shabd-logo
Shabd Book - Shabd.in

चंद्र शर्मा की डायरी

चंद्र शर्मा

18 अध्याय
0 व्यक्ति ने लाइब्रेरी में जोड़ा
0 पाठक
निःशुल्क

 

chandra sharma ki dir

0.0(0)

पुस्तक के भाग

1

मेरी ज़िन्दगी तो हिंदी हैं पर मेरी बीवी अंग्रेजी हैं

14 सितम्बर 2017
0
7
3

बात उस समय की हैं जब मैं 8वीं कक्षा मे पढ़ रहा था। एक दिन हमारे मास्टरजी ने कहा कि एक बहुत ही होशियार लड़का दुसरे विद्यालय से हमारे विद्यालय मे आ रहा हैं और इसी कक्षा मे पढ़ेगा। मुझे आज भी याद हैं की “बहुत होशियार” शब्द पर कुछ ज्यादा ही ज़ोर दे

2

फिल्म समीक्षा : ये सिमरन स्मरण रहने लायक नही

18 सितम्बर 2017
0
0
1

अगर कोई मुझसे पूछे कि सिमरन फ़िल्म कैसी लगी तो मेरा उनसे सवाल होगा कि आपको "क्वीन" कैसी लगी थी। 2014 में न केवल खुद श्रेष्ठ फ़िल्म बनी बल्कि कंगना को श्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाने वाली क्वीन बहुत लोगों को पसंद आई थी पर

3

वो आग जो 27 साल से और भयानक होती जा रही है

19 सितम्बर 2017
0
5
6

कई बार मेरी माँ अपने एक ममेरे भाई को याद किया करती थी। वो कहती थी की वो बहुत अच्छा लड़का था पर छोटी सी उम्र मे ही उसने आत्महत्या कर ली। मेरी माँ को गुस्सा बहुत कम आता था पर जब भी ये वाकया याद आता तो गुस्से में वीपी सिंह को बहुत कोसती। उस समय

4

पटाखों की भ्रूण हत्या

10 अक्टूबर 2017
0
1
1

1992 में एक फ़िल्म आई थी, नाम था यलगार। फ़िल्म के एक सीन में 53 वर्षीय पुलिस इंस्पेक्टर फ़िरोज़ खान, जो फ़िल्म के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एडिटर और ज़ाहिर हैं कि लीड हीरो भी थे, अपने 34 वर्षीय पिता कमिश्नर मुकेश खन्ना को फ़ोन पर कहते हैं कि जब आपको पता हैं कि दुनियां का सबसे खतरनाक कॉन्ट्रैक्ट किलर, कार्लोस,

5

एक कलाकार जिसका कद समय के साथ ऊंचा ही होता गया

11 अक्टूबर 2017
0
0
1

फिल्मों का शौक शुरू से रहा हैं पर गोविंदा वाली पीढ़ी में जन्म लेने के कारण कभी भी मनमोहन देसाई के ज़माने की फिल्में देखना अच्छा नही लगा। गुरुदत्त, राज कपूर की फिल्में तो जैसे किसी और ही दुनियां की लगती थी। राजेन्द्र कुमार, दिलीप कुमार, राजेश खन्ना, जितेंद्र, विनोद खन्ना, शत्रुघन सिन्हा, धर्मेंद्र, विन

6

वो "अशुभ" दिन जब मुंशी प्रेमचंद की कहानियाँ फिर से जी उठी

18 अक्टूबर 2017
0
3
6

6 साल पहलेमैंने मुंशी प्रेमचंद जी की लघुकथाओं का संग्रह ख़रीदा था। कथा संग्रह २ भागों में था परपढने का कभी समय ही नही मिला। करीब 2.5 वर्ष पहलेजब मेरी माँ का देहांत हुआ तब मन बड़ा ही व्यथित था। जीवन से मन उचट सा गया था। तब मैंने वो कथासंग्रह पढना शुरू किया पर 10-12 कथाओं के बाद पढने की हिम्मत ही न रही।

7

18 साल, 12 सर्जरी: कागज का शरीर पर फौलाद सा हौसला

1 नवम्बर 2017
0
1
0

अब इसको आदत कह लें या जन्मजात स्वभाव, हम भारतीय बड़े ही स्वार्थ रहित जीव होते हैं जो अपना छोड़ हमेशा दूसरों के बारे में सोचते रहते हैं। कॉलेज की पढ़ाई खत्म होने से पहले पूछना शुरू कर देते हैं कि कही नौकरी लगी या नही? नौकरी लगते ही पूछना शुरू की और शादी कब कर रहे हो? किसी तरह शादी हुई तो फिर सवाल आता है

8

बेशक ये गर्व की बात हैं पर क्या ये ख़ुशी की बात हैं?

20 नवम्बर 2017
0
3
3

एकसमय ऐसा भी आया था जब विश्व और ब्रह्मांड सुंदरी बनना तो भारत की सुंदरियों के लिएबिल्कुल वैसा हो गया था जैसा एलियंस का दुनियां जीतने के लिए हमेशा अमेरिका पर हीहमला करना। 21 मई 1994कोजो सिलसिला सुष्मिता सेन के साथ शुरू हुआ तो एक के बाद एक खिताबों की ऐसी लाइन लगीकि सट्ट

9

विराट और रवि शास्त्री की वो बातचीत जो भले ही सच न हो पर झूठ भी नहीं लगती

20 जनवरी 2018
0
1
0

भारतीय क्रिकेट टीम के साउथ अफ्रीका जाने से पहलेविराट कोहली (रवि शास्त्री से): सर पहले टेस्ट मैच से पहले हम एक प्रैक्टिस मैच रखवा लें? काफी मदद मिल सकती हैं उससे.रवि शास्त्री: तुम एक महान खिलाडी हो विराट. तुमसे अच्छा कोई नही हैं दुनियां में. तुम्हे प्रैक्टिस की क्या जरूरत. आओ चलो क्लब घूमने चलते हैं.

