आलेख शालिनी कौशिक



अब जनता मांगे हाईकोर्ट बेंच मेरठ

मुंबई हाईकोर्ट की एक खडपीठ कोल्हापुर में बनने का रास्‍ता साफ हो गया है. कोल्‍हापुर खंडपीठ के लिए महाराष्‍ट्र सरकार कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही सरकार खंडपीठ के लिए 1120 करोड़ रुपये भी प्रदान करेगी. जिसे खंडपीठ की इमारत निर्माण और विभिन्‍न व्‍यवस्‍थाओं



तेजाबी गुलाब है मीडिया का वैलेनटाइन

''गूंजे कहीं शंख कहीं पे अजान है , बाइबिल है ,ग्रन्थ साहब है,गीता का ज्ञान है , दुनिया में कहीं और ये मंजर नहीं नसीब , दिखलाओ ज़माने को ये हिंदुस्तान है .'' ऐसे हिंदुस्तान में जहाँ आने वाली पीढ़ी के लिए आदर्शों की स्थापना और प्रेर



प्यार से भी मसलों का हल निकलता है

" प्यार है पवित्र पुंज ,प्यार पुण्य धाम है. पुण्य धाम जिसमे कि राधिका है श्याम है .श्याम की मुरलिया की हर गूँज प्यार है. प्यार कर्म प्यार धर्म प्यार प्रभु नाम है." एक तरफ प्यार को "देवल आशीष"की उपरोक्त पंक्तियों से विभूषित किया जाता है तो एक तरफ प्यार को "ब



भावुक सहनशील नारीशक्ति स्वरूप

ये सर्वमान्य तथ्य है कि महिला शक्ति का स्वरुप है और वह अपनों के लिए जान की बाज़ी लगा भी देती है और दुश्मन की जान ले भी लेती है.नारी को अबला कहा जाता है .कोई कोई तो इसे बला भी कहता है किन्तु यदि सकारात्मक रूप से विचार करें तो नारी इस स्रष्टि की वह रचना है जो शक्ति का साक्षात् अवतार है.धेर्य ,सहनशी



उफ ये समाज और बेटियाँ

 'साहब !मैं तो अपनी बेटी को घर ले आता लेकिन यही सोचकर नहीं लाया कि समाज में मेरी हंसी उड़ेगी और उसका ही यह परिणाम हुआ कि आज मुझे बेटी की लाश को ले जाना पड़ रहा है .'' केवल राकेश ही नहीं बल्कि अधिकांश वे मामले दहेज़ हत्या के हैं उनमे यही स्थिति है दहेज़ के दानव पहले



औरत गुलाम है

 अभी अभी एक नए जोड़े को देखा पति चैन से जा रहा था और पत्नी घूंघट में ,भले ही दिखाई दे या न दे किन्तु उसे अब ऐसे ही चलने का अभ्यास करना होगा आखिर करे भी क्यूँ न अब वह विवाहित जो है जो कि एक सामान्य धारणा के अनुसार यह है कि अब वह धरती पर बोझ नहीं है ऐसा हमारे एक परिचित हैं उनका कहना है कि ''जब तक लड़



हिंदू मुस्लिम - क्या हम सब कुछ बांटेंगे?

एक सार्वभौमिक सत्य के बारे में आप सभी जानते ही होंगें कि दूध गाय -भैंस ही देती हैं और जहाँ तक हैं इनका कोई धर्म जाति नहीं होती ,इनमे आपस में होती हो तो पता नहीं किन्तु जहाँ तक इंसान की बात है वह इस सम्बन्ध में कम से कम मेरी जानकारी के अनुसार तो अनभिज्ञ ही कहा जायेगा . पर आज मेरी यह जानकारी धरी की



खादी वाले मोदी -मुहँ में राम बगल में छुरी

  "खुद जिन्दगी के हुस्न का मैयार बेचकर, दुनिया रईस हो गई किरदार बेचकर. " अशोक 'साहिल' के ये शब्द और भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दूसरे के समपूरक नजर आते हैं. चर्चाओं में बने रहने को मोदी कुछ भी कर सकते हैं, कुछ भी कह सकते हैं यह तो उन



कमज़र्फ़ के एहसान से अल्लाह बचाये

''डिग्री, मेहनत और योग्यता, रखी रही बेकार गयी, उनकी हर तिकड़म रंग लाई, हमें शराफत मार गई." सत्ताधारी दल के सामने विपक्ष की यह बेबसी जग जाहिर है. विपक्ष सत्ताधारी दल को हमेशा देश के कानून की पेचीदगियां बता-बताकर उसे बार-बार चे



हिन्दू-मुस्लिम भेद-समझ-समझ का फेर

एक सार्वभौमिक सत्य के बारे में आप सभी जानते ही होंगें कि दूध गाय -भैंस ही देती हैं और जहाँ तक हैं इनका कोई धर्म जाति नहीं होती ,इनमे आपस में होती हो तो पता नहीं किन्तु जहाँ तक इंसान की बात है वह इस सम्बन्ध में कम से कम मेरी जानकारी के अनुसार तो अनभिज्ञ ही कहा जायेगा . पर आज मेरी यह जानकारी धर



महाराष्ट्र के पांच जमातियों से बड़ौत में मारपीट बवाल कांधला में .

