याद

2019 के चुनाव अभियान में मर्यादाएं तार तार

2019 के इलेक्शन संपन्न हुए-गणतांत्रिक प्रक्रियाका एक मील का पत्थर. सारी गहमा-गहमी, उत्तेजना, भाषण, सभाएं इत्यादि कीअभी के लिए तो इति हुई.परन्तु गणतंत्र में चुनाव तो आम बात है और फिरचुनाव होंगे और होते रहेंगे. सभी (आम नागरिक) इस बात से सहमत होंगे किप्रतिस्पर्धता जो गणतंत्र में एक स्वस्थ घटना होनी चाह



दान दो।

दान दो।दान तो सबकुछ कर सकते हैं राजा हरीशचन्द्र की तरह। भारतीय दान दोई हैं।बाद मे न पछताई कोई ।1 कन्यादान (जीवन भर के लिए)(सलाह दान)2 मतदान (पाँच साल के लिए )(गुप्त दान)



याद

बहुत याद आते हो तुम, बहुत याद आतीं हैं बातें तुम्हारी बहुत इंतज़ार करती हूँ तुम्हारा, हर मोड़ पर ठहर जाती हूँ,कि शायद कहीं से दिख जाये, तुम्हारा साया|



महक

छुप ने लगे हैं रिश्ते कि चुभने लगें हैं रिश्ते। दर्द गहरा है, आंखों की कोर पर आंसू कोई ठहरा है। शामिल हो चले हैं लोगों के मेले में, खुद को खुद से छुपाने में शामिल होने लगें हैं झमेले में। रोज रोज कहां बहार आती है, बिन चाही बरसात भी आ जाती है। मन की जमीं सुलग रही है शोलो से, बात जुबां पर न आ जाए । चु



सपा-बसपा ने UP में बांटीं लोकसभा सीटें, पढ़ें- कहां कौन किस सीट पर लड़ेगा चुनाव

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के बीच सीटों को लेकर सहमति बन गई है. सूबे में बसपा को सपा से ज्यादा सीटें मिली हैं. बसपा के खाते में 38 सीटें गई हैं तो सपा को 37 सीटें मिली हैं. दोनों पार्टियां किन-किन सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेंगी इसकी घोषणा कर दी गई है.लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को मात देने के लिए



आपके अनुसार महागठबंधन में से कौन सा नेता मोदी जी को टक्कर दे सकता है? आपको ऐसा क्यों लगता है?

भविष्य जानने के लिए कभी कभी इतिहास में झांकना पड़ता है और वर्तमान को समझना पड़ता है। इस प्रश्न का उत्तर तो एक ही लाइन में है लेकिन इसे सभी पक्ष को ध्यान में रखते हुए समझते हैं। मोदी जी के विषय में अंत में बात करेंगे क्योकि पहले बुरा भाग ही देखना हम पसंद करते हैं।महागठबंधन में सभी दलों में कुछ बातें एक



"गीतिका" भुला बैठे हमारे प्यार और इजहार के वो दिन नहीं अब याद आते है मुहब्बत प्यार के वो दिन

मापनी- 1222 1222 1222 1222, समांत- आर, पदांत- के वो दिन"गीतिका" भुला बैठे हमारे प्यार और इजहार के वो दिननहीं अब याद आते है मुहब्बत प्यार के वो दिनलिखा था खत तुम्हारे नाम का वो खो गया शायदकहीं पर शब्द बिखरे हैं कहीं मनुहार के वो दिन।।उठाती हूँ उन्हें जब भी फिसल कर दूर हो जातेबहारों को हँसा कर छुप गए



यादों का पागलखाना

जब भी तेरी वफाओं का वह ज़माना याद आता है,सच कहूं तो तेरी यादों का पागलखाना याद आता है।कसमों की जंजीर जहां पर, वादों से बनी दीवारें हैंझूठ किया है खंज़र से तेरे नाम की उन पर दरारें है।टूट चुका सपनों का बिस्तर, अफ़सोसों की चादर हैतकियों को गीला करती अश्क़ों की जहां फुहारें हैं।जलती शमा में कैद वहां, परवान



स्पर्श

स्पर्श (यादों का) मैं खेल रही हूं तेरे आंगन में, क्योंकि मैं आज भी तुम्हारी मुस्कान हूं। तुम ही कहते थे ना,तुम मेरे होंठों की मुस्कुराहट में हों। जब मेरे अंतर्मन में कोई बात लगती है मैं आज भी तुम्हारी मुस्कान को ले आती हूं अपने होंठो पर, तुम अपनी गिलगिली उंगलियों को मेरे होंठों पर रख देते थे ना, जब



