एडिटोरियल

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३५ए जैसे दमनकारी कानूनों का बोझ देश क्यों उठाए

35A जैसे दमनकारी कानूनों का बोझ देश क्यों उठाए भारत का हर नागरिक गर्व से कहता कि कश्मीर हमारा है लेकिन फिर ऐसी क्या बात है कि आज तक हम कश्मीर के नहीं हैं? भारत सरकार कश्मीर को सुरक्षा सहायता संरक्षण और विशेष अधिकार तक देती है लेकिन फिर भी भारत के नागरिक के कश्मीर में क



जनता तो भगवान बनाती है साहब लेकिन शैतान आप

जनता तो भगवान बनाती है साहब लेकिन शैतान आप 13 मई 2002 को एक हताश और मजबूर लड़की, डरी सहमी सी देश के प्रधानमंत्री को एक गुमनाम ख़त लिखती है। आखिर देश का आम आदमी उन्हीं की तरफ तो आस से देखता है जब वह हर जगह से हार जाता है। निसंदेह इस पत्र की जानकारी उनके कार्याल



आजादी आपनी सोच में लायें

आजादी आपनी सोच में लायें भारत हर साल 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। यह दिन जहां हमारे आजाद होने की खुशी लेकर आता है वहीं इसमें भारत के खण्ड खण्ड होने का दर्द भी छिपा होता है। वक्त के गुजरे पन्नों में भारत से ज्यादा गौरवशाली इतिहास किसी भी देश का नहीं हुआ। लेक



कश्मीर में शान्ति बहाली ही शहीदों को सच्ची श्रधांजलि होगी

कश्मीर में शान्ति बहाली ही शहीदों को सच्ची श्रधांजलि होगी 26 जुलाई 2017, 18 वाँ कारगिल विजय दिवस वो विजय जिसका मूल्य वीरों के रक्त से चुकाया गया, वो दिवस जिसमें देश के हर नागरिक की आँखें विजय की खुशी से अधिक हमारे सैनिकों की शहादत के लिए सम्मान में नम होती हैं । 1999 क



आहार से उपजे विचार ही शिशु के व्यक्तित्व को बनाते हैं

आहार से उपजे विचार ही शिशु के व्यक्तित्व को बनाते हैं क्या मनुष्य केवल देह है या फिर उस देह में छिपा व्यक्तित्व? यह व्यक्तित्व क्या है और कैसे बनता है? भारत सरकार के आयुष मन्त्रालय द्वारा हाल ही में गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं जिसमें कहा गया है कि गर्



क्यों न फिर से निर्भर हो जाए

क्यों न फिर से निर्भर हो जाए आज की दुनिया में हर किसी के लिए आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक माना जाता है। स्त्रियाँ भी स्वावलंबी होना पसंद कर रही हैं और माता पिता के रूप में हम अपने बच्चों को भी आत्मनिर्भर होना सिखा रहे हैं। इसी कड़ी में आज के इस बदलते परिवेश में हम लोग प्ल



विरोध का गिरता स्तर गोवध

विरोध का गिरता स्तर गोवध किसी भी राज्य या फिर राष्ट्र की उन्नति अथवा अवनति में राजनीति की एक अहम भूमिका होती है। मजबूत विपक्ष एवं सकारात्मक विरोध की राजनीति विकास के लिए आवश्यक भी हैं लेकिन केवल विरोध करने के लिए विरोध एवं नफरत की राजनीति जो हमारे देश में आज कुछ लोग कर



सुख की खोज में हमारी खुशी कंहीं खो गई

सुख की खोज में हमारी खुशी कंहीं खो गई ताजा ग्लोबल हैप्पीनैस इंडैक्स में 155 देशों की सूची में भारत 122 स्थान पर है । भारत जैसा देश जहाँ की आध्यात्मिक शक्ति के वशीभूत विश्व भर के लोग शांति की तलाश में खिंचे चले आते हैं , उस देश के लिए यह रिपोर्ट न सिर्फ चौकाने वाली है बल



