1


चीन और भारत संकट में 1962 से सिख लेना जरूरी इतिहास से सीखता भारत

सोवियत रूस ने अपनी मिसाइलें क्यूबा में तैनात कर दी थीं। इसकी वजह से तेरह दिन के लिए (16 – 28 अक्टूबर 1962) तक जो तनाव रहा उसे “क्यूबन मिसाइल क्राइसिस” कहा जाता है। ये वो बहाना था, जो सुनाकर सोवियत रूस ने नेहरु को मदद भेजने से इनकार कर दिया था। नेहरु शायद इसी मदद के भरोसे बैठे थे जब चीन ने हमला किया



शीतयुद्ध का आग़ाज़

महाशक्तियों में टकराव :शीतयुद्ध की शुरुआतआज पुरा विश्व कोरोना वायरस जेसी महामारी से जुँझ रहा हे इसी बीच दो महाशक्तियों के बीच टकराव अमेरिका ओर चाइना के बिछदिनो दिन बढ़ते जा रहे हे । जेसा की सर्वविविध हे नोवल कोविड-19 चीन के वुहान शहर से अपने प्रकोप की शुरुआत की थी ओर आज ये पूरे विश्व में अपने पेरपसा



गुलाम भारत

गुलाम भारत 1757 में प्लासी के युद्ध में रॉबर्ट क्लाईव के नेतृत्व में ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को पराजित कर दिया इसके साथ ही भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन स्थापित हो गया। उस समय की भारत की राजनीतिक परिस्थितियों पर रॉबर्ट क्लाईव ने अपनी डायरी में एक नोट



कारगिल युद्ध: भारतीय सेना ने नवाज शरीफ को तोहफे में दिया था 'रवीना टंडन' !

साल 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच जो घमासान हुआ था उसमें भारत ने अपने दम पर पाकिस्तान से जंग जीत ली थी। इसमें हमारे कई जवान तो शहीद हुए थे लेकिन 3 महीने के बाद पाकिस्तान ने हार मान ली थी और इस जीत को भारत में 'विजय दिवस' के नाम से जाना जाता है। पूरा देश भारतीय जवानों पर गर्व करता है और इसके साथ



दौर चुनावी युद्धों का

दौर चुनावी युद्धों का✒️जड़वत, सारे प्रश्न खड़े थेउत्तर भाँति-भाँति चिल्लाते,वहशीपन देखा अपनों काप्रत्युत्तर में शोर मचाते।सिर पर चढ़कर बोल रहा थावह दौर चुनावी युद्धों का,आखेटक बनकर घूम रहेजो प्रणतपाल थे, गिद्धों का।बड़े खिलाड़ी थे प्रत्याशीसबकी अपनी ही थाती थी,बातें दूजे की, एक पक्ष कोअंतर्मन तक दहलाती थ



मैदान-ए-जंग

ज्येष्ठ मास की दोपहर थी। चिलचिलाती धूप में जमीन तवे कीतरह तप रही थी। गर्म लू के थपेड़े शरीर में एक चुभन पैदा कर रहेथे। सूरज की तपिश से पसीना भी बाहर आने से डरता था। आसमानमें परिंदों का नाम ना था। उस आग बरसाते हुए आसमान के नीचेरियासतों की पलटनों में कोहराम मचा था। हर तरफ लाशें कटे हुएपेड़ों की तरह गि



अभिनंदन ही नहीं पाक में 24 और भी एयर फ़ोर्स अफसर हैं युद्धबंदी, लेकिन पाक करता हैं इंकार

इमरजेंसी की हालत में इंडियन एयर फोर्स के पायलट अभिनंदन को विमान से इजेक्ट करना पड़ा. जिसके चलते वह गलती से दुश्मन देश पाकिस्तान के इलाके में पहुंच गए. इसके बाद पाक सेना ने उन्हें पकड़ लिया.हालांकि अभिनंदन के मामले में अच्छी बात ये है कि समय से पाकिस्तान ने मान लिया कि अभिनंदन उनके कब्जे में हैं. लेक



क्या चाईना भारत - पाक युद्ध चाहता है ?

