आम आदमी पार्टी

एससी फैसले के बाद केजरीवाल ब्लॉक से बाहर निकलते हैं, बाबा कहते हैं कि लटका है

दिल्ली सरकार ने आज नौकरशाहों के हस्तांतरण और पोस्टिंग के लिए एक नई प्रणाली शुरू की, जिससे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रशासनिक और अन्य शक्तियों पर एलजी के साथ अपनी लंबी दौड़ वाली लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद मंजूरी दे दी गई।अब तक, लेफ्टिनेंट गवर्नर आईएएस और डैनिक्स (दिल्ली, अ



एससी फैसले के बाद केजरीवाल ब्लॉक से बाहर निकलते हैं, बाबा कहते हैं कि लटका है

दिल्ली सरकार ने आज नौकरशाहों के हस्तांतरण और पोस्टिंग के लिए एक नई प्रणाली शुरू की, जिससे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रशासनिक और अन्य शक्तियों पर एलजी के साथ अपनी लंबी दौड़ वाली लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद मंजूरी दे दी गई।अब तक, लेफ्टिनेंट गवर्नर आईएएस और डैनिक्स (दिल्ली, अ



एएपी बनाम एलजी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले: राजनेताओं ने क्या कहा - टाइम्स ऑफ इंडिया ►

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर राज्य सरकार से स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर सकते हैं, निर्वाचित सरकार की ओर रुकावट नहीं कर सकते हैं और निर्वाचित मुख्यमंत्री से बेहतर नहीं हैं। फैसले पर प्रतिक्रियाओं की एक श्रृंखला का पालन किया। यहां उनमें से कु



एएपी बनाम एलजी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले: राजनेताओं ने क्या कहा - टाइम्स ऑफ इंडिया

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर राज्य सरकार से स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर सकते हैं, निर्वाचित सरकार की ओर रुकावट नहीं कर सकते हैं और निर्वाचित मुख्यमंत्री से बेहतर नहीं हैं। फैसले पर प्रतिक्रियाओं की एक श्रृंखला का पालन किया। यहां उनमें से कु



क्या हम मुफ्तखोर है?

मुफ्तखोरी किसे कहते है ये क्या आर एस एस और बीजेपी हमे सिखाएगी ? इस देश के 70% गरीब लोगों को मुफ्तखोर कहना उनका अपमान है बीजेपी ऐसा कहना बंद करे नहीं तो जनता उसे सबक सिखाएगी। गरीबों को उनका पूरा हक़ दे सरकार। जितना पैसा केंद्र और राज्यों से गरीबो के लिए आता है पाई पाई उसके पास पहुँचाने की व्यवस्था क



मन की बात नहीं जान की बात

प्रिये अरविन्द केजरीवाल जी इस प्रचंड बहुमत के लिए 'आप' और आपको बधाई। जिस भाजपा को ठीक 9 महीने पहले जनता ने प्रचंड बहुमत दिया था उसी जनता ने मोदी और बीजेपी को धूल चटा दिया। इसके कारणों की अगर समीक्षा करे तो केवल यही निष्कर्ष निकल कर आता है की जनता अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होने वाली है। जिस 15



इसे कहते हैं आम आदमी की ताकत खडूस राजनीतिज्ञों

​ किसी शायर ने कहा है - ''कौन कहता है आसमाँ में सुराख़ हो नहीं सकता , एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों .'' भारतवर्ष सर्वदा से ऐसी क्रांतियों की भूमि रहा है जिन्होंने हमेशा ''असतो मा सद्गमय ,तमसो मा ज्योतिर्गमय ,मृत्योर्मामृतं गमय''का ही सन्देश दिया है और क्रांति कभी स्वयं नहीं होती सदैव क्र





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