योग क्या है

योग क्या हैयोग एक शारीरिक व्यायाम है, जिसे करने से मनुष्य लगभग सभी प्रकार की बीमारियों और शारीरिक समस्या से दूर रहता है।भारत में योग को आध्यात्मिकता से भी जोड़ा जाता है।योग एक ऐसा अभ्यास जिसे लगातार करने से तन, मन, मस्तिष्क और आत्मा स्वस्थ रहती है।मस्तिष्क को एकाग्रित करना तथा शरीर को स्वस्थ रखने



ध्यान के आसन को सुविधाजनक बनाना

ध्यान के आसन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के कुछ सुझाव :अभी तक हम ध्यानके लिए उपयुक्त आसनों के विषय में चर्चा कर चुके हैं | अब आगे, एक अनुकूल आसन का चयनतो हमने कर लिया, लेकिन यदि उसे और अधिक सुविधाजनक बनाना होतो उसके लिए क्या करना चाहिए...यदि आप तह कियेहुए कम्बल को ज़मीन पर गद्दे की भाँति रखकर उस पर बै



ध्यान के लिए उपयुक्त आसन

ध्यान और इसका अभ्यासध्यान के लिए उपयुक्त आसनों पर वार्ता के क्रम में हमने मैत्री आसन, सुखासन, स्वस्तिकासन, वज्रासन और सिद्धासन पर बात की| कुछ अन्य आसन भी ध्यान में बैठने के लिए अनुकूल हो सकते हैं | जैसे:पद्मासन : सिद्धासन की ही भाँतिपद्मासन की सलाह भी प्रायः साधारण साधकों को नहीं दी जाती | क्योंकि य



ध्यान के कुछ अन्य आसन

ध्यान के कुछअन्य आसन :ध्यान के लिएउपयुक्त आसनों पर वार्ता के क्रम में हमने मैत्री आसन, सुखासन, स्वस्तिकासन और सिद्धासन पर बात की | कुछअन्य आसन भी ध्यान में बैठने के लिए अनुकूल हो सकते हैं | जैसे:वज्रासन : कुछ लोग जिनके कूल्होंअथवा घुटनों में किसी प्रकार की समस्या हो वे ऐसे किसी भी आसन में बैठने मेंक



ध्यान के लिए आसन

अपने लिए सुविधाजनक आसन का चयन :टाँगों मेंलचीलेपन के अभाव में सम्भव है कुछ प्रारम्भिक साधकों को सिद्धासन आरम्भ में सुविधाजनकन लगे | आप टाँगों को आर पार मोड़कर ऐसा कोई भी आसन बना सकते हैं जिससे आपके शरीरको इधर उधर झूले बिना, हिले डुले बिना स्थिर होकर बैठने में सहायता मिले, अथवा जैसा कि पहले बताया गया –



ध्यान के लिए आसन

ध्यान में बैठने के लिए आसन (Posture) :बहुत सारे आसनहैं जिनमें आपकी रीढ़ सीढ़ी रहती है और आप आराम से सुविधाजनक स्थिति में अपनी टाँगोंको किसी प्रकार से तोड़े मरोड़े बिना बैठे रह सकते हैं | वास्तव में ध्यान में हाथोंअथवा पैरों पर ध्यान देने की अपेक्षा इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आपकी रीढ़ सीधीहो | इस क्रम



ध्यान के आसन

ध्यान में बैठने के लिए आसन (Posture) :बहुत सारे आसनहैं जिनमें आपकी रीढ़ सीढ़ी रहती है और आप आराम से सुविधाजनक स्थिति में अपनी टाँगोंको किसी प्रकार से तोड़े मरोड़े बिना बैठे रह सकते हैं | वास्तव में ध्यान में हाथोंअथवा पैरों पर ध्यान देने की अपेक्षा इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आपकी रीढ़ सीधीहो | और इस आ



ध्यान के आसन

ध्यान के आसन (Posture)ध्यान एक ऐसीसरल प्रक्रिया है कि जिसका आनन्द हर कोई ले सकता है | जैसा कि पहले भी बता चुकेहैं – ध्यान के लिए शान्तचित्त होकर सुविधाजनक, आरामदायक और स्थिर आसन में बैठजाएँ | शरीर को स्थिर करें, श्वास प्रक्रिया को स्थिर और लयबद्ध करें, और मन कोस्थिर तथा केन्द्रित करें | ध्यान की इन



ध्यान और इसका अभ्यास

ध्यान के अभ्यास के लिए भोजन किसप्रकार का तथा किस प्रकार किया जाना चाहिए इसी क्रम में आगे...निश्चित रूप से जितने भी प्रकार काभोजन आप करते हैं उस सबका अलग अलग प्रभाव आपके शरीर पर होता है | हल्का और ताज़ाभोजन जिसमें सब्ज़ियाँ, फल और अनाज का मिश्रणहो वह सुपाच्य होता है | जबकि भारी और अच्छी तरह से तला भुना



ध्यान और इसका अभ्यास

ध्यान के अभ्यास पर वार्ता करते हुएध्यान के अभ्यास में भोजन की भूमिका पर हम चर्चा कर रहे हैं | इसी क्रम में आगे...भोजन भली भाँति चबाकर करना चाहिये |अच्छा होगा यदि भोजन धीरे धीरे और स्वाद का अनुभव करते हुए ग्रहण किया जाए |पाचनतंत्र को और अधिक उत्तम बनाने के लिए भोजन में तरल पदार्थों की मात्रा अधिकहोनी



