ज्ञानचर्चा

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दु:ख का कारण

*इस संसार में मनुष्य सुख एवं दुख के बीच जीवन यापन करता रहता है | मनुष्य को सुख एवं दुख यद्यपि उसके कर्मों के अनुसार मिलते हैं परंतु मनुष्य के दुखों के कारण पर हमारे शास्त्रों में विस्तृत चर्चा की गई है जिसके अनुसार मनुष्य के दुख के तीन मुख्य कारण बताए गए हैं :- १- अज्ञान , २- अशक्ति एवं ३- अभाव | य



मन्त्र में विघ्‍न दूर करने की शक्ति होती है!

आप यह जान लें कि मन्त्र में विघ्‍न दूर करने की शक्ति होती है। भौतिक विज्ञान के जानकार कहते हैं कि ध्वनि कुछ नहीं है मात्र विद्युत के रूपान्तरण के। जबकि अध्यात्म शास्त्री कहते हैं कि



गण्डमूल इतने अशुभ क्यों ? (भाग-2)

    पूर्व लेख में गण्डमूल इतने अशुभ क्यों के अन्तर्गत सन्धि की चर्चा के साथ-साथ यह बता चुके हैं कि सन्धि कैसी भी हो अशुभ होती है। बड़े व छोटे मूल क्या हैं। गण्डान्त मूल और उसका फल क्या है। अब इसी ज्ञान में और वृद्धि करते हैं।    अभुक्त मूल-ज्येष्ठा नक्षत्र के अन्त की 1घटी(24मिनट) तथा मूल नक्षत्र की





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