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घर का भेदी

निक्की तिवारी

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घर का भेदी, लंका ढाये, अपने घर कि बात, हर घर जाकर बताएं, मंदिर से जाकर शंख बजायें, पर सबकी नजरों से ना, बच पायें जगह - जगह अपनी, बात फैलायें घर का भेदी, लंका ढाये, हर घर जाकर अपनी, बात बताएं. 

ghar ka bhedi

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Bahut khub shandar 👌❣️❣️


वाह वाह NIKKY वाह

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