बाजार जांच कें



कर्क, सिंह और कन्या राशि के लिए गुरु का मकर में गोचर

कर्क, सिंह और कन्या राशियों के लिए गुरु का मकर में गोचरसोमवार29 मार्च 2020, चैत्र शुक्ल षष्ठीको 27:55 (अर्द्धरात्र्योत्तर तीन बजकर पचपन मिनट) के लगभगआयुष्मान योग और कौलव करण में गुरुदेव का गोचर मकर राशि में हुआ था | लेकिन 14मई 2020 को रात्रि 7:47 केलगभग वक्री होते हुए गुरु तीस जून 2020 को सूर्योदय स



चिंगारी

चिंगारीयह कविता नहीं,चिंगारी है...फिर दिल दिल सेजाग उठेगीराष्ट्र पुरुष को स्मरते, स्मरतेइसकी अन्तिम सास रुकेगी ।। धृ ।।यह शब्दों का खेल नहींना कोई मनोरंजन की धारायह स्मरण है सब उनकाजिनका,राष्ट्र समर्पित जीवन सारा ।। १ ।।यह विचारोकी धारा हैराष्ट्रधर्म कि ज्वाला हैव्यक्



कैश के जाते ही

कैश के जाते ही ऐश बंद हो गई हैं ।टोल फ्री रोड हो गए ।अब बियर बारों की भीड़ बैंक मे चली गई।मजदूरो का पी.एफ, मालिको ने जमा करा दिया।पत्नियों ने मुश्किल वक्त मे खर्चा करने वाले पैसो को, मिया जी को पकड़ा दिया।सड़कों मे लोग कम, पैसा ज्यादा घूम रहा हैं। जुए सट्टे अब सब बंद पड़े हैं।महंगी गाडियाँ, दिल्ली की सड़



एक दिया वीर सैनिकों के नाम

एक दिया वीर सैनिकों के नाम डॉ शोभा भारद्वाजदीपावली से एक दिन पहले बार्डर पर आतंकियों को भारत की सरहद के अंदर भेजने उनके द्वारा कश्मीर की धरती को रक्त रंजित करने के लिए निरंतर गोले एवं मोर्टार दागे गये हमारे इस गोलाबारी में भारतीय सेना के चार जवान और बीएसएफ के एक एसआई शहीद हो गए. सेना के कुल पांच जवा



महा विद्या साधना

{{{ॐ}}} #मातंगी_मंत्र_साधनावर्तमान युग में, मानव जीवन के प्रारंभिक पड़ाव से अंतिम पड़ाव तक भौतिक आवश्यकताओ की पूर्ति के लिए प्रयत्नशील रहता है । व्यक्ति जब तक भौतिक जीवन का पूर्णता से निर्वाह नहीं कर लेता है, तब तक उसके मन में आसक्ति का भाव रहता ही है



ईश्वरप्राप्ति का सबसे सरल साधन है भक्ति

*इस धरा धाम पर जन्म लेने के बाद मनुष्य का एक ही लक्ष्य होता है ईश्वर की प्राप्ति करना | वैसे तो ईश्वर को प्राप्त करने के अनेकों उपाय हमारे शास्त्रों में बताए गए हैं | कर्मयोग , ज्ञानयोग एवं भक्तियोग के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त करने का उपाय देखने को मिलता है , परंतु जब ईश्वर को प्राप्त करने के सबसे



बिना शांति के ज्ञान नहीं हो सकता

*इस संसार में मनुष्य येनि में जन्म लेने के बाद जीव अनेकों प्रकार के ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करता है | प्राय: लोग भौतिक ज्ञान प्राप्त करके स्वयं को विद्वान मानने लगते हैं परंतु कुछ लोग ऐसे भी हैं जो आध्यात्मिक एवं आत्मिक ज्ञान (आत्मज्ञान) प्राप्त करने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहते हैं | आत्मज्



भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त जयन्ती

भाईदूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्तजयन्तीपाँच पर्वों की श्रृंखला दीपावली कीपञ्चम और अन्तिम कड़ी है 16 नवम्बर कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाया जानेवाला भाई बहन के मधुर सम्बन्धों तथा भाईचारे का प्रतीक पर्व भाईदूज – जिसे यम द्वितीया केनाम से भी जाना जाता है | यम द्वितीया नाम के पीछे भी एक कथाहै कि समस्त चराच



कविता क्या है?

