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मुक्तक

मुसकुरा कर फूल को ,यार पागल कर दिया प्यार ने अपना जिगर ,नाम तेरे कर दिया आस से ना प्यास से ,दूर से ना पास से आँख तुमसे जब मिली ,बात पूरी कर दिया 



बुलंदशहरों की बुलंदियों को कब तक लगता रहेगा ग्रहण?? | आपकी सहेली ज्योति देहलीवाल

जिसने एक बार हलाहल पान किया, वो सदियों से निलकंठ बन पूजा गया! बलात्कार पीड़िता हर रोज थोड़ा-थोड़ा विषपान करती है, है कोई उपाय जो पीड़िता का ताप कम कर सकेगा???



मेरी प्रकाशित गज़लें और रचनाएँ : मेरी पोस्ट (जब से मैंने गाँव क्या छोड़ा ) जागरण जंक्शन में प्रकाशित)

मेरी पोस्ट (जब से मैंने गाँव क्या छोड़ा ) जागरण जंक्शन में प्रकाशित)प्रस्तुत ब्लॉग में मैनें उन ग़ज़लों और रचनाओं को एक जगह संकलित करने का प्रयास किया है , जिन्हें किसी पत्रिका ,मैग्जीन ,अखबार,संस्करण या किसी वेव साइट में शामिल किया गया है। आशा ही नहीं बल्कि पूरा बिश्वास



ग़ज़ल (इश्क क्या है ,आज इसकी लग गयी हमको खबर ) - Sahityapedia

ग़ज़ल (इश्क क्या है ,आज इसकी लग गयी हमको खबर )हर सुबह रंगीन अपनी शाम हर मदहोश हैवक़्त की रंगीनियों का चल रहा है सिलसिलाचार पल की जिंदगी में ,मिल गयी सदियों की दौलतजब मिल गयी नजरें हमारी ,दिल से दिल अपना मिलानाज अपनी जिंदगी पर ,क्यों न हो हमको भलाकई मुद्द्दतों के बाद फ



फ़ौज़ी का खत प्रेमिका के नाम

कितनी शांत सफेद पड़ीचहु ओर बर्फ की है चादरजैसे कि स्वभाव तुम्हाराकरता है अपनो का आदर||जिस हिम-शृंखला पर बैठाकितनी सुंदर ये जननी है|बहुत दिन हाँ बीत गयेबहुत सी बाते तुमसे करनी है||कभी मुझे लूटने आता हैक्यो वीरानो का आगाज़ करेयहाँ दूर-२ तक सूनापनजैसे की तू नाराज़ लगे||एक चिड़िया रहती है यहाँपास पेड़ क



जीवन को क्या मानो

आज का सुवचन 



काला चश्मा



दांतों का डॉक्टर

हमारे रीजनल मैनेजर गोयल साब आजकल बड़े खुश नज़र आ रहे हैं. मुस्कराहट एक कान से दूसरे कान तक पहुँच रही है .....रीजनल मैनेजर,ब्रांच,मैनेजर,डेंटिस्ट,दांतों का डॉक्टर, Sketches from Life: दांतों का डॉक्टर



मेरी प्रकाशित गज़लें और रचनाएँ : मेरी पोस्ट (जब से मैंने गाँव क्या छोड़ा ) जागरण जंक्शन में प्रकाशित)

 मेरी प्रकाशित गज़लें और रचनाएँ : मेरी पोस्ट (जब से मैंने गाँव क्या छोड़ा ) जागरण जंक्शन में प्रकाशित)



कामागाटा मारू घटना

पिछले दिनों 18 मई 2016 को कनाडा के प्रधान मंत्री ने 1914 की कामागाटा मारू घटना के लिए अपनी सरकार की ओर से माफ़ी मांगीकोमागटा मारू,बाबा गुरदित्त सिंह,जहाज, वैनकूवर,कनाडा, Sketches from Life: कामागाटा मारू घटना



टेलकम पाउडर

स्कूटर पर बैठे नरूला साब गुनगुनाते हुए ख़रामा ख़रामा 30-35 की स्पीड पर बैंक की तरफ जा रहे थे......रीगल,टेलकम पाउडर,फिक्स डिपाजिट,बैंक,ब्रांच, Sketches from Life: टेलकम पाउडर



राजनीति का दलदल

@@@@@@@@@@@@@@@@@@@भ्रष्टाचार को पनाह देने में ,पार्टी नहीं कोई भी कम |सांपनाथ और नागनाथ में,किसको अब चुनेगे हम ?जिस पार्टी पर था भरोसा ,कर रही वो काम अधम |कोई फेंकू, कोई पलटू , नहीं किसी में सच का दम ||@@@@@@@@@@@@@@@@@@@



देकर दुआएँ आज फिर हम पर सितम वो कर गए

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गुप्तकाशी

गुप्तकाशी रूद्रप्रयाग ज़िले का एक हिस्सा है और लगभग 1320 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। हरिद्वार - रूद्र प्रयाग के रास्ते केदारनाथ जाने वाले यात्रियों का गुप्तकाशी एक पड़ाव है।गुप्तकाशी,रूद्रप्रयाग,गढ़वाल, हिमालय, Sketches from Life: गुप्तकाशी



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