-संजय अमान लगभग पिछले पाँच वर्षो में देश के हालात बहुत बदले है या यूँ कहे नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही देश ने करवट लेना शुरू किया है। हालात बदलने के साथ ही साथ तमाम तरह की कठिनाईयां भी उत्पन्न हुई है ज़ाहिर है परिवर्तन कोइ नहीं चाहता है चौतरफ़ा विरोध वर्तमान सरकार को झेलना पड़ा और यह



द्वितीय विश्व युद्ध की दर्दनाक दास्ताँ को बयां करतीं हैं ये 15 दुर्लभ तस्वीरें

द्वितीय विश्व युद्ध की घटना पूरे विश्व के लिए एक बहुत ही भयानक घटना थी। छः साल चलने वाले इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए। कई ऐसे लोग होते हैं जिन्हें इतिहास जानने में तो दिलचस्पी होती है पर इतिहास पढ़ने में नहीं। मगर इतिहास के इन्हीं पन्नों को तस्वीरों की मदद से उनके स



क्या आपको पता है प्रथम विश्व युद्ध कितने भारतीय हुए शहीद?

आज से ठीक 100 साल पहले। तारीख 11 नवंबर 1918। इतिहास में दर्ज वह तारीख है जब चार साल तक दुनिया को हिलाकर रख देने वाला प्रथम विश्व युद्ध आखिर थम चुका था। जब भारत में समुद्र यात्रा को भी अशुभ माना जाता था, उस वक्त कुछ हजार या 2-4 लाख नहीं, बल्कि 11 लाख भारतीय सैनिक प्रथम विश



वो दिन भी क्या दिन थे? (भाग-२)

अपनी नाक़ामियाबी को हम दुसरो पर थोप कर अपनी कमियों पर पर्दा डाल लेते है. और अपनी कामियाबियों पर खुश हो लेते है. आज कहाँ है से हम नावाकिफ़ बने रहते है. जो गुज़र गया उसे भूल जा, जो है हो रहा उसे जान ले. तेरे सर पे जो कभी ताज था, वो उस वक्त का कमाल था,



अर्जुन का अहंकार

अर्जुन का महाभारत के युद्ध के समय, युद्ध ना करने का निर्णय अर्जुन का अहंकार था. ज्यादातर लोग उसके इस निर्णय का कारण मोह मानते है, परन्तु भगवान् कृष्ण इसे उसका अहंकार मानते है. जिस युद्ध का निर्णय लिया जा चूका है, उस युद्ध को अब



पूजा का सच्चा अर्थ

पूजा, उपासना जो बिना स्वार्थ के किया जाए, बिना किसी फल की इच्छा से किया जाए, जो सच्चे मन से सिर्फ ईश्वर के लिए किया जाए वो पूजा सात्विक है , सात्विक लोग करते है. जो पूजा किसी फल की प्राप्ति के लिए की जाये, अपने शरीर को कष्ट द



नागासाकी दिवस

अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध के आखिरी दिनों में जापान पर एटम बम गिराया था। इस दिन 1 9 45 में, जापान पर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा नागासाकी में दूसरा परमाणु बम गिरा दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप अंततः जाप



क्यों होगी देशप्रेमी देशभक्त खूंखार बहादुर कौम की गुलामी? क्या फिर देनी पड़ेगी भारत के शत्रुओं को सलामी?

क्या फिर होगी भारत में गुलामी ?क्या फिर देनी पड़ेगी देश के दुश्मनों को सलामी?क्यों ज़रूरी है देशद्रोहियों-शत्रुओं पर वार लगातार?सारा भारत एक,फिर भी घूम रहे अंग्रेज़ अनेक,भारत का कारोबार बेच,भारत को कुचलते मसलते लूटते फिरंगी शत्रु अनेकोनेक।ल



भारत के वर्तमान सैन्य विकल्प एवं 'एटॉमिक फियर' से मुक्ति! Uri attack news, Hindi Article

कश्मीर स्थित उरी में आतंकियों के माध्यम से एक बार फिर पाकिस्तान ने हमारे 17 निर्दोष जवानों को मौत के मुंह में धकेल दिया है. सारा देश क्रोध से उबल रहा है, तो सरकार सहित तमाम मीडिया संस्थान घटना का विभिन्न स्तर पर लेखा-जोखा कर रहे हैं. इस हमले के बाद लगातार मैंने भी तमाम भारतीय नागरिकों की तरह विभिन्न





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x