ध्यान के समय भोजन का प्रभाव

ध्यान की तैयारी की बात कर रहे हैं तोआगे बढ़ने से पूर्व ध्यान की तैयारी से सम्बद्ध कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्यों को भीसमझ लेना आवश्यक होगा |ध्यान के समय भोजन का प्रभाव :योग का मनोविज्ञान चार प्राथमिकस्रोतों का वर्णन करता है – चार प्राथमिक इच्छाएँ जो हम सभी को प्रेरित करती हैं,और ये हैं – भोजन, सम्भोग,



ध्यान के अभ्यास के लिए तैयारियाँ

हम बात कर रहे हैं कि ध्यान के अभ्यासके लिए स्वयं को किस प्रकार तैयार करना चाहिए | इसी क्रम में आगे :पञ्चम चरण : ध्यान में बैठना :श्वास के अभ्यासों के महत्त्व के विषयमें पिछले अध्याय में चर्चा की थी | श्वास के उन विशिष्ट अभ्यासों को करने के बादआप अब ध्यान के लिए तैयार हैं | ध्यान के आसन में बैठ जाइए



ध्यान

ध्यानऔर इसका अभ्यासध्यान के लिए स्वयं को तैयार करना :हम बात कर रहे हैं कि ध्यान के अभ्यासके लिए स्वयं को किस प्रकार तैयार करना चाहिए | इसी क्रम में आगे : तृतीय चरण…ध्यान की तैयारी के लिए विश्राम केअभ्यास (Relaxation Exercises) :शरीर को खींचने के अभ्यास (StretchExercises) के बाद कुछ देर का विश्राम का



महिला आयोग - ध्यान दें मोदी व योगी

भारत में महिलाओं की मदद हेतु केंद्र और राज्य दोनों में महिला आयोग का गठन किया गया है जिनसे संपर्क करने के लिए 1091 व 181 हेल्पलाइन की व्यवस्था भी की गयी है. साथ ही, उत्तर प्रदेश में इस आयोग से संपर्क के नंबर 1800-180-5220 है. दोनों ही आयोगों के बारे में मुख्य जानकारी



ध्यान के लिए स्वयं को तैयार करना

ध्यानऔर इसका अभ्यासध्यान के लिए स्वयं को तैयार करना :ध्यान के अभ्यास के लिए आपने अपने लिएउचित स्थान और अनुकूल समय का निर्धारण कर लिया तो समय की नियमितता भी हो जाएगी |अब आपको स्वयं को तैयार करना है ध्यान के अभ्यास के लिए | इस विषय में क्रमबद्धरूप से तैयारी करनी होगी | इसी क्रम में...प्रथम चरण – ध्यान



कर्मयोग - कर्म के लिए कर्म

गीता– कर्मयोग अर्थात कर्म के लिए कर्म “गीता जैसा ग्रन्थ किसी को भी केवलमोक्ष की ही ओर कैसे ले जा सकता है ? आख़िर अर्जुन को युद्ध के लिये तैयार करनेवाली वाली गीता केवल मोक्ष की बात कैसे कर सकती है ? वास्तव में मूल गीता निवृत्तिप्रधान नहीं है | वह तो कर्म प्रधान है | गीता चिन्तन उन लोगों के लिये नहीं ह



ध्यान के लिए समय निकालना

ध्यानके लिए समय निकालना और उसकी नियमितता बनाए रखनाध्यान के लिए समय निकालना :ध्यान का अभ्यास रात को अथवा दिन मेंकिसी भी समय किया जा सकता है | किन्तु प्रातःकाल अथवा सायंकाल का समय ध्यान के लिएआदर्श समय होता है – क्योंकि इस समय का वातावरण ध्यान में सहायक होता है | आपकेचारों ओर का संसार शान्त होता है और



महाबलीपुरम में दो प्राचीन संस्कृतियों का मिलन आपसी रिश्तों की मजबूत कड़ी साबित होगा

महाबली पुरम में दो प्राचीनसंस्कृतियों का मिलन आपसी रिश्तों की मजबूत कड़ी साबित होगा ? डॉ शोभा भारद्वाज तमिलनाडू की राजधानी चेन्नई से 60किलोमीटर दूर महाबलीपुरम प्राचीन ऐतिहासिक शहरों में से एक ,बंगाल की खाड़ी केकिनारे स्थित प्राचीन बन्दरगाह था |सातवीं सदी में इसकी स्थापना पल्लव वंश के शक्तिशाली राजा



करवा चौथ के साथ क्या क्या संयोग ...

https://duniaabhiabhi.com/4-amazing-coincidences-with-karva-chauth-and-also/



ध्यान के लिए तैयारियाँ

ध्यान के लिए तैयारियाँ :अब तक बात चल रही थी कि ध्यान कहतेकिसे हैं तथा ध्यान के सम्बन्ध में किस प्रकार के भ्रम हो सकते हैं | अब बात करतेहैं ध्यान के लिए स्वयं को तैयार करने की |ध्यान के अभ्यास में सबसे अधिकमहत्त्वपूर्ण और आवश्यक चरण है ध्यान के अभ्यास के लिए स्वयं को तैयार करना –जिसकी हम प्रायः उपेक्



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