आध्यात्मचिंतन

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मोह का प्रसार :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*ईश्वर की बनाई हुई यह सृष्टि बहुत ही दिव्य एवं रोचक है इसके साथ ही इस संसार को मायामय एवं नश्वर भी कहा गया है | जिसका भी यहां पर जन्म हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित है चाहे वह जड़ हो या चेतन | इस संसार में जो भी जन्म लेता है उसको एक दिन जाना ही पड़ता है यही संसार का शाश्वत सत्य है और यह सत्य प्रायः सभी



आत्मसुधार :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*संपूर्ण जीवन काल में मनुष्य अपनी जीवन शैली , रहन सहन एवं परिवेश का सुधार करता रहता है जिससे वो अमूल्य जीवन को अच्छे से अच्छे जी सके | भाँति - भाँति के साबुन आदि के कृत्रिम साधनों का उपयोग करके शरीर को चमका कर , अच्छे से अच्छा वस्त्र पहन करके , अपने घर को रंग रोगन करके मनुष्य समाज में चमकना तो चाह





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