“झरोखे से झाँकती सुबह”

1


“झरोखे से झाँकती सुबह”

“झरोखे से झाँकती सुबह”अमूमन हर रात को आने का अंदेशा पूर्ववत होता ही है शायद इस रात को भी खबर है कि आज नहीं तो कल मैं भी जरूर आऊँगी पर जब आई तो भावनाओं को झंझोड़कर एक नई सुबह कर गई और याद आने लगे वे दिन जो कभी रात को रात होने ही नहीं देते थे। कितना प्रकाश था उस विशाल मन में





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x