कविता क्या है?सुबह के सूर्य से लेकर, निशा का चाँद है कविताभरे रस छन्द हो जिसमें, वही इक स्वाद है कविताविरह की वेदना संवेदना श्रंगार है कविताभरी जो भावना उर में, वही उद्गार है कवितालिखी जो पन्त दिनकर ने, ह्रदय का प्यार है कविताभरे जो दर्द घावों को, वही उपचार है कविताकड़ी सी धूप में मिलती, वही इक छांव



ज्ञान को जीवन में उतारें

*इस सृष्टि में अनेकानेक जीवों के मध्य सर्वोच्च है मानव जीवन | जीवन को उच्च शिखर तक ले जाना प्रत्येक मनुष्य का जीवन उद्देश्य होना चाहिए ` किसी भी दिशा में आगे बढ़ने के लिए मनुष्य को मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है चाहे वह सांसारिक पहलू हो या आध्यात्मिक , क्योंकि शिक्षकों एवं गुरुजनों का मार्गदर्शन तथा



विषाद का कारण एवं निवारण

*मानव जीवन बड़ी ही विचित्रताओं से भरा हुआ है | ब्रह्मा जी की सृष्टि में सुख-दुख एक साथ रचे गए हैं | मनुष्य के सुख एवं दुख का कारण उसकी कामनाएं एवं एक दूसरे से अपेक्षाएं ही होती हैं | जब मनुष्य की कामना पूरी हो जाती है तब वह सुखी हो जाता है परंतु जब उसकी कामना नहीं पूरी होती तो बहुत दुखी हो जाता है |



दिन प्रति दिन होरही है हत्या चोरी -संदीप मिश्रा

अब तक हिंदी न्यूज़ /मेजा/प्रयागराज/उरुवा के अंतर्गत अमिलिया कला निवासी अमरनाथ भारतीया घर से दिनांक 23/10/2020 को तकरीबन शाम 7 बजे गाँव के ही बारात में हूलका के लिए निकले थे। जिनकी आज दिनाक 25 अकटुबर2020 को ग्रामसभा सुनबरसा लेहदी के मध्य पावर हाउस के नजदीक नहर की पटरी पर उनका शव मिला।मौके पर मेजा थाना



माँ कात्यायनी वन्दना

हरिगीतिका छन्द,2212 2212 2, 212 2212हे! मात! नत मस्तक नमन नित,वन्दना कात्यायनी।अवसाद सारे नष्ट कर हे, मात! मोक्ष प्रदायनी।हे! सौम्य रूपा चन्द्र वदनी, रक्त पट माँ धरिणी।हे! शक्तिशाली नंदिनी माँ, सिंह प्रिय नित वाहिनी।माथे मुकुट है स्वर्ण का शुभ, पुष्प कर में धारिणी।हे! मात!नत मस्तक नमन नित,वन्दना कात



नवरात्र में कन्या पूजन की प्रासंगिकता

नवरात्रों में कन्या पूजन की प्रासंगिकता आजसभी ने माँ भगवती के छठे रूप – स्कन्दमाता – की उपासना की | शारदीय नवरात्र हों याचैत्र नवरात्र – माँ भगवती को उनके नौ रूपों के साथ आमन्त्रित करके उन्हें स्थापितकिया जाता है और फिर अन्तिम इन कन्या अथवा कुमारी पूजन के साथ उन्हें विदा कियाजाता है | कन्या पूजन किय



‘‘न्यूटन के गति‘‘ का नियम क्या ‘‘अपराधिक राजनीति पर भी लागू होता है?

‘‘न्यूटन‘‘ क्या भारतीय राजनीति को ‘‘न्यूट्रल‘‘ कर देगें?मैं विज्ञान का छात्र रहा हूं। बचपन में मैंने पढ़ा है कि ‘‘न्यूटन के गति‘‘ के तीसरे नियम के अनुसार ‘‘हर क्रिया के बराबर (समान) और विपरीत प्रतिक्रिया होती है‘‘। प्रसिध्द वैज्ञानिक ‘‘न्यूटन‘‘ ने अपनी पुस्तक ‘‘प्रिंसीपिया मैथमैटिका‘‘ (वर्ष 1687) के



शुक्र का कन्या राशि में गोचर

शुक्र का कन्या राशि में गोचर शुक्रवार तेईस अक्तूबर आश्विन शुक्लअष्टमी को विष्टि करण और धृति योग में प्रातः 10:45 के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीतितथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारकशुक्र शत्रु ग्रह सूर्य की सिंह राशि से निक



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