फैज़अहमदफैज़

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Faiz Ahmad Faiz Shayri in Hindi - फैज़ अहमद फैज़ शायरी - गर मुझे इस का यक़ीं हो मेरे हमदम मेरे दोस्त

फैज़ अहमद फैज़ (Faiz Ahmad Faiz) उर्दू भाषा के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक थे। फैज़ की शायरी (Shayri) को न केवल उर्दू बल्कि हिंदी (Hindi) भाषी लोग भी बहुत पसंद करते है| गर मुझे इस का यक़ीं हो मेरे हमदम मेरे दोस्त, फैज़ अहमद फैज़ की सर्वा



फैज़ अहमद फैज़ की दिल-छूती 15 शायरियां - 15 Best soulful Shayri of Faiz Ahmed Faiz in Hindi

फैज़ अहमद फैज़ (Faiz Ahmed Faiz) की शायरी ने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया | आज उनकी मौत को तीन दशक से अधिक हो चूका है पर लोगों के दिल में वो ज़िन्दा है | "बोल, कि लब आजाद हैं तेरे बोल, जबां अब तक है तेरी" - फैज़ के कलम से निकली ऐसी ना जाने कितनी ही शायरी लोगों को जीवन





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