10

पद्मावती विवाद से भंसाली, करणी सेना, मीडिया, नेताओं सबका फायदा ही फायदा हैं, नुक्सान तो बस एक का ही हैं

25 जनवरी 2018
0
2
1

रामायण के सुंदर कांड में एक प्रसंग हैं। हनुमान जब सीता की खोज में लंका की और जा रहे थे तब नागों की देवी सुरसा, राक्षसी का रूप लेकर आई और उन्हें बीच समुन्द्र रोक कर कहा कि मुझे वरदान प्राप्त हैं कि कोई भी मेरे मुख से बचकर नही जा सकता इसलिए तुम्हे भी मेरा भोजन बनना पड़ेगा। हनुमान ने कहा कि एक बार मैं अ

11

मिलिए चलती फिरती प्रेरणादायी किताब से

12 फरवरी 2018
0
3
1

क्रिकेट का खेल तो हमें विरासत में मिला हैं। हमारे दादा जी देखते थे, पापा भी देखते थे तो हम भी देखते हैं। एक समय वो था जब हम अपने दादा जी के साथ टेलीविजन पर मैच देख रहे होते थे और जैसे ही एक भारतीय खिलाड़ी बल्लेबाजी के लिए आता था, दादा जी के मुंह से कुछ आपत्तिजनक

12

बधाई हो एक और घोटाला हुआ हैं!!!

16 फरवरी 2018
0
3
1

कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपने सबसे पसंदीदा विषय "कांग्रेस के काले कारनामे: नेहरू से मनमोहन तक" पर लंबा चौड़ा भाषण संसद में दिया और बैंकों के घाटे की सच्चाई बताने की कोशिश की थी पर तब मीडिया में चर्चा का केंद्र बिंदु उनका रामायण का उल् लेख बन कर रह गया जो

13

SONU के TITU की SWEETY – दोस्ती या दोस्ताना दिखाना क्या चाहते हो भैय्या?

25 फरवरी 2018
0
1
0

घर वालों ने तो बेटे का नाम लव रखा था पर उन्हें भी क्या पता होगा कि एक दिन ऐसा आएगा जब उनका बेटा एन्टी-लव फिल्में बना बनाकर ही अपने लिए नाम कमा लेगा। कुछ फ़िल्म आलोचक उन पर भले ही महिला विरोधी होने का ठप्पा लगा दें पर अताउल्ला खान और हिमेश रेशमिया के टूटे दिल वाले गान

14

इच्छामृत्यु की ये शर्तें जानकर तो मृत्यु की इच्छा ही खत्म हो जाए

12 मार्च 2018
0
1
1

वर्ष 2001 में सब टीवी का एक कार्यक्रम ऑफिस ऑफिस बहुत लोकप्रिय हुआ था। सरकारी दफ्तरों में ऊपर से नीचे तक फैली हुई कामचोरी और रिश्वतखोरी के ऊपर बने इस कार्यक्रम में एक किरदार सरकारी कर्मचारी पटेल का था जो आम आदमी को दो बातों के लॉजिक के स

15

कण कण में राम देखने वाले को क्या रामभक्त नही मानेंगे

15 मार्च 2018
0
2
1

व्हिस्की में विष्णु बसे, रम में बसे श्रीराम। जिन में माता जानकी और ठर्रे में हनुमान।।पिछले कुछ दिनों से ये पंक्तियां हर जगह छाई हुई हैं क्योंकि पिछले साल इस महान रचना को दुनियां के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद में बोलकर, कुख्यात बनाने वाले सांसद नरेश अग्रवाल, मुल्ला मुलायम का साथ छोड़ राम भक्तों की टोली

16

भरतबन्द का पंचनामा

6 अप्रैल 2018
0
0
0

अगर कोई पूछे कि आपने अपनी ज़िंदगी में सबसे क्रूर मज़ाक क्या सुना हैं तो मैं कहूँगा, "भारत का कानून सब भारतीयों के लिए एक बराबर हैं"। आरक्षण कानून, अल्पसंख्यक कानून, निजी कानून होने के बाद भी कोई दावा करे कि कानून सबके लिए एक बराबर हैं तो वो मज़ाक के अलावा कुछ हो ही नही ह

17

लालकिला बिकने की सच्ची झूठी कहानी

2 मई 2018
0
1
0

शनिवार और रविवार शांति से बिताने के बाद सोमवार सुबह जब आँख खुली तो शोर मचा हुआ था कि "लाल किला बिक गया।" सोशल मीडिया पर पोस्ट पर पोस्ट डालकर हांफते हुए मोदी सरकार के एक अखंड विरोधी को पकड़ा और पूछा, "अब क्या हो गया भाई"?मत पूछो भाई। गज़ब हो गया। लाल किला बिक गया। ताजमहल

18

102 Not Out: एक बाप की “अपने” बेटे को “उसके” बेटे से बचाने की खट्टी मिट्ठी जंग

10 मई 2018
0
0
0

अपने बच्चों पर सब कुछ लुटाने के बावजूद उनसे एक झलक की भीख मांगते हुए माँ बाप और अपने माँ बाप से सब कुछ लूट लेने के बाद भी उनकी संपत्ति के लिए उनके मरने का इंतज़ार करते बच्चे। बच्चों से अपेक्षा और बच्चों की उपेक्षा के बीच घुट घुट कर जीते हुए अभिभावकों के ऊपर बॉलीवुड में अमृत, बागबान, भूतनाथ जैसी बहुत

---

किताब पढ़िए

लेख पढ़िए