महाराष्ट्र के पांच जमातियों से बड़ौत में मारपीट बवाल कांधला में .कांधला अभी २०१३ के दंगों के दंश से उबर भी नहीं पाया था कि १ मई को महाराष्ट्र के पांच जमातियों से बड़ौत रेलवे स्टेशन पर हुई मारपीट ने एक बार फिर यहाँ के हिन्दू मुस्लिम प्रेम में आग लगा दी और परिणाम यह हुआ कि यहाँ इस वक़्त अघोषित कर्फ



एन.जी.टी.सुधारेगा लातों के भूतों को

NGT announces Rs 5,000 fine for open burning of leaves, garbage in Delhi Zee Media Bureau/Salome Phelamei New Delhi: Stepping up its effort to curb pollution, the National Green Tribunal (NGT) on Tuesday announced a fine of Rs 5,000 on individuals spotted burning garbage, leaves, plastic, ru



नारी स्वयं मर्द से गर्दन कटवाने को तैयार

जेसिका के हत्यारे मनु शर्मा ने रचाई शादी [अमर उजाला से साभार ] जेसिका लाल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहा हत्यारा मनु शर्मा (सिद्धार्थ वशिष्ठ) ने मुंबई की लड़की से शादी रचा ली। ये समाचार आज चर्चा का विषय है और कल को एक आम बात हो जायेगा .जब मैं इस विषय पर लिखने चली त



गजेन्द्र की मौत के लिए पुलिस ,मीडिया ,मोदी सरकार और हम सब जिम्मेदार

नेता और उनकी कार्यप्रणाली हमेशा से विवादास्पद रहे हैं और यही हो रहा है इस वक़्त आप की रैली के दौरान दौसा के किसान गजेन्द्र के द्वारा फांसी लगाने पर ,लेकिन क्या हम अक्ल के अंधे नहीं कहे जायेंगे अगर हम वास्तविक स्थितियों को नज़रअंदाज़ कर बेवजह का दोषारोपण आरम्भ कर देते हैं .दिल्ली में आप की किसान रैल



अमर उजाला दैनिक समाचारपत्र भारतीय दंड संहिता-१८६० के अधीन दोषी

अमर उजाला हिंदी दैनिक समाचारपत्र का पृष्ठ -२ पर आज प्रकाशित एक समाचार भारतीय दंड संहिता -१८६० के अधीन उसे अर्थात अमर उजाला को कानून के उल्लंघन का दोषी बनाने हेतु पर्याप्त है जिस पर अमर उजाला ने एक दुष्कर्म पीड़िता , जो कि विक्षिप्त है और उसके परिजनों द्वारा उसके दुष्कर्म के बाद बेड़ियों से बांधक



अपना ज्ञान सुधारो भटकाने वालों- नेहरू सुभाष के बचाने वाले थे

किसी शायर ने खूब सोच-समझकर कहा है - ''हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम , वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती .'' और शायद किसी पर यह पंक्तियाँ खरी उतरें न उतरें नेहरू-गांधी परिवार पर ये पंक्तियाँ अक्षरशः खरी उतरती हैं और देश के लिए बार बार अपनी जान कुर्बान करने के बावजूद इस परिवार



ये जनता भोली कैसे है ! जरा बताएं.

''जवां सितारों को गर्दिश सिखा रहा था , कल उसके हाथ का कंगन घुमा रहा था . उसी दिए ने जलाया मेरी हथेली को , जिसकी लौ को हवा से बचा रहा था .'' तनवीर गाजी का ये शेर बयां करता है वह हालात जो रु-ब-रु कराते हैं हमें हमारे सच से ,हम वही हैं जो सदैव से अपने किये की जिम्मेदारी लेने से बचते रहे



भारतीय दंड संहिता धारा ४९८ -क -एक विश्लेषण

धारा ४९८-क भा. द. विधान 'एक विश्लेषण ' विवाह दो दिलों का मेल ,दो परिवारों का मेल ,मंगल कार्य और भी पता नहीं किस किस उपाधि से विभूषित किया जाता है किन्तु एक उपाधि जो इस मंगल कार्य को कलंक लगाने वाली है वह है ''दहेज़ का व्यापार''और यह व्यापर विवाह के लिए



प्रधानमंत्री जी लालकिले के भाषण को सत्य साबित करें अपने राज्य के परिप्रेक्ष्य में

हिंदू बच्चे भगवा रंग में तो मुस्लिम बच्चों का हरा रंग धर्म के आधार पर ड्रेस निर्धारित करने पर सफाई ''…माना अपनी वेशभूषण और बोलियाँ अनेक हैं , रीति-रिवाज़ धर्म और जाति ,विचारधारा अनेक हैं , पर गूंजती है चहुँ दिशा में दिल की धड़कन एक है … '' अब ये कहना मुमकिन नहीं क्योंकि अब इस



''हे प्रभु अगले जन्म मोहे बिटिया न कीजो .''

कई बार पहले भी देख चुकी 'चक दे इंडिया' को फिर एक बार देख रही थी .बार बार कटु शब्दों से भारतीय नारी का अपमान किया गया किन्तु एक वाकया जिसने वाकई सोचने को मजबूर कर दिया और भारतीय नारी की वास्तविक स्थिति को सामने लाकर खड़ा कर दिया वह वाक्य कहा था फ़िल्म में क्रिकेट खिलाडी अभिमन्यु सिंह ने चंडीगढ़ की ह



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