यह कैसी पढ़ाई है और ये कौन से छात्र हैं

यहकैसी पढ़ाई है और ये कौन से छात्र हैं9 फरवरी 2016 मेंजेएनयू के बाद एक बार फिर 21 फरवरी 2017 कोडीयू में होनेवाली घटना ने सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्यों हमारे छात्र संगठनराजनैतिक मोहरे बनकर रह गए हैं और इसीलिए आज एकदूसरे के साथ नहीं एकदूसरे के खिलाफ हैंइन छात्र संग



क्या यह पूरा न्याय है

क्या यह पूरा न्याय है 'व्यापम' अर्थात व्यवसायिक परीक्षा मण्डल, यह उन पोस्ट पर भर्तियाँ या एजुकेशन कोर्स में एडमिशन करता है जिनकी भर्ती मध्यप्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन नहीं करता है जैसे मेडिकल इंजीनियरिंग पुलिस नापतौल इंस्पेक्टर शिक्षक आदि। साल भर पूरी मेहनत से पढ़कर बच्चे इस परीक्षा को एक बेहतर भविष्



घी गेहूँ नहीं रोज़गार चाहिए साहब

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनाव किसी भी लोकतंत्र का महापर्व होते हैं ऐसा कहा जाता है। पता नहीं यह गर्व का विषय है या फिर विश्लेषण का कि हमारे देश में इन महापर्वों का आयोजन लगा ही रहता है । कभी लोकसभा कभी विधानसभा तो कभी नगरपालिका के चुनाव। लेकिन अफसोस की बा



कई सच छुपाए गए तो कई अधूरे बताए गए

कई सच छुपाए गए तो कई अधूरे बताए गए अपनी आजादी की कीमत तो हमने भी चुकाई है तुम जैसे अनेक वीरों को खो के जो यह पाई है। कहने को तो हमारे देश को 15 अगस्त 1947 में आजादी मिली थी लेकिन क्या यह पूर्ण स्वतंत्रता थी? स्वराज तो हमने हासिल कर लिया था लेकिन उसे ' सुराज ' नहीं बना



नेता जी ने शायद ऐसा अन्त तो नहीं सोचा होगा

नेता जी ने शायद ऐसा अन्त तो नहीं सोचा होगा देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के सबसे शक्तिशाली राजनैतिक परिवार में कुछ समय से चल रहा राजनैतिक ड्रामा लगभग अपने क्लाइमैक्स पर पहुंच ही गया ( कुछ कुछ फेरबदल के साथ )। दरअसल यू पी के होने वाले चुनावों और मुलायम सिंह की छ



किसका दोष है यह

किसका दोष है यह पता नहीं यह दुर्भाग्य केवल उस नौजवान का है या पूरे देश का जिसके झोले में डिग्री , जेब में कलम लेकिन हाथ में झाड़ू और फावड़ा हो । कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में चपरासी अथवा सफाई कर्मचारी के पद के लिए सरकार द्वारा आवेदन मांगें गए थे जिसमें आवश्यकता 368 पदों



एक नए भारत का सृजन

एक नए भारत का सृजन केन्द्र सरकार द्वारा पुराने 500 और 1000 के नोटों का चलन बन्द करने एवं नए 2000 के नोटों के चलन से पूरे देश में थोड़ी बहुत अव्यवस्था का माहौल है। आखिर इतना बड़ा देश जो कि विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों में दूसरे स्थान पर हो थोड़ी बहुत अव्यवस्था त



भारत आतंकवाद के खिलाफ है किसी देश के नहीं

भारत आतंकवाद के खिलाफ है किसी देश के नहीं " वक्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमाँ , हम अभी से क्या बताएँ क्या हमारे दिल में है ।" 29 सितंबर रात 12.30 बजे भारत के स्पेशल कमान्डो फोर्स के जवान जो कि विश्व का सबसे बेहतरीन फोर्स है , Ml-17 हेलिकॉप्टरों से LOC के पार पाक सी





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