धर्मचर्चा

सर्व व्यापक परमात्मा :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में यह बताया जाता है कि सृष्टि की रचना करने वाले परम पिता परमात्मा जिन्हें ईश्वर कहा जाता है वे सृष्टि के कण-कण में व्याप्त हैं | कोई भी ऐसा स्थान नहीं है जहां परमात्मा की उपस्थिति न हो | उस परमात्मा का कोई स्वरूप नहीं है | गोस्वामी तुलसीदास जी अपने मानस में लिखते हैं :-- "बिनु पग चलइ सु



सनातन धर्म के कर्तव्य :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल से इस धरा धाम सनातन धर्म अपनी दिव्यता एवं स्थिरता के कारण समस्त विश्व में अग्रगण्य एवं पूज्य रहा है | सनातन धर्म की मान्यतायें एवं इसके विधान का पालन करके मनुष्य ने समस्त विश्व में सनातन धर्म की धर्म ध्वजा फहरायी | सनातन के सारे सिद्धांत सनातन धर्म के धर्मग्रंथों में उद्धृत हुए हैं , जिनका





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