फिर आज तुम्हारी याद आयी

फिर आज तुम्हारी याद आयी,फिर मैंने तुम पर एक गीत लिखावहीं लिखा जो लिखता आया हूँतुमको फिर अपना मीत लिखा।फिर आज तुम्हारी याद आयी...जिन कदमों की आहट भर से,बढ़ जाती है लय इन सांसों कीउन कदमों को लिखा बांसुरीसांसों की लय को संगीत लिखा।फिर आज तुम्हारी याद आयी....मेरी नजरों से तो हो ओझल तुमपर फिर भी हो मेरे



तुम्हें बच्चों की, याद नहीं आती है ,

वृद्ध दंपति द्वारा आत्महत्या... दुर्भाग्यपूर्ण घटना –हल्द्वानी...2018…( भाव= काल्पनिक )जैसे-जैसे आज शाम ढलने लगी, रोज़ की तरह दीपक की, लौजलने लगी,पत्नी की एकटक आँखें, डब- डबा रही थी,घर की एक-एक चीज़, आँखों में उतर-आ रही थी, दोनों नेमिलकर जाने कैसा , अभागा निर्णयले लिया,



"गीतिका" याद कर सब पुकार करते हैं जान कर कह दुलार करते है

मापनी, 2122 1212 22/112, समान्त- आर, पदांत- करते हैं"गीतिका" याद कर सब पुकार करते हैंजान कर कह दुलार करते है देखकर याद फ़िकर को आयीदूर रहकर फुहार करते है ।।गैर होकर दरद दिया होगा ख़ास बनकर सवार करते हैं।।मानते भी रहे जिगर अपनाधैर्य निस्बत निहार करते है।।लौट आने लगी हँसी मुँहपरमौन महफ़िल शुमार करते हैं।



क्या आप जानते हैं शशि थरूर ने की प्रधानमंत्री को लेकर अभद्र और विवादित टिप्पणी?

राजनैतिक परिद्रश्य में खासकर तब जब कांग्रेस का शासन नहीं है केंद्र में ऐसे में उसके नेता विवादित बोल बोलते रहते हैं जब तब प्रधानमंत्री को लेकर अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी भी करते रहते हैं और अभी तक ये एक सामान्य या कहना चाहिए दैनिक चर्या बन चुकी है इसमें कुछ खास लोग ही हैं जो ऐसा करते रहे हैं दिग्विज



विजयादशमी दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ

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विजयादशमी

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लालू प्रसाद यादव हुए डिप्रेशन के शिकार : मेडिकल रिपोर्ट

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसादयादव डिप्रेशन सेपीड़ित हैं, राजेंद्रइंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकलसाइंसेज (आरआईएमएस) के निदेशकआर के श्रीवास्तवने सोमवार कोकहा।श्रीवास्तवने बताया किएम्स से चिकित्सानिर्वहन पर्ची में भीडिप्र



तमिलनाडु : विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए योगेंद्र यादव

स्वराज इंडिया के राष्ट्रीयअध्यक्ष योगेंद्र यादव कोतिरुवन्नमलाई जिले मेंतमिलनाडु पुलिस ने हिरासतमें लिया | जबवह किसानों सेमिलने के जा रहे थे ।उन्होंने आरोप लगायाकि पुलिस नेउसके साथ हाथापाईकी और पुलिसवैन में धकेलदिया ।उन्होंने तमिलनाडु में अपनेपुलिस के साथपहले अनुभव क



चारा घोटाला : लालू यादव ने सीबीआई कोर्ट में किया सरेंडर

राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) के प्रमुखलालू प्रसाद यादवने गुरुवार कोरांची में एकविशेष सीबीआई अदालतमें आत्मसमर्पण करदिया |उन्होंने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, "मैं अदालतके आदेश कापालन कर रहाहूं। मैं अस्वस्थहूं लेकिन मैंअभी भी आत्मसमर्पणकर रहा हूँ| " बिहार के पूर्व मु



चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका खारिज

झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की अस्थायी जमानत को खारिज कर दिया और उनसे 3० अगस्त तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश भी दिया है| रिपोर्टों में कहा गया है कि लालू के वकील ने चिकित्सा आ



कलम का सिपाही ( लेख )

कलम के सिपाही की विरासत को यूँ बदनाम ना करो, सिपाही हो कलम के तुम यूँ किसी के प्यादे ना बनो.ये दो लाइने कलम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद को समर्पित है, और उन पत्रकारों , लेखकों, कवियों और शायरों को उनका धर



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